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इतिहास रचने निकला देश का सबसे बड़ा IPO: पहले दिन ही 100% फुल, 23 अक्टूबर तक बोली लगाने का मौका

 

देश के सबसे बड़े IPO में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू को पहले ही दिन निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। 21 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे तक यह IPO कुल 1.64 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब ₹30,188 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। IPO के लिए प्रति शेयर प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 तय किया गया है और निवेशक इसमें 23 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं।

एक लॉट में 12 शेयर रखे गए हैं। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशक को कम से कम ₹13,428 लगाने होंगे। वहीं, अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए आवेदन करने पर करीब ₹1.88 लाख की जरूरत होगी। ग्रे मार्केट में चल रहे प्रीमियम के आधार पर शेयर की लिस्टिंग करीब ₹1,371 पर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक होता है और वास्तविक लिस्टिंग कीमत इससे अलग हो सकती है।

दोपहर 1 बजे तक IPO को 1.64 गुना सब्सक्रिप्शन

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, IPO के तहत कुल 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले निवेशकों ने करीब 32.41 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन किया था। संस्थागत निवेशकों की ओर से सबसे ज्यादा मांग देखने को मिली।

  • क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): अपने आरक्षित हिस्से के मुकाबले 4.86 गुना सब्सक्रिप्शन।

  • रिटेल निवेशक: निर्धारित कोटे का 46% सब्सक्राइब।

  • कर्मचारी: आरक्षित हिस्से का 99% सब्सक्राइब।

  • रिलायंस के शेयरहोल्डर्स: अपने लिए निर्धारित कोटे का 87% सब्सक्राइब।

ये आंकड़े दोपहर 1 बजे तक की स्थिति पर आधारित हैं। IPO बंद होने तक सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।

₹1,119 के शेयर पर ₹252 का GMP

जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP करीब ₹252 बताया गया है। अपर प्राइस बैंड ₹1,119 में इस प्रीमियम को जोड़ने पर संभावित लिस्टिंग कीमत ₹1,371 निकलती है। इस आधार पर निवेशकों को करीब 22.52% लिस्टिंग गेन मिलने का अनुमान है।

हालांकि, GMP किसी आधिकारिक एक्सचेंज का आंकड़ा नहीं है। यह अनौपचारिक बाजार की गतिविधियों पर आधारित होता है, इसलिए इससे लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती।

कर्मचारियों और रिलायंस शेयरहोल्डर्स के लिए विशेष कोटा

IPO में कर्मचारियों और पात्र रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरहोल्डर्स के लिए कुल ₹3,000 करोड़ तक के शेयर आरक्षित रखे गए हैं।

  • कर्मचारियों के लिए: ₹500 करोड़ तक के शेयर आरक्षित हैं। उन्हें प्रति शेयर ₹54 की छूट भी दी जाएगी।

  • रिलायंस शेयरहोल्डर्स के लिए: पात्र निवेशकों के लिए ₹2,500 करोड़ तक का कोटा रखा गया है।

शेयरहोल्डर रिजर्वेशन का लाभ उन पात्र व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) को मिल सकता है, जिनके पास निर्धारित पात्रता शर्तों के अनुसार 14 अक्टूबर तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के सार्वजनिक इक्विटी शेयर थे। यह लाभ IPO के नियमों और नियामकीय शर्तों के अधीन होगा।

IPO में किस कैटेगरी के लिए कितना हिस्सा?

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में निवेशकों की अलग-अलग श्रेणियों के लिए हिस्सेदारी निर्धारित की गई है।

  • क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): 50%

  • नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): 15%

  • रिटेल निवेशक: 35%

इन श्रेणियों के तहत मिलने वाले शेयरों का आवंटन संबंधित नियमों और आवेदन की स्थिति के आधार पर किया जाएगा।

IPO से जुटाई रकम का इस्तेमाल कहां होगा?

कंपनी के मुताबिक, IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल उसकी प्रमुख सब्सिडियरी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के कर्जों के भुगतान और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

इश्यू के बाद प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 66.43% से घटकर 64.48% रहने का अनुमान है। वहीं, सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग 33.57% से बढ़कर 35.52% हो जाएगी।

IPO से पहले एंकर निवेशकों से जुटाए ₹8,110 करोड़

जियो प्लेटफॉर्म्स ने IPO से पहले 212 एंकर निवेशकों से ₹8,110 करोड़ जुटाए। एंकर बुक को 30 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिलने की जानकारी दी गई थी। एंकर निवेशकों में बड़े वैश्विक एसेट मैनेजर, सॉवरेन वेल्थ फंड, भारतीय म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और पेंशन फंड शामिल थे।

एंकर निवेशक आम तौर पर बड़े संस्थागत निवेशक होते हैं, जिन्हें IPO में सार्वजनिक सब्सक्रिप्शन शुरू होने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत शेयर आवंटित किए जाते हैं।

अगस्त में SEBI से मिली थी मंजूरी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 जून को ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। इसके बाद 28 अगस्त को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से ऑब्जर्वेशन लेटर मिला। कंपनी ने 14 अक्टूबर को रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल किया था।

जियो के पास 53.3 करोड़ सब्सक्राइबर्स

जियो प्लेटफॉर्म्स देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 30 जून 2026 तक कंपनी का कुल सब्सक्राइबर बेस 53.3 करोड़ था। इनमें 28.49 करोड़ 5G यूजर्स शामिल थे।

मुंबई स्थित जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस समूह की टेक्नोलॉजी कंपनी है। मोबाइल नेटवर्क सेवाओं के अलावा कंपनी 5G नेटवर्क, डिजिटल सेवाओं और तकनीकी समाधानों के क्षेत्र में भी काम करती है।

IPO क्या होता है?

IPO यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग वह प्रक्रिया है, जिसके जरिए कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम निवेशकों के लिए बाजार में पेश करती है। इसके माध्यम से कंपनी निवेशकों से पूंजी जुटाती है। IPO में जारी किए गए शेयर बाद में स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो सकते हैं और उनकी खरीद-बिक्री की जा सकती है।

GMP क्या बताता है?

ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) वह अनुमानित अतिरिक्त कीमत है, जिस पर अनौपचारिक बाजार में IPO के शेयरों को लेकर सौदे किए जाने की जानकारी सामने आती है। निवेशक इसका इस्तेमाल संभावित लिस्टिंग कीमत का अंदाजा लगाने के लिए करते हैं।

लेकिन GMP आधिकारिक शेयर बाजार का आंकड़ा नहीं है। इसमें बदलाव हो सकता है और वास्तविक लिस्टिंग कीमत अनुमान से कम या ज्यादा रह सकती है। इसलिए निवेश से पहले IPO की आधिकारिक जानकारी, कंपनी के वित्तीय विवरण और अपने जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी है।