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व्यापार समझौता लागू: अब भारत में सस्ते मिलेंगे न्यूजीलैंड के कीवी और कपड़े, सभी भारतीय सामानों पर खत्म हुआ आयात शुल्क

 

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) लागू हो गया है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में अपने उत्पाद बिना आयात शुल्क के बेचने का अवसर मिलेगा। वहीं, न्यूजीलैंड से भारत आने वाले कुछ उत्पादों पर भी आयात शुल्क में राहत मिल सकती है।

भारतीय कपड़े और जूते होंगे ज्यादा प्रतिस्पर्धी

इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने भारत से आने वाले सामानों की सभी टैरिफ श्रेणियों पर आयात शुल्क खत्म करने का प्रावधान किया है। इससे भारतीय कपड़ा उद्योग, रेडीमेड गारमेंट्स, चमड़े के उत्पाद, जूते-चप्पल और इंजीनियरिंग सामान बनाने वाली कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।आयात शुल्क हटने से भारतीय उत्पाद न्यूजीलैंड के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध हो सकेंगे। इससे भारतीय कारोबारियों को नए ग्राहक मिलने और निर्यात बढ़ने की संभावना है।

क्या भारत में सस्ते होंगे न्यूजीलैंड के कीवी?

इस व्यापार समझौते से न्यूजीलैंड के कीवी फल, सेब और मनुका शहद जैसे उत्पादों को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिल सकती है। हालांकि, इन उत्पादों पर शुल्क में राहत अलग-अलग शर्तों और निर्धारित व्यवस्थाओं के अधीन होगी।इसलिए यह कहना सही नहीं है कि न्यूजीलैंड से आने वाले सभी कीवी फल अब पूरी तरह शुल्क-मुक्त हो जाएंगे। आयात शुल्क में राहत मिलने से कुछ उत्पादों की लागत घट सकती है, लेकिन बाजार में उनकी कीमत कितनी कम होगी, यह परिवहन खर्च, आयात लागत और विक्रेताओं के मार्जिन पर भी निर्भर करेगा।

भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश की उम्मीद

समझौते के तहत न्यूजीलैंड की ओर से अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता भी शामिल है। इससे विनिर्माण, कृषि-प्रसंस्करण, बुनियादी ढांचे और अन्य क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है।निवेश बढ़ने से कारोबार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं और रोजगार को भी बढ़ावा मिल सकता है।

2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

भारत और न्यूजीलैंड ने 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर लगभग 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य कारोबार की लागत कम करना, बाजार तक पहुंच आसान बनाना और दोनों देशों के आर्थिक संबंध मजबूत करना है।

आम लोगों को क्या फायदा होगा?

इस समझौते से कुछ आयातित उत्पादों की कीमतों में कमी आने की संभावना है। हालांकि, हर सामान सस्ता होगा, इसकी गारंटी नहीं है। भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड में बेहतर बाजार पहुंच मिलने से भारत के कपड़ा, चमड़ा और अन्य उद्योगों को फायदा हो सकता है।कुल मिलाकर, भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौता दोनों देशों के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे भारतीय कंपनियों को विदेशों में कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलेगा, जबकि भारतीय उपभोक्ताओं को कुछ न्यूजीलैंड उत्पादों पर भविष्य में कीमतों में राहत मिल सकती है।