UPI MDR Charges: 15 अक्टूबर से बदलेंगे UPI पेमेंट के नियम, PhonePe-Google Pay को मिल सकता है बड़ा फायदा
UPI पेमेंट को लेकर 15 सितंबर को घोषित किए गए नए Merchant Discount Rate यानी MDR ने डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री में चर्चा बढ़ा दी है. नए नियम के तहत 15 अक्टूबर 2026 से कुछ बड़े मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी MDR लागू होगा. हालांकि, इस शुल्क का भुगतान ग्राहक नहीं बल्कि पात्र व्यापारी और पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़े पक्ष करेंगे.
नए शुल्क ढांचे के बीच ब्रोकरेज फर्म Bernstein ने पेमेंट कंपनियों की संभावित कमाई को लेकर भी अनुमान जारी किया है. इसके मुताबिक, मार्च 2028 तक UPI MDR से पेमेंट ऐप्स के लिए सालाना करीब 1.1 अरब डॉलर का अतिरिक्त रेवेन्यू पूल बन सकता है. मौजूदा बाजार हिस्सेदारी के आधार पर PhonePe और Google Pay को मिलाकर करीब 900 मिलियन डॉलर तक का हिस्सा मिल सकता है.
15 अक्टूबर से लागू होगा नया MDR
नए नियम के तहत 2,000 रुपये से अधिक के पात्र Person-to-Merchant यानी P2M UPI पेमेंट पर 0.4 फीसदी MDR लगेगा. हालांकि, 75,000 रुपये या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा.
वहीं, 2,000 रुपये तक के पात्र UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा. छोटे कारोबारियों के लिए भी कुछ छूट का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P पेमेंट इस MDR के दायरे में नहीं आएंगे.
PhonePe और Google Pay को क्यों हो सकता है फायदा?
UPI मार्केट में PhonePe और Google Pay की हिस्सेदारी काफी बड़ी है. Reuters के मुताबिक, दोनों प्लेटफॉर्म मिलकर UPI ट्रांजैक्शन मार्केट का करीब 80 फीसदी हिस्सा संभालते हैं. ऐसे में MDR से बनने वाले अतिरिक्त रेवेन्यू में इन कंपनियों की हिस्सेदारी भी महत्वपूर्ण हो सकती है.
Bernstein का अनुमान है कि मार्च 2028 तक पेमेंट ऐप्स के लिए सालाना करीब 1.1 अरब डॉलर का रेवेन्यू पूल बन सकता है. मौजूदा बाजार हिस्सेदारी को आधार मानें तो PhonePe और Google Pay को मिलाकर करीब 900 मिलियन डॉलर तक का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलने की संभावना जताई गई है. यह अनुमान है, निश्चित कमाई का आंकड़ा नहीं.
UPI से जुड़े कारोबार को मिलेगा नया रेवेन्यू मॉडल
UPI लंबे समय से जीरो-MDR मॉडल पर काम कर रहा था. नए शुल्क ढांचे से बैंक, पेमेंट ऐप्स और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए UPI ट्रांजैक्शन से कमाई का एक नया स्रोत तैयार होगा.
Bernstein ने पूरे UPI इकोसिस्टम के लिए FY28 तक करीब 22,000 करोड़ रुपये के सालाना रेवेन्यू पूल का अनुमान लगाया है. इसमें बैंकों और पेमेंट ऐप्स समेत अलग-अलग हिस्सेदारों को हिस्सा मिल सकता है.
क्या ग्राहकों से भी वसूला जाएगा पैसा?
इस बदलाव को लेकर UPI यूजर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उन्हें पेमेंट करते समय अतिरिक्त शुल्क देना होगा. मौजूदा नियमों के मुताबिक MDR ग्राहक से वसूलने के लिए नहीं है. सरकार ने बैंकों और पेमेंट सिस्टम से जुड़े पक्षों को इसे ग्राहकों पर डालने से रोकने की व्यवस्था की है.
उदाहरण के तौर पर, अगर कोई ग्राहक 3,000 रुपये का पात्र UPI पेमेंट करता है, तो MDR का भुगतान व्यापारी की ओर से किया जाएगा; ग्राहक से अलग से 12 रुपये वसूलने का प्रावधान नहीं है.
कारोबारियों की चिंता भी सामने आई
दूसरी ओर, कुछ कारोबारी संगठनों ने नए MDR को लेकर चिंता जताई है. उनका तर्क है कि डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने की लागत बढ़ने से छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. कुछ उद्योग प्रतिनिधियों ने आशंका जताई है कि इससे कुछ व्यापारी कैश पेमेंट को प्राथमिकता दे सकते हैं.
हालांकि, UPI के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और इसकी सुविधा को देखते हुए उद्योग में यह भी माना जा रहा है कि सिर्फ MDR लागू होने से ग्राहक बड़े पैमाने पर कैश की ओर लौटेंगे या नहीं, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा.
UPI का नया दौर
नया MDR मॉडल UPI के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत है. एक तरफ इससे पेमेंट कंपनियों और बैंकिंग इकोसिस्टम के लिए अतिरिक्त रेवेन्यू का रास्ता खुलेगा, वहीं दूसरी तरफ व्यापारियों की लागत और डिजिटल पेमेंट की आदतों पर इसके असर पर नजर रहेगी.
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के पात्र मर्चेंट UPI पेमेंट पर 0.4 फीसदी MDR लागू होगा, लेकिन इसका सीधा शुल्क ग्राहक से लेने का प्रावधान नहीं है.