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Share Market में अचानक बड़ा उलटफेर: एक खबर से धड़ाम हुआ बाजार; निफ्टी ऊपरी स्तरों से 150 अंक टूटा

 

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 17 सितंबर को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह से ही बाजार पर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी फेड के फैसले, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ग्लोबल संकेतों का असर दिखाई दिया।

ब्रेंट क्रूड की कीमत जब 104 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आई, तो बाजार में अचानक खरीदारी बढ़ी और निफ्टी करीब 150 अंक तक उछल गया। लेकिन बाद में क्रूड फिर 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचा तो बाजार की तेजी कमजोर पड़ गई और सेंसेक्स-निफ्टी ने अपनी शुरुआती बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया।

आइए जानते हैं वे 5 बड़े कारण, जिनका असर आज बाजार पर लगातार देखने को मिला।

1. कच्चे तेल में गिरावट से बाजार को सबसे बड़ी राहत

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में क्रूड की कीमत बढ़ने से देश के इंपोर्ट बिल, रुपये और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।

गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आने से बाजार को राहत मिली। सप्लाई से जुड़ी खबरों के बीच तेल की कमी को लेकर चिंता कुछ कम हुई।

हालांकि, बाद में क्रूड की कीमत फिर 105 डॉलर के करीब पहुंच गई। यही वजह रही कि बाजार की शुरुआती तेजी कमजोर पड़ गई।

2. एशियाई बाजारों से मिला सपोर्ट

एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों से भी भारतीय बाजार को कुछ सहारा मिला। जापान के निक्केई और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में तेजी देखने को मिली।

ग्लोबल बाजारों में खरीदारी का माहौल बनने से भारतीय निवेशकों की शुरुआती घबराहट कुछ कम हुई। हालांकि, अमेरिका के फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी और ऊंचे क्रूड की वजह से बाजार में सतर्कता बनी रही।

3. फेड की 0.25% दर बढ़ोतरी का असर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की। बाजार पहले से ही इस फैसले की उम्मीद कर रहा था।

फेड के फैसले के बाद निवेशकों का ध्यान अब इस बात पर है कि आगे ब्याज दरों को लेकर केंद्रीय बैंक का रुख क्या रहता है। ऊंची अमेरिकी ब्याज दरें आमतौर पर उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी के प्रवाह और इक्विटी वैल्यूएशन पर असर डाल सकती हैं।

4. घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी

16 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने करीब ₹2,032.61 करोड़ की बिकवाली की थी।

इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने करीब ₹3,908.23 करोड़ की खरीदारी की।

घरेलू संस्थागत निवेशकों की यह खरीदारी बाजार में गिरावट के दौरान सपोर्ट देने वाला एक अहम फैक्टर रही।

5. 23,200 के आसपास खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग

निफ्टी के लिए 23,200 के आसपास का स्तर बाजार में अहम माना जा रहा था। जब इंडेक्स इस स्तर के आसपास संभला तो कुछ ट्रेडर्स ने अपनी शॉर्ट पोजीशन काटनी शुरू कर दी।

इसे शॉर्ट कवरिंग कहा जाता है। इसके साथ बैंकिंग और कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार ने निचले स्तरों से रिकवरी की।

हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और क्रूड की चाल आने वाले सत्रों में भी एक अहम फैक्टर रह सकती है।

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी

टाटा संस के बोर्ड ने एन. चंद्रशेखरन को पांच साल के नए कार्यकाल के लिए चेयरमैन बनाए रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला गुरुवार को हुई बोर्ड बैठक में लिया गया। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, नोएल टाटा ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया, जबकि बोर्ड के बाकी सदस्यों की ओर से प्रस्ताव को मंजूरी मिली।

इस फैसले के बाद चंद्रशेखरन के अगले पांच साल तक टाटा संस का नेतृत्व जारी रखने का रास्ता साफ हुआ है।

ESDS Software की क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड

रेटिंग एजेंसी CRISIL ने ESDS Software Solution की शॉर्ट-टर्म क्रेडिट रेटिंग को A2 से बढ़ाकर A2+ कर दिया है।

वहीं, कंपनी की लॉन्ग-टर्म रेटिंग को BBB+ पॉजिटिव से बढ़ाकर A- पॉजिटिव किया गया है।

क्रेडिट रेटिंग किसी कंपनी की कर्ज और ब्याज चुकाने की क्षमता को लेकर बाजार को संकेत देती है। हालांकि, बेहतर रेटिंग का मतलब यह नहीं है कि कंपनी के शेयर में निश्चित रूप से तेजी आएगी।

Puravankara को मुंबई में ₹2,600 करोड़ का रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट

रियल एस्टेट कंपनी Puravankara को मुंबई के गोरेगांव वेस्ट में करीब ₹2,600 करोड़ का रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट मिला है।

यह रकम प्रोजेक्ट की अनुमानित Gross Development Value यानी GDV है। इसका मतलब कंपनी को सीधे ₹2,600 करोड़ का मुनाफा या ऑर्डर मिलने से नहीं है। GDV आमतौर पर प्रोजेक्ट की संभावित बिक्री से जुड़ी कुल अनुमानित वैल्यू होती है।

Jain Irrigation को ₹118 करोड़ का एम्पैनलमेंट

Jain Irrigation को महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी यानी MSEDCL से करीब ₹118 करोड़ का एम्पैनलमेंट मिला है।

इसके तहत कंपनी महाराष्ट्र में 5,000 सोलर पंप उपलब्ध कराने से जुड़े काम में शामिल होगी। सोलर पंप किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करने में मदद करते हैं।

हालांकि, एम्पैनलमेंट को सीधे पक्का परचेज ऑर्डर मानने से पहले कंपनी की आगे की आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी होगा।

RBI की अमेरिकी ट्रेजरी में रिकॉर्ड खरीद

भारत की ओर से अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की खरीद बढ़कर करीब 15.2 अरब डॉलर बताई गई है, जिसे ₹96 प्रति डॉलर के हिसाब से लगभग ₹1.46 लाख करोड़ माना जा सकता है।

RBI विदेशी मुद्रा भंडार के प्रबंधन के तहत डॉलर एसेट्स में निवेश करता है। अमेरिकी ट्रेजरी को आम तौर पर उच्च लिक्विडिटी वाले सरकारी बॉन्ड में गिना जाता है।

हालांकि, बॉन्ड यील्ड और डॉलर की कीमत में बदलाव से इन निवेशों की वैल्यू प्रभावित हो सकती है।

TVS ने Apache 310 सीरीज की नई कीमतें बताईं

TVS Motor ने नई Apache 310 सीरीज की कीमतों का ऐलान किया है।

  • Apache RR 310: ₹2.87 लाख
  • Apache RTR 310: ₹2.48 लाख

ये एक्स-शोरूम कीमतें हैं। RR 310 फुल-फेयर्ड स्पोर्ट्स बाइक है, जबकि RTR 310 नेकेड स्ट्रीट बाइक है।

खरीदारी से पहले ग्राहकों को ऑन-रोड कीमत, इंश्योरेंस और रजिस्ट्रेशन का खर्च भी देखना होगा।

Yatharth Hospital का शेयर रिकॉर्ड हाई पर

Yatharth Hospital के शेयर में भी तेजी देखने को मिली। कंपनी ने प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए करीब ₹3,150 करोड़ तक जुटाने की योजना को मंजूरी दी है।

कंपनी के मुताबिक, नए अस्पतालों से कारोबार में योगदान बढ़ा है। हालांकि, फंड जुटाने के लिए नए शेयर और वारंट जारी होने से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी में डाइल्यूशन हो सकता है।

इसलिए केवल शेयर की तेजी देखने के बजाय कंपनी की कमाई, कर्ज, कैश फ्लो और वैल्यूएशन को भी देखना जरूरी है।

LG Electronics की चेस्ट फ्रीजर मार्केट में एंट्री

LG Electronics ने भारत के चेस्ट फ्रीजर बाजार में प्रवेश किया है। कंपनी ने कन्वर्टिबल चेस्ट फ्रीजर की नई रेंज लॉन्च की है।

कंपनी का लक्ष्य कमर्शियल कूलिंग सेगमेंट में अपने कारोबार का विस्तार करना है।

Diamond Power Infrastructure को ₹263.25 करोड़ का ऑर्डर

Diamond Power Infrastructure को महाराष्ट्र में करीब ₹263.25 करोड़ का नया ऑर्डर मिला है।

इसके तहत कंपनी MSEDCL के लिए केबल्स और कंडक्टर्स की सप्लाई करेगी। यह ऑर्डर कंपनी की ऑर्डर बुक और आने वाली आय के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

Semiconductor Stocks में तेजी

सेमीकंडक्टर सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। Kaynes Technology, Syrma SGS और MosChip जैसे शेयरों में करीब 10 फीसदी तक का उछाल देखा गया।

इस तेजी के बीच Semicon India 2026 से जुड़ी खबरों और भारत में चिप मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग और डिजाइन पर बढ़ते फोकस ने निवेशकों का ध्यान इस सेक्टर की ओर खींचा।

भारत सरकार भी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश और नीतिगत समर्थन दे रही है।

KNR Constructions के Buyback पर नजर

KNR Constructions के शेयर बायबैक को लेकर बाजार में चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी करीब ₹400 करोड़ से ₹600 करोड़ के बीच बायबैक पर विचार कर सकती है और संभावित कीमत ₹180 से ₹200 प्रति शेयर के बीच बताई जा रही है।

हालांकि, यह जानकारी फिलहाल सूत्रों के हवाले से है। बायबैक का अंतिम आकार, कीमत, रिकॉर्ड डेट और प्रक्रिया कंपनी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

NSE IPO को लेकर निवेशकों की नजर

National Stock Exchange यानी NSE का IPO भी गुरुवार को बाजार की बड़ी खबरों में रहा। NSE का IPO 17 सितंबर से शुरू हुआ है और इसे लेकर घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों की भागीदारी पर बाजार की नजर बनी हुई है।

NSE के शेयर की लिस्टिंग और आगे की ट्रेडिंग को लेकर भी सवाल उठे हैं। फिलहाल निवेशकों का ध्यान IPO के सब्सक्रिप्शन, वैल्यूएशन और संभावित लिस्टिंग पर है।

Emami ने ₹475 प्रति शेयर के Buyback को मंजूरी दी

FMCG कंपनी Emami के बोर्ड ने ₹475 प्रति शेयर के भाव पर शेयर बायबैक को मंजूरी दी है।

बायबैक का मतलब है कि कंपनी अपने ही शेयर मौजूदा शेयरधारकों से वापस खरीदती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर निवेशक अपने सभी शेयर ₹475 पर बेच पाएगा। वास्तविक स्वीकार्यता बायबैक के आकार, पात्रता और एक्सेप्टेंस रेशियो पर निर्भर करेगी।

बाजार के लिए आगे क्या अहम रहेगा?

17 सितंबर के कारोबार में क्रूड ऑयल, अमेरिकी ब्याज दरें, बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी प्रमुख फैक्टर बने हुए हैं।

खास तौर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर क्रूड के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट संकेतों और विदेशी फंड फ्लो पर भी रहेगी।