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एशिया में बदला इकॉनमी का गेम! भारत से भी तेज दौड़ रहीं इन 3 पड़ोसी/एशियाई देशों की अर्थव्यवस्थाएं

 

भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार इस वित्त वर्ष में मजबूत रहने की उम्मीद है। RBI ने वित्त वर्ष के लिए भारत की GDP ग्रोथ 7.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। हालांकि, तिमाही आंकड़ों को देखें तो आगे की अवधि में आर्थिक विकास की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है।चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ 7.8 फीसदी रही थी। RBI के अनुमान के मुताबिक दूसरी तिमाही में यह 7.2 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.9 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.8 फीसदी रह सकती है।यानी पहली तिमाही के मुकाबले आने वाली तिमाहियों में ग्रोथ धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है। इसके बावजूद भारत दुनिया की प्रमुख बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रह सकता है।

World Bank ने भी बढ़ाया भारत की ग्रोथ का अनुमान

भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर World Bank का अनुमान भी सकारात्मक हुआ है। विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 7.1 फीसदी कर दिया है।यह उसके अप्रैल में लगाए गए अनुमान से 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है। विश्व बैंक के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग, कृषि क्षेत्र में सुधार, टैक्स में राहत और निर्यात में बेहतर प्रदर्शन भारत की आर्थिक ग्रोथ को मजबूती दे सकते हैं।विश्व बैंक का मानना है कि भारत वैश्विक आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रख सकता है।

लेकिन एशिया के 3 देश भारत से आगे

अगर दुनिया की सिर्फ बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की बात करें तो भारत की रफ्तार बेहद मजबूत है। लेकिन एशिया के सभी देशों को शामिल करने पर तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है।Asian Development Bank (ADB) के सितंबर 2026 के आउटलुक के मुताबिक इस साल भारत की GDP ग्रोथ करीब 7 फीसदी रह सकती है। वहीं, एशिया के तीन देश भारत से ज्यादा तेजी से बढ़ सकते हैं।

देश अनुमानित GDP Growth
ताइवान 11%
किर्गीजस्तान 8.9%
वियतनाम 7.8%
भारत 7%
ताजिकिस्तान 7%
उज्बेकिस्तान 7%
भूटान 6.5%
जॉर्जिया 6.3%
तुर्कमेनिस्तान 6.3%
मंगोलिया 5.7%
इंडोनेशिया 5.2%
सिंगापुर 5%
चीन 4.6%

चीन की ग्रोथ भारत से काफी पीछे रहने का अनुमान

एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल चीन की GDP ग्रोथ इस साल करीब 4.6 फीसदी रहने का अनुमान है। यानी भारत की अनुमानित 7 फीसदी ग्रोथ के मुकाबले चीन की आर्थिक रफ्तार काफी कम रहने की संभावना है।

पिछले दो दशकों में चीन वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रमुख ग्रोथ इंजन में रहा है, लेकिन मौजूदा अनुमानों के मुताबिक उसकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार भारत से काफी पीछे रह सकती है।

भारत के लिए क्या है अच्छी खबर?

भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ी ताकत घरेलू मांग को माना जा रहा है। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में सुधार, टैक्स में राहत और निर्यात में मजबूती भी ग्रोथ को सपोर्ट कर सकती है।

हालांकि, RBI के तिमाही अनुमानों से संकेत मिलता है कि वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 7.8 फीसदी के मुकाबले आगे ग्रोथ कुछ नरम हो सकती है।

फिर भी करीब 7 फीसदी की GDP ग्रोथ भारत को दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ने वाले देशों में बनाए रख सकती है। खास बात यह है कि भारत की ग्रोथ चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था से काफी आगे रहने का अनुमान है।