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US Stock Market Crash: अमेरिकी बाजार में 18 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, एक दिन में डूबे 236 लाख करोड़ रुपये; एशियाई बाजार भी धड़ाम

 

अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। नैस्डैक, डाउ जोन्स और S&P 500 समेत प्रमुख इंडेक्स में तेज गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान अमेरिकी बाजार की कुल मार्केट वैल्यू एक ही दिन में करीब 2.5 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग 236 लाख करोड़ रुपये घट गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बाजार में आई इस गिरावट के लिए मिडटर्म चुनाव और डेमोक्रेटिक पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है।

नैस्डैक में पिछले 18 महीनों की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट दर्ज की गई, जबकि S&P 500 अप्रैल 2025 के बाद सबसे ज्यादा टूटा। बाजार में गिरावट के पीछे टेक कंपनियों के शेयरों में बिकवाली, AI सेक्टर पर बढ़ता दबाव और संभावित सख्त नियमों को लेकर निवेशकों की चिंता प्रमुख वजह मानी जा रही है।

Nvidia के शेयर 10% गिरे, टेक कंपनियों पर सबसे ज्यादा दबाव

टेक शेयरों में बिकवाली का सबसे ज्यादा असर नैस्डैक पर दिखाई दिया। दिग्गज चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया के शेयर करीब 10% टूट गए। इसके अलावा मेमोरी चिप बनाने वाली सैनडिस्क के शेयरों में 22% और हार्ड ड्राइव निर्माता वेस्टर्न डिजिटल में 17% की गिरावट दर्ज की गई।

इस बिकवाली के बाद नैस्डैक अपने हालिया रिकॉर्ड स्तर से करीब 10% नीचे आ गया। बाजार की भाषा में इसे 'करेक्शन टेरिटरी' कहा जाता है। निवेशकों को आशंका है कि AI पर कंपनियों का भारी खर्च और भविष्य में संभावित सख्त नियम इस सेक्टर की ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं।

ट्रम्प ने डेमोक्रेट्स को ठहराया जिम्मेदार

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बाजार में आई गिरावट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत के कारण शेयर बाजार को बड़ा झटका लगा है।

ट्रम्प ने कहा कि बाजार को उस ऊंचाई तक पहुंचाने में काफी मेहनत लगी थी, जहां वह पहले कभी नहीं पहुंचा था। उन्होंने निवेशकों के रिटायरमेंट फंड में आई गिरावट का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए रिपब्लिकन नहीं, बल्कि डेमोक्रेट्स जिम्मेदार हैं।

एक अन्य पोस्ट में ट्रम्प ने कहा कि डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत के कारण बाजार में गिरावट आई है और इसके लिए लोगों को खुद जिम्मेदार होना चाहिए।

डाउ जोन्स 1,833 अंक टूटा, सभी सेक्टर्स में गिरावट

अमेरिकी बाजार में गिरावट केवल टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रही। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1,833 अंक यानी 3.4% गिरकर 51,868 पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक में 5.5% और S&P 500 में 4.3% की गिरावट दर्ज की गई।

S&P 500 के सभी 11 सेक्टर्स नुकसान के साथ बंद हुए। इनमें से सात सेक्टर्स में कम से कम 2% की गिरावट आई। भारी मशीनरी निर्माता कैटरपिलर के शेयर 6.4% टूटे, जबकि जेपीमॉर्गन चेस में 4.2% की गिरावट रही। यूनाइटेडहेल्थ और 3M के शेयर भी 3% से ज्यादा नीचे आए।

VIX में 61% उछाल, निवेशकों में बढ़ी घबराहट

अमेरिकी बाजार का फियर इंडेक्स कहे जाने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX) में 61% की तेजी आई। यह ईरान युद्ध के शुरुआती हफ्तों के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है। VIX में उछाल आमतौर पर इस बात का संकेत होता है कि निवेशक आने वाले समय में बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव की आशंका जता रहे हैं।

AI सेक्टर पर नियमों का दबाव

मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद अमेरिका में AI इंडस्ट्री पर सख्त नियम लागू किए जाने और निगरानी बढ़ाने की चर्चाएं तेज हुई हैं। इससे निवेशकों को चिंता है कि AI कंपनियों की भविष्य की योजनाओं और निवेश पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा डेटा सेंटरों के विस्तार की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है। इसका दबाव चिप निर्माता कंपनियों के साथ-साथ AI इंडस्ट्री को उपकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने वाली कंपनियों पर भी दिखाई दिया।

सुरक्षित निवेश की ओर बढ़े निवेशक

शेयर बाजार में भारी गिरावट के बीच निवेशकों ने अमेरिकी सरकारी बॉन्ड जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया। इससे 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी नोट की यील्ड गिरकर 9 सितंबर के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई।

एशियाई बाजारों में भी बिकवाली

अमेरिकी बाजार की गिरावट का असर शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में भी देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई करीब 6% तक गिर गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8% से ज्यादा टूट गया।

क्या है VIX और करेक्शन टेरिटरी?

  • VIX: इसे बाजार का फियर इंडेक्स कहा जाता है। यह अगले 30 दिनों में शेयर बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव का अनुमान दर्शाता है। इसमें तेजी आने का मतलब है कि निवेशकों के बीच अनिश्चितता और डर बढ़ रहा है।
  • करेक्शन टेरिटरी: जब कोई शेयर या बाजार इंडेक्स अपने हालिया उच्चतम स्तर से 10% या उससे ज्यादा गिर जाता है, तो उसे करेक्शन में माना जाता है। यह बाजार में कमजोरी और निवेशकों की सतर्कता का संकेत होता है।