शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,233 अंक उछला, निफ्टी 23,440 पर बंद; रिलायंस के शेयर में 12% की छलांग
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 2 नवंबर को शानदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,233 अंक उछलकर 75,693 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली और यह 388 अंक की बढ़त के साथ 23,440 पर पहुंच गया।आज की तेजी में देश की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों की अहम भूमिका रही। रिलायंस का शेयर करीब 12 फीसदी चढ़कर 1,300 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस उछाल के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 17.59 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा दूसरी बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी और विदेशी निवेशकों की बाजार में वापसी ने भी निवेशकों का भरोसा मजबूत किया।
शेयर बाजार में तेजी की 3 बड़ी वजहें
1. विदेशी और घरेलू निवेशकों ने की जमकर खरीदारी
बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी रही। लंबे समय से भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने दोबारा खरीदारी शुरू की है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने एक दिन में 871.83 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी 643.35 करोड़ रुपये का निवेश किया।
पिछले 7 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी निवेशकों ने कुल 7,767 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। हालांकि, पिछले 30 दिनों में उनकी कुल बिकवाली 35,678 करोड़ रुपये रही है। घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया है।
निवेशकों की खरीदारी के आंकड़े (करोड़ रुपये में)
| निवेशक | लेटेस्ट | बीते 7 दिन | बीते 30 दिन |
|---|---|---|---|
| DII | -818 | +500 | +52,178 |
| FII/FPI | +3,599 | +7,767 | -35,678 |
2. रिलायंस समेत बड़ी कंपनियों के मजबूत नतीजे
शेयर बाजार में तेजी की दूसरी बड़ी वजह दिग्गज कंपनियों के शानदार तिमाही नतीजे रहे। सितंबर तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 34 फीसदी बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी के बेहतर प्रदर्शन से निवेशकों में उत्साह बढ़ा और इसके शेयरों में करीब 12 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
रिलायंस के अलावा टाटा स्टील, NTPC, मारुति सुजुकी और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) जैसे बड़े शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन कंपनियों के शेयरों में तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को मजबूती दी।
3. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिली राहत
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भी भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत रही। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई और यह 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में आई नरमी को बाजार के लिए राहत के तौर पर देखा गया।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
भारतीय बाजार में जहां शानदार तेजी रही, वहीं एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.24 फीसदी चढ़ा, जबकि जापान का निक्केई 0.33 फीसदी गिरकर बंद हुआ। हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग में 0.42 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
| इंडेक्स | लेवल | बदलाव |
|---|---|---|
| कोस्पी (दक्षिण कोरिया) | 5,859 | +2.24% |
| निक्केई (जापान) | 63,082 | -0.33% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 23,393 | +0.42% |
अमेरिकी बाजार में भी दिखी गिरावट
इससे पहले 30 अक्टूबर को अमेरिकी शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली थी। डाउ जोन्स 572 अंक गिरकर 51,770 पर बंद हुआ। वहीं, टेक कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के चलते नैस्डैक में 2.86 फीसदी की बड़ी गिरावट आई। S&P 500 भी 1.82 फीसदी टूटकर बंद हुआ।
| इंडेक्स | लेवल | बदलाव |
|---|---|---|
| डाउ जोन्स | 51,770 | -1.09% |
| नैस्डैक | 25,437 | -2.86% |
| S&P 500 | 7,580 | -1.82% |
इस तरह वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। रिलायंस के शेयरों में उछाल, बड़ी कंपनियों के मजबूत नतीजे और निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी।