IPO लेकर आ रही 35 साल पुरानी कंपनी, 500 करोड़ रुपये तक के होंगे फ्रेश शेयर
शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए आईपीओ से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। करीब 35 साल पुरानी टेक्सटाइल और एक्सपोर्ट कंपनी Kian-M Export Limited अब शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने 25 सितंबर 2026 को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है। प्रस्तावित आईपीओ के जरिए कंपनी 500 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी करने की योजना बना रही है।
500 करोड़ रुपये तक का फ्रेश इश्यू
Kian-M Export के प्रस्तावित आईपीओ में 500 करोड़ रुपये तक का फ्रेश इश्यू शामिल होगा। इसके अलावा मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 15 लाख शेयरों तक का ऑफर फॉर सेल यानी OFS भी प्रस्तावित है।
फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम कंपनी को मिलेगी, जबकि OFS से मिलने वाली राशि संबंधित मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगी। कंपनी के शेयरों को NSE और BSE पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है।
जुटाए पैसे का कहां होगा इस्तेमाल?
कंपनी के मुताबिक, आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी Ultra Denim Limited में 35.29 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने और मशीनरी व उपकरणों की खरीद पर भी रकम खर्च करने की योजना बना रही है।
फिलहाल आईपीओ की कीमत और शेयरों की अंतिम संख्या जैसी जानकारियां सेबी की मंजूरी और आगे की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होंगी।
1990 से टेक्सटाइल कारोबार में कंपनी
Kian-M Export की शुरुआत 1990 में हुई थी। कंपनी कच्चे और अधूरे कपड़े को अलग-अलग प्रक्रियाओं के जरिए तैयार टेक्सटाइल उत्पादों में बदलने का कारोबार करती है।
कंपनी 'Revelo' ब्रांड के तहत साड़ियों के साथ व्हाइट-लेबल आधार पर भी कपड़े तैयार करती है। इसके अलावा अफ्रीकी प्रिंट वाले कपड़े, शर्ट-पैंट और दक्षिण एशियाई पारंपरिक परिधान भी इसके कारोबार का हिस्सा हैं। कंपनी महिलाओं के एथनिक और विशेष अवसरों वाले कपड़ों का कारोबार 'Orcoss' ब्रांड के तहत करती है।
सेबी की मंजूरी के बाद आएगा आईपीओ
अभी कंपनी ने सिर्फ आईपीओ के लिए शुरुआती दस्तावेज सेबी के पास जमा किए हैं। आईपीओ लॉन्च होने से पहले नियामकीय मंजूरी समेत कई प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
कंपनी के आईपीओ की आगे की तारीख, प्राइस बैंड, लॉट साइज और सब्सक्रिप्शन की अवधि जैसी जानकारी बाद में सामने आएगी। निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के DRHP और अंतिम ऑफर दस्तावेज में दी गई वित्तीय स्थिति, जोखिम और आईपीओ से जुड़े इस्तेमाल की जानकारी को ध्यान से पढ़ना चाहिए।