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स्वच्छता अभियान 6.0 से सरकार को ₹490 करोड़ की कमाई, पुराने कंप्यूटर और ई-कचरे की बिक्री से बढ़ा राजस्व

 

केंद्र सरकार के विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत सरकारी दफ्तरों में पड़े पुराने उपकरणों, ई-कचरे और अनुपयोगी सामानों का निपटान किया जा रहा है। इससे सरकार को बड़ी रकम हासिल हो रही है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के मुताबिक, अभियान के शुरुआती 16-17 दिनों में ही कबाड़ और बेकार पड़े सामानों की बिक्री से ₹490 करोड़ से अधिक का राजस्व सरकारी खाते में जमा हो चुका है।

31 अक्टूबर तक कमाई दोगुनी होने की उम्मीद

यह विशेष अभियान 2 अक्टूबर से शुरू हुआ है और 31 अक्टूबर तक चलेगा। केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई कि अभियान पूरा होने तक सरकार की कमाई मौजूदा आंकड़े से दोगुने से भी ज्यादा हो सकती है।इस बार पुराने सामानों और ई-कचरे की बिक्री को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे अनुपयोगी सामानों की बिक्री की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने में मदद मिल रही है। पिछले स्वच्छता अभियानों के दौरान भी इलेक्ट्रॉनिक और अन्य कबाड़ के निपटान से करीब ₹6,000 करोड़ जुटाए जा चुके हैं।

गांधी जयंती से पटेल जयंती तक चलता है अभियान

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर इस विशेष स्वच्छता अभियान की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। यह हर साल 2 अक्टूबर यानी महात्मा गांधी जयंती से शुरू होकर 31 अक्टूबर यानी सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती तक चलता है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता पर सालभर ध्यान दिया जाता है, लेकिन इस विशेष अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में सफाई को बढ़ावा देना, अनुपयोगी सामान हटाना और स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करना है।

DoPT मुख्यालय से हटाए गए पुराने उपकरण

स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कर्तव्य भवन स्थित कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के मुख्यालय में ई-कचरे के निपटान की गतिविधि में भी हिस्सा लिया।

यहां से बड़ी संख्या में पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य अनुपयोगी सामान हटाए गए। इनमें शामिल हैं:

  • 152 डेस्कटॉप कंप्यूटर

  • 35 प्रिंटर और 8 स्कैनर

  • 3 फोटोकॉपी मशीनें

  • 59 UPS यूनिट

  • 52 एयर कंडीशनर

  • 4 टीवी और 5 रेफ्रिजरेटर

  • 17 वॉटर डिस्पेंसर

  • 217 अन्य उपकरण

इन सामानों की मूल कीमत यानी बेस प्राइस करीब ₹9 लाख बताई गई है।

सरकारी दफ्तरों की सफाई के साथ राजस्व बढ़ाने पर जोर

विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 के जरिए सरकार का उद्देश्य केवल कार्यालयों को साफ-सुथरा बनाना नहीं, बल्कि लंबे समय से अनुपयोगी पड़े सामानों का उचित निपटान करना भी है। इससे कार्यालयों में जगह खाली होती है और कबाड़ की बिक्री से सरकारी राजस्व भी बढ़ता है।