×

US Fed Rate Hike: अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने से शेयर बाजारों में हलचल, महंगाई और तेल कीमतों पर फोकस
 

 

अमेरिका के केंद्रीय बैंक Federal Reserve के ब्याज दरों को लेकर फैसले का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर दिखाई दे रहा है. फेड ने करीब तीन साल बाद पहली बार ब्याज दर में बढ़ोतरी की है. केंद्रीय बैंक ने दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि करते हुए इसे 3.75-4 फीसदी से बढ़ाकर 4-4.25 फीसदी के दायरे में कर दिया है.
इस फैसले के पीछे अमेरिका में बनी महंगाई की स्थिति, बढ़ती ऊर्जा कीमतें और मध्य-पूर्व में जारी तनाव जैसे कारकों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फेड का फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर महंगाई का दबाव बना हुआ है, जबकि लेबर मार्केट अभी भी अपेक्षाकृत मजबूत है.
फेड के फैसले के बाद अमेरिकी बाजार में दबाव
ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली. पिछले कारोबारी सत्र में Dow Jones Industrial Average करीब 1.21 फीसदी गिरा.
इसी तरह S&P 500 में 0.45 फीसदी और Nasdaq Composite में करीब 0.012 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. बाजार में पहले से ही इस रेट हाइक की उम्मीद की जा रही थी, इसलिए फेड का फैसला पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं रहा.
Federal Open Market Committee यानी FOMC ने 12-0 के वोट से ब्याज दर बढ़ाने का फैसला लिया.
क्या आगे एक और Rate Hike हो सकती है?
फेड के नए आर्थिक अनुमानों से आगे भी ब्याज दरों को लेकर बाजार की नजर बनी हुई है. उपलब्ध प्रोजेक्शन में इस साल एक और रेट हाइक की संभावना का संकेत मिला है.
18 फेड अधिकारियों में से 16 अधिकारियों ने एक और दर बढ़ोतरी की संभावना जताई. वहीं चार अधिकारियों ने दो अतिरिक्त बढ़ोतरी की संभावना देखी, जबकि दो अधिकारियों का अनुमान था कि एक बढ़ोतरी के बाद दरों को स्थिर रखा जा सकता है.
इससे संकेत मिलता है कि आगे की मौद्रिक नीति महंगाई और आर्थिक आंकड़ों पर काफी हद तक निर्भर करेगी.
महंगाई अभी भी फेड के लिए चुनौती
फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के मुताबिक अमेरिका में महंगाई लंबे समय से अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर बनी हुई है. केंद्रीय बैंक के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि महंगाई पर्याप्त तेजी से 2 फीसदी के लक्ष्य की तरफ बढ़ रही है.
हालिया आर्थिक आंकड़ों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था और रोजगार बाजार में मजबूती के संकेत मिले हैं, लेकिन महंगाई अभी भी केंद्रीय बैंक के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है. मध्य-पूर्व में तनाव और ऊर्जा कीमतों में संभावित बढ़ोतरी भी फेड के लिए अतिरिक्त जोखिम पैदा कर रही है.


Inflation अनुमान में किया गया बदलाव
फेड अधिकारियों ने महंगाई के अपने अनुमान में भी मामूली बदलाव किया है. इस साल Headline PCE Price Index का अनुमान बढ़ाकर करीब 3.7 फीसदी किया गया है.
वहीं, खाद्य और ऊर्जा की कीमतों को हटाकर देखे जाने वाले Core PCE का अनुमान करीब 3.4 फीसदी रखा गया है. दोनों अनुमान जून में जारी किए गए पिछले अनुमान से 0.1 प्रतिशत अधिक हैं.
फेड को उम्मीद है कि आने वाले समय में महंगाई में कमी आएगी और 2027 के दौरान इसमें ज्यादा गिरावट देखने को मिल सकती है. हालांकि 2 फीसदी के लक्ष्य तक पहुंचने में अभी समय लग सकता है.
Oil Prices और Jobs Market पर भी नजर
अमेरिकी महंगाई पर कच्चे तेल की कीमतों का असर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अगर ऊर्जा कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो इससे महंगाई की उम्मीदें बढ़ सकती हैं और इसका असर अर्थव्यवस्था के दूसरे हिस्सों पर भी पड़ सकता है.
दूसरी ओर, अमेरिकी रोजगार बाजार को लेकर फेड के अनुमान में कुछ स्थिरता दिखाई गई है. बेरोजगारी दर का अनुमान करीब 4.1 फीसदी रखा गया है.
अब निवेशकों की नजर आगे आने वाले अमेरिकी महंगाई, रोजगार और ऊर्जा कीमतों से जुड़े आंकड़ों पर रहेगी, क्योंकि इन्हीं से फेड की अगली मौद्रिक नीति की दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं.