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Stocks to Watch: दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद इन 8 कंपनियों के शेयरों पर रहेगी नजर, Titan-Airtel का प्रदर्शन मजबूत

 

शेयर बाजार में आज यानी 6 नवंबर को कई कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद निवेशकों की नजर Bharti Airtel, Titan, ONGC, Glenmark Pharmaceuticals और Bharti Hexacom समेत कई कंपनियों पर रहेगी। कुछ कंपनियों ने मुनाफे और रेवेन्यू में अच्छी बढ़त दर्ज की है, जबकि कुछ के नतीजों में गिरावट देखने को मिली है।

आइए जानते हैं किन कंपनियों के तिमाही नतीजे कैसे रहे और उनके कारोबार की स्थिति क्या रही।

Glenmark Pharma: मुनाफे में 56% की गिरावट

Glenmark Pharmaceuticals के दूसरी तिमाही के नतीजे कमजोर रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 56.7% घटकर 264 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, रेवेन्यू 29.8% गिरकर 4,247.3 करोड़ रुपये पर आ गया।

कंपनी के EBITDA में भी 63.4% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 864 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन पिछले साल के 39% से घटकर 20% पर पहुंच गया। इससे कंपनी की कमाई और ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर दबाव का संकेत मिलता है।

Titan: मुनाफे और मार्जिन में जोरदार बढ़त

Titan के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 56.3% बढ़कर 1,572 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू में 7.8% की बढ़त दर्ज की गई और यह 17,830 करोड़ रुपये रहा।

EBITDA 62.1% उछलकर 2,626 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 9.8% से बढ़कर 14.7% हो गया। कंपनी का मुनाफा और EBITDA बाजार के अनुमानों से बेहतर रहा, हालांकि रेवेन्यू अनुमान से कम रहा।

Titan के ज्वेलरी कारोबार में 24% की बढ़त के साथ करीब 17,495 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। वहीं, वॉचेज कारोबार 27% बढ़कर 1,881 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

Aadhar Housing Finance: मुनाफा 15.7% बढ़ा

Aadhar Housing Finance ने दूसरी तिमाही में अच्छी ग्रोथ दर्ज की। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 15.7% बढ़कर 308.3 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह करीब 266 करोड़ रुपये था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 16.8% बढ़कर 1,048 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 897 करोड़ रुपये था। मुनाफे और रेवेन्यू में बढ़त कंपनी के कारोबार में मजबूती दिखाती है।

ONGC: मुनाफे और EBITDA में गिरावट

सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ONGC के नतीजे कमजोर रहे। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछली तिमाही के मुकाबले 9.1% घटकर 15,489 करोड़ रुपये रहा। पिछली तिमाही में यह 17,034 करोड़ रुपये था।

कंपनी का रेवेन्यू 5.6% गिरकर 43,875 करोड़ रुपये पर आ गया। वहीं, EBITDA में 12.3% की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,860 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन भी 61% से घटकर 57% पर पहुंच गया। कंपनी के नतीजे बाजार के अनुमानों से कमजोर रहे।

Bharti Hexacom: मुनाफे में 34% की बढ़त

Bharti Hexacom ने दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 34.4% बढ़कर 566 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, रेवेन्यू 11.4% की बढ़त के साथ 2,582 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी का EBITDA भी 14% बढ़कर 1,377 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन में भी सुधार हुआ और यह पिछले साल के 52.1% से बढ़कर 53.3% हो गया।

Bharti Airtel: मुनाफा बढ़कर 8,887 करोड़ रुपये हुआ

टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में पिछली तिमाही के मुकाबले 8.8% की बढ़त दर्ज की गई और यह 8,887.5 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी का रेवेन्यू 4% बढ़कर 60,877.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। EBITDA में 4.9% की बढ़त हुई और यह 34,946 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन भी 57% से बढ़कर 57.4% हो गया।

रेवेन्यू, EBITDA और मार्जिन के आंकड़े बाजार के अनुमानों से बेहतर रहे, लेकिन कंपनी का नेट प्रॉफिट 9,209 करोड़ रुपये के अनुमान से कम रहा।

Bikaji Foods: रेवेन्यू बढ़ा, मुनाफे में गिरावट

Bikaji Foods International के दूसरी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 11.3% घटकर 70.78 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल की समान अवधि में यह 79.77 करोड़ रुपये था।

हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 13.1% बढ़कर 921.44 करोड़ रुपये हो गया। दूसरी ओर, EBITDA 7% गिरकर 119 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन भी 15% से घटकर 13% पर आ गया।

Godfrey Phillips India: मुनाफे में 37.7% की गिरावट

Godfrey Phillips India के नतीजे भी कमजोर रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 37.7% घटकर 190 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 305 करोड़ रुपये था।

कंपनी का रेवेन्यू 4.1% बढ़कर 1,342 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA 32.2% गिरकर 213 करोड़ रुपये पर आ गया। EBITDA मार्जिन भी 24.4% से घटकर 15.9% रह गया। यानी रेवेन्यू में बढ़त के बावजूद कंपनी के मुनाफे और ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर दबाव बना रहा।

निवेशकों के लिए जरूरी बात: इन कंपनियों के तिमाही नतीजों के आधार पर शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, केवल नतीजों के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और बाजार की परिस्थितियों का भी आकलन जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।