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कर्ज फ्री हुई ₹14 के शेयर वाली कंपनी, सोने-चांदी के कारोबार में है सक्रिय

 

शेयर बाजार में करीब 14 रुपये के भाव वाला ज्वेलरी सेक्टर का स्टॉक PC Jeweller इन दिनों चर्चा में है। कंपनी ने 25 सितंबर 2026 को बड़ा अपडेट देते हुए बताया कि उसने कंसोर्टियम के सभी 14 बैंकों का बकाया चुका दिया है और अब कंपनी कर्ज-मुक्त हो गई है। कंपनी का कुल कर्ज करीब 3,000 करोड़ रुपये था।

सभी 14 बैंकों का बकाया चुकाया

PC Jeweller ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि उसने सेटलमेंट एग्रीमेंट के तहत सभी 14 कंसोर्टियम बैंकों की बकाया राशि का भुगतान कर दिया है। कंपनी के मुताबिक, कई भुगतान तय समय से पहले किए गए।

कंपनी ने सितंबर 2024 में अपने बकाया कर्ज के निपटारे के लिए बैंकों के साथ वन-टाइम सेटलमेंट यानी OTS का रास्ता अपनाया था। इस समझौते में नकद भुगतान के साथ इक्विटी के जरिए भुगतान और गिरवी रखी गई संपत्तियों को रिलीज करने जैसी शर्तें शामिल थीं।

14 रुपये के आसपास रहा शेयर

25 सितंबर को NSE पर PC Jeweller के शेयर का कारोबार 14.11 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी के कर्ज-मुक्त होने की घोषणा बाजार बंद होने के बाद आई। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, शेयर ने 23 सितंबर को 14.86 रुपये का 52-सप्ताह का उच्च स्तर भी छुआ था।

कंपनी के शेयर में पिछले कुछ समय में तेजी भी देखी गई है। हालांकि, शेयर की पिछली तेजी भविष्य में रिटर्न की गारंटी नहीं है और कम कीमत वाले शेयरों में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा हो सकता है।

सोने-चांदी और ज्वेलरी कारोबार से जुड़ी कंपनी

PC Jeweller ज्वेलरी कारोबार में सक्रिय कंपनी है और देश के अलग-अलग राज्यों में इसके करीब 50 फिजिकल स्टोर हैं। कंपनी सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं से बने आभूषणों की बिक्री करती है।

कंपनी के लिए कर्ज-मुक्त होना बैलेंस शीट के लिहाज से महत्वपूर्ण बदलाव है। कर्ज का बोझ कम होने से ब्याज और वित्तीय देनदारियों से जुड़ा दबाव घट सकता है, हालांकि कारोबार के प्रदर्शन पर कई अन्य कारकों का भी असर पड़ता है।

पहली तिमाही में मुनाफा बढ़ा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में PC Jeweller का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 37 फीसदी बढ़कर 222 करोड़ रुपये रहा। इसी अवधि में कंपनी की कुल आय 879.27 करोड़ रुपये रही, जबकि EBITDA 90 फीसदी बढ़कर 242 करोड़ रुपये पहुंचा।

कंपनी के कर्ज-मुक्त होने के बाद अब निवेशकों की नजर आगे के कारोबार, बिक्री, मुनाफे और कैश फ्लो पर रहेगी। किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजों, वैल्यूएशन, जोखिम और आधिकारिक खुलासों का अध्ययन करना जरूरी है।