Stocks to Watch Today: Indian Hotels से BEL तक इन 10 शेयरों पर रहेगी नजर, कहीं मुनाफा बढ़ा तो कहीं मिले बड़े ऑर्डर
शेयर बाजार में 22 अक्टूबर को कई कंपनियों के शेयर कारोबारी गतिविधियों और ताजा घोषणाओं के चलते चर्चा में रह सकते हैं। Indian Hotels, Mahindra & Mahindra Financial Services, KEI Industries, Eternal, Bharat Electronics और Persistent Systems समेत कई कंपनियों ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं या कारोबार से जुड़ी अहम जानकारी दी है। कुछ कंपनियों को नए ऑर्डर मिले हैं, जबकि कुछ फंड जुटाने और निवेश की योजनाओं के कारण फोकस में रहेंगी।
1. Indian Hotels Company
टाटा समूह की होटल कंपनी Indian Hotels Company के सितंबर तिमाही के नतीजे मजबूत रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 19.5% बढ़कर 380 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 318 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 21.7% बढ़कर 2,484 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
2. Mahindra & Mahindra Financial Services
Mahindra & Mahindra Financial Services के मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 55% बढ़कर 882 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 569 करोड़ रुपये था। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम 13.2% बढ़कर 2,391 करोड़ रुपये और कुल आय 18% बढ़कर 5,962 करोड़ रुपये हो गई।
3. KEI Industries
वायर और केबल कारोबार से जुड़ी KEI Industries ने भी दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी का नेट प्रॉफिट 29.3% बढ़कर 262.4 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 38.5% बढ़कर 3,776.4 करोड़ रुपये और EBITDA 39.8% की बढ़त के साथ 376 करोड़ रुपये रहा।
4. Eternal
Eternal के दूसरी तिमाही के नतीजे भी चर्चा में हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछली तिमाही के मुकाबले 35.9% बढ़कर 125 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 19.4% बढ़कर 24,138 करोड़ रुपये और EBITDA 26.6% बढ़कर 752 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने मार्च 2027 तक अपने स्टोरों की संख्या 3,500 से अधिक करने की योजना बनाई है।
5. Tata Communications
Tata Communications की सब्सिडियरी Tata Communications (Spain) S.L. को स्पेन की नेशनल कोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने कंपनी के खिलाफ 15.51 मिलियन यूरो की VAT मांग और 18.10 मिलियन यूरो के जुर्माने को रद्द कर दिया है। यह मामला इनपुट VAT रिफंड के दावे से संबंधित था।
6. Bharat Electronics (BEL)
डिफेंस सेक्टर की कंपनी Bharat Electronics को रक्षा मंत्रालय से 770 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत कंपनी भारतीय सेना को लो-लेवल लाइट-वेट रडार सिस्टम उपलब्ध कराएगी। इन रडार की मदद से हवाई खतरों पर नजर रखने और छोटे ड्रोन का पता लगाने की क्षमता मजबूत होगी।
7. SEAMEC Limited
SEAMEC Limited को HAL Offshore Limited से करीब 55 मिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत कंपनी का जहाज SEAMEC ANANT, ONGC के लिए इंस्पेक्शन, मेंटेनेंस और रिपेयर से जुड़े काम करेगा। इस कॉन्ट्रैक्ट की अवधि लगभग 1,225 दिन है।
8. Pine Labs
Pine Labs ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Synergistic Financial Networks Private Limited में करीब 25 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। कंपनी के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, कारोबार के विस्तार और सब्सिडियरी कंपनियों में आगे निवेश के लिए किया जाएगा।
9. Persistent Systems
आईटी कंपनी Persistent Systems ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए 450 मिलियन डॉलर यानी लगभग 4,265 करोड़ रुपये जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी ने शेयरों का फ्लोर प्राइस 5,550 रुपये तय किया है। नियामकीय प्रावधानों के तहत इस कीमत पर 5% तक की छूट देने का विकल्प भी है।
10. Gujarat Mineral Development Corporation
Gujarat Mineral Development Corporation (GMDC) ने गुजरात सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 के फाइनल डिविडेंड के रूप में 223.55 करोड़ रुपये का चेक दिया है। कंपनी ने 14 मई 2026 को प्रत्येक शेयर पर 9.50 रुपये के डिविडेंड की सिफारिश की थी। गुजरात सरकार की कंपनी में 74% हिस्सेदारी है।
11. Juniper Green Energy
Juniper Green Energy ने 21 अक्टूबर 2026 को दो नई पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनियां बनाई हैं। इनके नाम Juniper Green Cosmic Fifteen Private Limited और Juniper Green Kite Fifteen Private Limited हैं। दोनों कंपनियां रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में काम करेंगी और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास, स्थापना तथा संचालन से जुड़ी गतिविधियां संभालेंगी।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
इन कंपनियों के तिमाही नतीजे, नए ऑर्डर, कानूनी फैसले और फंड जुटाने की योजनाएं इनके शेयरों पर असर डाल सकती हैं। हालांकि, किसी कंपनी से जुड़ी सकारात्मक खबर का मतलब यह नहीं है कि उसके शेयर में तेजी आना तय है। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और जोखिमों का आकलन करके ही निर्णय लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है, निवेश की सलाह नहीं। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले आधिकारिक घोषणाओं की जांच करें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।