डेडलाइन मिस होने का टेंशन खत्म! EPFO ने बढ़ाई तारीख, अब 31 अक्टूबर तक जमा कर सकेंगे PF कॉन्ट्रीब्यूशन
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सितंबर 2026 के प्रोविडेंट फंड (PF) रिटर्न दाखिल करने और योगदान जमा करने की समयसीमा बढ़ा दी है। पहले कंपनियों को यह प्रक्रिया 15 अक्टूबर तक पूरी करनी थी, लेकिन अब उन्हें 31 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया गया है। यानी कंपनियों को 16 दिन की अतिरिक्त राहत मिली है।
यह फैसला PF की वेतन सीमा में बदलाव के बाद कंपनियों को वेतन और योगदान की गणना करने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए लिया गया है। हालांकि, यह राहत केवल सितंबर 2026 के लिए है। अन्य महीनों की समयसीमा में बदलाव की जानकारी नहीं दी गई है।
31 अक्टूबर तक जमा करना होगा PF का पैसा
EPFO ने सर्कुलर के माध्यम से सितंबर महीने के लिए इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ECR) दाखिल करने और PF का योगदान जमा करने की समयसीमा बढ़ाने की जानकारी दी है।
ECR के जरिए कंपनियां कर्मचारियों के वेतन, PF योगदान और संबंधित जानकारी का विवरण जमा करती हैं। समयसीमा बढ़ने से कंपनियों को रिकॉर्ड की जांच करने, योगदान की सही गणना करने और रिटर्न में संभावित गलतियों को सुधारने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
ध्यान देने वाली बात यह है कि समयसीमा बढ़ने का लाभ मुख्य रूप से नियोक्ताओं यानी कंपनियों को मिला है। कर्मचारियों को अलग से PF रिटर्न दाखिल करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह जिम्मेदारी कंपनी की होती है।
PF की वेतन सीमा में क्या बदलाव हुआ?
दी गई जानकारी के मुताबिक, 17 सितंबर 2026 से PF की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी गई है। महीने के बीच में बदलाव लागू होने के कारण सितंबर के वेतन और PF योगदान की गणना को लेकर कंपनियों को विशेष ध्यान देना होगा।
बताए गए नियम के अनुसार, गणना के दौरान दो अवधियों को ध्यान में रखना होगा:
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1 से 16 सितंबर: पुरानी ₹15,000 की वेतन सीमा।
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17 से 30 सितंबर: संशोधित ₹25,000 की वेतन सीमा।
कंपनियों को यह देखना होगा कि बदलाव संबंधित कर्मचारियों पर किस तरह लागू होता है और उनके PF योगदान की गणना किस आधार पर की जानी चाहिए।
क्या हर कर्मचारी का PF अब ₹25,000 के आधार पर कटेगा?
इस सवाल का जवाब जरूरी नहीं कि हां हो। वेतन सीमा में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी का PF योगदान अपने आप ₹25,000 के आधार पर कटने लगेगा।
PF की गणना कर्मचारी की पात्रता, लागू नियमों, वेतन की संबंधित श्रेणी और कर्मचारी पर लागू योजना के प्रावधानों के अनुसार की जाती है। इसलिए कंपनियों को बिना जांच किए सभी कर्मचारियों के योगदान में एक जैसा बदलाव नहीं करना चाहिए।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹20,000 है, तो कंपनी को यह जांचना होगा कि संशोधित सीमा और संबंधित नियम उसके मामले में कैसे लागू होते हैं। सही गणना के लिए पेरोल रिकॉर्ड और लागू EPFO निर्देशों का मिलान करना जरूरी है।
कर्मचारियों को अब क्या करना चाहिए?
हालांकि PF रिटर्न दाखिल करने की जिम्मेदारी कंपनी की होती है, लेकिन कर्मचारियों को भी अपने खाते की जानकारी समय-समय पर जांचते रहना चाहिए।
कर्मचारी इन तीन बातों पर ध्यान दें:
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PF पासबुक चेक करें: देखें कि सितंबर महीने का योगदान खाते में जमा हुआ है या नहीं।
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योगदान की राशि मिलाएं: अपनी सैलरी स्लिप में दर्ज PF कटौती की तुलना पासबुक में जमा रकम से करें।
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पैसा न दिखने पर संपर्क करें: यदि कंपनी ने योगदान काटा है, लेकिन पासबुक में रकम दिखाई नहीं दे रही, तो अपनी कंपनी की HR या पेरोल टीम से जानकारी लें।
ध्यान रखें कि योगदान जमा होने के बाद पासबुक में अपडेट दिखने में कुछ समय लग सकता है। इसलिए तुरंत गड़बड़ी मानने के बजाय पहले संबंधित रिकॉर्ड और अपडेट की स्थिति जांचें।
कंपनियों को 31 अक्टूबर से पहले क्या करना होगा?
समयसीमा बढ़ने के बाद भी कंपनियों की जिम्मेदारी खत्म नहीं हुई है। उन्हें निर्धारित तारीख तक ECR दाखिल करने और लागू PF योगदान जमा करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
कंपनियों को खास तौर पर इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
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सितंबर के दोनों अवधियों के वेतन और PF गणना की जांच करना।
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कर्मचारियों की पात्रता और उन पर लागू नियमों का सत्यापन करना।
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ECR में दर्ज वेतन और योगदान का पेरोल रिकॉर्ड से मिलान करना।
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PF, EPS और EDLI के तहत लागू प्रावधानों के अनुसार भुगतान करना।
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वेतन, कटौती और योगदान से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखना।
इससे रिटर्न में गलतियां होने की आशंका कम होगी और भविष्य में किसी जांच या सुधार की जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड उपलब्ध रहेंगे।
कर्मचारियों के लिए क्या है इसका मतलब?
EPFO की ओर से बताई गई समयसीमा में विस्तार से कंपनियों को सितंबर 2026 का PF रिटर्न और योगदान जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मिला है। कर्मचारियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि उनकी सैलरी से काटा गया PF सही तरीके से खाते में जमा हुआ है या नहीं, इसकी जांच करें।