फ्लाइंग कार मार्केट में टेस्ला की धमाकेदार एंट्री! हवा में पलटी और जमीन पर उतरी कार, रफ्तार ऐसी कि उड़ जाए माथा
दुनिया के सबसे चर्चित उद्योगपतियों में शामिल इलॉन मस्क की कंपनी टेस्ला एक बार फिर अपनी अगली पीढ़ी की इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार रोडस्टर को लेकर चर्चा में है। 16 अक्टूबर को सामने आए डेमो के मुताबिक, सेकेंड जनरेशन रोडस्टर ने एक बड़े घुमावदार रैंप पर चढ़ते हुए हवा में छलांग लगाई और कलाबाजियां दिखाने के बाद सुरक्षित लैंडिंग की।
इस कार को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसमें इस्तेमाल की जाने वाली रॉकेट थ्रस्टर टेक्नोलॉजी की है। दावा है कि विशेष थ्रस्टर्स की मदद से कार को हवा में उठाने और उसकी दिशा नियंत्रित करने जैसी क्षमताएं दी जा सकती हैं। हालांकि, इसे आम सड़कों पर उड़ने वाली कार के रूप में इस्तेमाल करने की व्यावहारिकता और सुरक्षा को लेकर अभी कई सवाल हैं।टेस्ला की इस कार को लेकर कंपनी के पुराने वादे भी चर्चा में हैं। रोडस्टर को पहली बार 2017 में दिखाया गया था, लेकिन इसकी लॉन्चिंग और प्रोडक्शन की तारीख कई बार आगे बढ़ चुकी है। अब कंपनी ने 2028 में उत्पादन शुरू करने की योजना बताई है।
मस्क बोले- टेस्ला और स्पेसएक्स के इंजीनियर्स का कमाल
डेमो के बाद इलॉन मस्क ने कहा कि कार का प्रदर्शन सफल रहा। उन्होंने इसे टेस्ला और स्पेसएक्स के इंजीनियर्स की संयुक्त तकनीकी मेहनत का नतीजा बताया।मस्क के मुताबिक, रोडस्टर में एक एडवांस्ड हाई-प्रेशर एयर टैंक का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ एल्टीट्यूड थ्रस्टर्स और पीछे की ओर मुख्य थ्रस्टर्स लगाए जाने की बात कही गई है। इनकी मदद से कार को अतिरिक्त जोर देकर ऊपर उठाने और हवा में उसकी गति तथा दिशा नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा।
यह तकनीक सामान्य इलेक्ट्रिक कारों से काफी अलग है। आम इलेक्ट्रिक कारों में बैटरी से चलने वाली मोटर पहियों को घुमाती है, जबकि थ्रस्टर्स गैस को तेज दबाव से बाहर निकालकर प्रतिक्रिया बल पैदा करते हैं। इसी सिद्धांत का इस्तेमाल अंतरिक्ष यान और कुछ सैटेलाइट सिस्टम में दिशा बदलने के लिए किया जाता है।हालांकि, डेमो में दिखाए गए करतब और सड़क पर रोजाना इस्तेमाल की जाने वाली कार की वास्तविक क्षमता में अंतर हो सकता है। कार के अंतिम प्रोडक्शन मॉडल में कौन-कौन से फीचर मिलेंगे, इसकी पुष्टि के लिए कंपनी की विस्तृत तकनीकी जानकारी जरूरी होगी।
क्या आम सड़कों पर भी उड़ सकेगी टेस्ला रोडस्टर?
कार्यक्रम के दौरान जब एक दर्शक ने मस्क से पूछा कि क्या रोडस्टर आम सड़कों पर चलाने के लिए व्यावहारिक होगी, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि सड़क कैसी है। इसके बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि कार को इस्तेमाल के लिहाज से व्यावहारिक बनाने पर भी काम किया जा रहा है।
मस्क ने यह भी कहा कि रोडस्टर टेस्ला की ऐसी कार होगी जिसे मैन्युअली चलाया जा सकेगा। हालांकि, सुरक्षा को लेकर उनके बयान के बाद यह सवाल उठता है कि रॉकेट थ्रस्टर्स जैसी तकनीक वाली कार को सामान्य ट्रैफिक में इस्तेमाल करने के लिए किस तरह के सुरक्षा मानकों की जरूरत होगी।फिलहाल इसे आम सड़क पर उड़ाने की क्षमता को स्थापित तथ्य नहीं मानना चाहिए। इसके लिए प्रोडक्शन मॉडल, नियामकीय मंजूरी और वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण के नतीजे अहम होंगे।
2028 में शुरू हो सकता है प्रोडक्शन, बुकिंग के लिए बड़ा डिपॉजिट
टेस्ला ने रोडस्टर की दूसरी पीढ़ी की घोषणा नवंबर 2017 में की थी। इसके बाद से कार के उत्पादन और ग्राहकों तक डिलीवरी की तारीख कई बार बदली गई। अब मस्क ने 2028 में प्रोडक्शन शुरू करने की योजना बताई है।रिपोर्ट के मुताबिक, कार की बुकिंग के लिए 50,000 डॉलर का डिपॉजिट मांगा जा रहा है। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग ₹48 लाख बताई गई है। कंपनी की वेबसाइट पर इस राशि को रिफंडेबल बताया गया है।हालांकि, बुकिंग की शर्तें, अंतिम कीमत, डिलीवरी का समय और भारत में उपलब्धता अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए इच्छुक ग्राहकों को पैसा जमा करने से पहले टेस्ला की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूदा नियम और शर्तें जांचनी चाहिए।
0.81 सेकेंड में 97 km/h की रफ्तार का दावा
रोडस्टर को लेकर सबसे बड़े दावों में इसकी तेज एक्सेलरेशन क्षमता शामिल है। रिपोर्ट में डेमो के दौरान 0 से 60 मील प्रति घंटा यानी करीब 97 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचने के लिए 0.81 सेकेंड का समय बताए जाने का जिक्र है।अगर प्रोडक्शन कार में यह प्रदर्शन स्वतंत्र परीक्षणों से साबित होता है, तो यह बेहद असाधारण उपलब्धि होगी। लेकिन इस आंकड़े को फिलहाल कंपनी से जुड़े दावे के रूप में देखना चाहिए। इसकी पुष्टि के लिए मानकीकृत परिस्थितियों में स्वतंत्र टेस्ट जरूरी होंगे।
तुलना के लिए, क्रोएशिया की इलेक्ट्रिक हाइपरकार रिमैक नेवेरा R के लिए 0 से 60 मील प्रति घंटे की रफ्तार हासिल करने का समय करीब 1.66 सेकेंड बताया गया है। अलग-अलग कारों के आंकड़ों की तुलना करते समय यह देखना भी जरूरी है कि टेस्ट की परिस्थितियां और मापने के तरीके समान हों।
टॉप स्पीड 370 km/h से ज्यादा होने का दावा
रोडस्टर की अधिकतम रफ्तार को लेकर भी बड़े दावे किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, टेस्ला ने 230 मील प्रति घंटे यानी करीब 370 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की टॉप स्पीड का लक्ष्य बताया है।
वहीं, मस्क ने भविष्य के प्रोडक्शन मॉडल के लिए मैक 0.5 तक पहुंचने की संभावना पर काम करने की बात कही है। समुद्र तल के आसपास मैक 0.5 लगभग 600 किलोमीटर प्रति घंटे से कुछ अधिक के बराबर हो सकता है, लेकिन वास्तविक मान हवा के तापमान और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
यह समझना जरूरी है कि लक्ष्य और हासिल की गई अधिकतम रफ्तार अलग-अलग बातें हैं। जब तक प्रोडक्शन कार का परीक्षण नहीं हो जाता, तब तक इन आंकड़ों को अंतिम प्रदर्शन नहीं माना जा सकता। इतनी तेज रफ्तार पर कार को सड़क पर चलाने के लिए विशेष ट्रैक, सुरक्षा व्यवस्था और कड़े नियमों की जरूरत होगी।
क्या होती है कोल्ड-गैस थ्रस्टर टेक्नोलॉजी?
कोल्ड-गैस थ्रस्टर एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें दबाव में रखी गई गैस को नोजल के जरिए बाहर निकाला जाता है। गैस बाहर निकलने पर विपरीत दिशा में बल पैदा होता है, जिससे वाहन की गति या दिशा में बदलाव किया जा सकता है।अंतरिक्ष में रॉकेट और सैटेलाइट को सही दिशा में मोड़ने के लिए इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें पारंपरिक रॉकेट इंजन की तरह ईंधन जलाना जरूरी नहीं होता, क्योंकि बल संपीड़ित गैस के बाहर निकलने से पैदा होता है।रोडस्टर में इस तकनीक का इस्तेमाल किस स्तर पर होगा, यह अंतिम डिजाइन पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, गैस टैंक की क्षमता, थ्रस्टर्स का वजन, सुरक्षा, ऊर्जा की जरूरत और बार-बार इस्तेमाल की सीमा जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण होंगे।
2017 से बार-बार टलती रही रोडस्टर की लॉन्चिंग
टेस्ला ने नवंबर 2017 में अपनी दूसरी पीढ़ी की रोडस्टर को पेश किया था। उस समय इसे बेहद तेज इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार के रूप में प्रचारित किया गया था और ग्राहकों के लिए बुकिंग भी शुरू हुई थी।शुरुआत में उम्मीद जताई गई थी कि कार 2020 तक सड़कों पर आ जाएगी। लेकिन डिजाइन, इंजीनियरिंग और उत्पादन से जुड़ी चुनौतियों के कारण इसकी लॉन्चिंग में देरी होती रही। अब 2028 का लक्ष्य सामने आया है, यानी पहली घोषणा के लगभग 11 साल बाद उत्पादन शुरू करने की योजना है।लंबे इंतजार की वजह से कार को लेकर उत्सुकता के साथ-साथ सवाल भी बने हुए हैं। ग्राहकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी घोषित समयसीमा पर कितनी आगे बढ़ती है और अंतिम कार में पुराने वादों में से कितने फीचर वास्तव में शामिल होते हैं।
सैम ऑल्टमैन और इलॉन मस्क के बीच भी हुई थी बहस
रोडस्टर की बुकिंग और लंबी देरी को लेकर ओपनएआई के CEO सैम ऑल्टमैन और इलॉन मस्क के बीच सोशल मीडिया पर बहस भी हुई थी।रिपोर्ट के अनुसार, ऑल्टमैन ने X पर कार की बुकिंग के लिए 50,000 डॉलर देने के बाद लंबे समय तक इंतजार करने पर सवाल उठाया था। इसके जवाब में मस्क ने दावा किया था कि ऑल्टमैन की बुकिंग राशि पहले ही वापस की जा चुकी है।यह विवाद रोडस्टर की लॉन्चिंग में हुई देरी को लेकर ग्राहकों और तकनीकी जगत में बनी चर्चा को दिखाता है।
टेस्ला की पहली कार भी थी रोडस्टर
टेस्ला ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार, ओरिजिनल रोडस्टर, 2008 में पेश की थी। इस कार का प्लेटफॉर्म ब्रिटेन की स्पोर्ट्स कार कंपनी लोटस की एलिस से जुड़ा था, लेकिन इसमें पेट्रोल इंजन के बजाय इलेक्ट्रिक पावरट्रेन का इस्तेमाल किया गया था।ओरिजिनल रोडस्टर ने टेस्ला को इलेक्ट्रिक कारों की दुनिया में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में नवंबर 2017 में कंपनी ने दूसरी पीढ़ी की रोडस्टर का ऐलान किया। उस समय भी स्पेसएक्स पैकेज और कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स जैसी तकनीक की चर्चा हुई थी।
अब नई रोडस्टर को लेकर कंपनी एक बार फिर बड़े प्रदर्शन और रफ्तार के दावे कर रही है। लेकिन इसकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अंतिम मॉडल कब बाजार में आता है, कितना प्रदर्शन करता है और सुरक्षा व व्यावहारिकता के लिहाज से कितना उपयोगी साबित होता है।
क्या सच में बदल जाएगी कारों की दुनिया?
टेस्ला रोडस्टर का नया डेमो इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य को लेकर उत्सुकता बढ़ाता है। अगर कंपनी थ्रस्टर्स वाली तकनीक को सुरक्षित, भरोसेमंद और व्यावहारिक रूप से विकसित कर पाती है, तो यह पारंपरिक स्पोर्ट्स कारों से अलग एक नया प्रयोग होगा।फिर भी, फिलहाल इसे पूरी तरह तैयार उड़ने वाली कार मानना जल्दबाजी होगी। 2028 के प्रस्तावित प्रोडक्शन, वास्तविक रफ्तार, सुरक्षा मानकों और स्वतंत्र परीक्षणों के बाद ही इसकी क्षमताओं की सही तस्वीर सामने आएगी।