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Urad Dal Farming: किसानों को उड़द के बीज पर मिलेगी 50% सब्सिडी, ऐसे करें बुकिंग
 

 

खेती की बढ़ती लागत किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है. बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर होने वाला खर्च बढ़ने से खेती से होने वाली आमदनी पर भी असर पड़ता है. खासतौर पर छोटे किसानों के लिए हर सीजन में महंगे बीज खरीदना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में दलहन की खेती उनके लिए एक विकल्प बन सकती है.

उड़द की फसल कम अवधि में तैयार होने वाली दलहनी फसलों में शामिल है. इसकी बाजार में मांग भी बनी रहती है. इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश में उड़द की खेती करने वाले किसानों के लिए बीज पर सब्सिडी की सुविधा दी जा रही है. कृषि विभाग की ओर से सब्सिडी वाले बीज की ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया शुरू की गई है.

उड़द के बीज पर 50 फीसदी तक की सब्सिडी
उत्तर प्रदेश में किसान प्रमाणित उड़द बीज को सब्सिडी के साथ खरीद सकते हैं. योजना के तहत बीज की निर्धारित कीमत का 50 प्रतिशत हिस्सा सरकार की ओर से वहन किया जाएगा, जबकि बाकी रकम किसान को देनी होगी.
हालांकि, किसान को मिलने वाली वास्तविक सब्सिडी बीज की किस्म, पैकेट के वजन और विभाग की निर्धारित दर पर निर्भर कर सकती है. बीज की मात्रा भी किसान की जमीन और योजना के तहत तय सीमा के आधार पर निर्धारित हो सकती है.

प्रमाणित बीज का इस्तेमाल करने से अच्छी गुणवत्ता वाले बीज मिलने की संभावना बढ़ती है. लेकिन केवल बेहतर बीज से ही अच्छी पैदावार सुनिश्चित नहीं होती. किसानों को बुवाई का सही समय, खेत में जल निकासी और फसल को कीटों से बचाने पर भी ध्यान देना जरूरी है.
सब्सिडी के लिए Farmer Registry जरूरी
सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए किसान की Farmer Registry पूरी होना जरूरी है. इसमें किसान की पहचान और जमीन से संबंधित जानकारी को रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है.

जिन किसानों ने अभी तक Farmer Registry नहीं कराई है, उन्हें पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है. इसके लिए नजदीकी जनसेवा केंद्र या कृषि विभाग के कार्यालय की मदद ली जा सकती है.
रजिस्ट्रेशन के दौरान आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और जमीन के रिकॉर्ड जैसी जानकारी की जरूरत पड़ सकती है. अगर आधार और जमीन के दस्तावेजों में नाम या दूसरी जानकारी अलग है तो आवेदन से पहले उसे ठीक कराना बेहतर होगा.
ऐसे करें उड़द बीज की ऑनलाइन बुकिंग
सब्सिडी पर उड़द का बीज लेने के लिए किसान उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं. वहां बीज बुकिंग से संबंधित विकल्प चुनकर किसान को अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और मांगी गई अन्य जानकारी दर्ज करनी होगी.
इसके बाद किसान को अपना जिला और ब्लॉक चुनना होगा. फिर उड़द की फसल, उपलब्ध बीज की किस्म और आवश्यक मात्रा का चयन किया जा सकता है. सभी जानकारी सही होने की पुष्टि करने के बाद आवेदन सबमिट करना होगा.

बुकिंग पूरी होने के बाद मिलने वाली रसीद या बुकिंग नंबर को सुरक्षित रखना जरूरी है. इसी के आधार पर आगे बीज प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी हो सकती है.
बीज लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी होने पर किसान नजदीकी जनसेवा केंद्र या राजकीय कृषि बीज भंडार से जानकारी ले सकते हैं. अलग-अलग जिलों में बीज की उपलब्धता और वितरण केंद्र अलग हो सकते हैं, इसलिए बुकिंग के बाद संबंधित केंद्र और वितरण की तारीख की जानकारी जरूर लें.
बीज प्राप्त करते समय पैकेट की सील, बीज की किस्म, बैच नंबर और वैधता से जुड़ी जानकारी जांच लें. किसी अनजान व्यक्ति को पैसे देकर बीज की बुकिंग कराने से बचें और सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए केवल आधिकारिक माध्यम का इस्तेमाल करें.