Stocks in Focus: Tata Consumer से Paytm तक इन शेयरों पर रहेगी नजर, डिफेंस स्टॉक्स में भी हलचल के संकेत
शेयर बाजार में 27 अक्टूबर को कई कंपनियों के शेयर निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं। सितंबर तिमाही के नतीजों में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, REC, डालमिया भारत, DCM श्रीराम और सोना BLW जैसी कंपनियों के प्रदर्शन में अलग-अलग रुझान देखने को मिले हैं। वहीं, पेटीएम की पैरेंट कंपनी One97 Communications ने मुनाफे में बड़ी बढ़त दर्ज की है। दूसरी ओर, Genus Power Infrastructure के शेयर बायबैक और सरकार की रक्षा खरीद योजनाओं के चलते डिफेंस सेक्टर के शेयरों में भी हलचल रह सकती है।
Tata Consumer और REC के नतीजे चर्चा में
Tata Consumer Products: कंपनी का दूसरी तिमाही का मुनाफा सालाना आधार पर 17.6% बढ़कर ₹467 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹397 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹5,661 करोड़ और EBITDA 16.5% बढ़कर ₹783 करोड़ रहा। कंपनी ने ₹2.50 प्रति शेयर के डिविडेंड की भी घोषणा की है।
REC: सरकारी वित्तीय कंपनी REC का मुनाफा सालाना आधार पर 21.2% घटकर ₹3,478 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹4,415 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। नेट इंटरेस्ट इनकम भी 9% घटकर ₹5,478 करोड़ रही। हालांकि, कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹3.50 प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है।
Dalmia Bharat को घाटा, DCM Shriram का मुनाफा घटा
Dalmia Bharat: कंपनी को सितंबर तिमाही में ₹205 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹239 करोड़ का मुनाफा हुआ था। नतीजों में ₹339 करोड़ का असाधारण नुकसान भी शामिल बताया गया है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 4.3% बढ़कर ₹3,563 करोड़ रहा। कंपनी ने ₹4 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 30 अक्टूबर 2026 बताई गई है।
DCM Shriram: कंपनी का मुनाफा 34.09% गिरकर ₹105 करोड़ रह गया। इसके बावजूद रेवेन्यू 21% बढ़कर ₹4,151 करोड़ पहुंच गया। कंपनी की ओर से सोलर पावर प्लांट और इलेक्ट्रोलाइजर क्षमता बढ़ाने जैसे प्रोजेक्ट्स में निवेश की योजनाएं भी महत्वपूर्ण रहेंगी।
₹2.12 लाख करोड़ की रक्षा खरीद से डिफेंस शेयर फोकस में
सरकार की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने करीब ₹2.12 लाख करोड़ की रक्षा खरीद योजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित खरीद में लगभग 82% हिस्सेदारी घरेलू कंपनियों की हो सकती है।
इस खबर के चलते इन रक्षा कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की नजर रह सकती है:
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Hindustan Aeronautics (HAL)
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Bharat Electronics (BEL)
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Mazagon Dock Shipbuilders
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Bharat Dynamics
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Cochin Shipyard
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Garden Reach Shipbuilders
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BEML
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Paras Defence
हालांकि, खरीद योजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी मिलने का अर्थ यह नहीं है कि इन सभी कंपनियों को तत्काल ऑर्डर मिल गए हैं। वास्तविक कारोबारी लाभ संबंधित अनुबंधों और कंपनी को मिलने वाले ऑर्डर पर निर्भर करेगा।
Sona BLW, Paytm और दूसरी कंपनियों का प्रदर्शन
Sona BLW Precision Forgings: कंपनी का मुनाफा 29.9% बढ़कर ₹223.4 करोड़ रहा। रेवेन्यू 35.2% बढ़कर ₹1,546.4 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन में गिरावट दर्ज की गई।
One97 Communications (Paytm): पेटीएम की पैरेंट कंपनी ने दूसरी तिमाही में ₹226 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में मुनाफा ₹21 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 28.5% बढ़कर ₹2,648 करोड़ रहा।
Sumitomo Chemical India: कंपनी का मुनाफा 12.4% घटकर ₹156 करोड़ रह गया।
Brigade Hotel Ventures: कंपनी का मुनाफा दोगुना होकर ₹22 करोड़ पहुंच गया।
Aavas Financiers: कंपनी का मुनाफा 10.75% बढ़कर ₹182 करोड़ रहा।
Genus Power का शेयर बायबैक
Genus Power Infrastructure ने ₹148.2 करोड़ तक के शेयर बायबैक को ₹312 प्रति शेयर की कीमत पर मंजूरी दी है। इस घोषणा पर निवेशकों की नजर रह सकती है। हालांकि, बायबैक में पात्रता, रिकॉर्ड डेट और अन्य शर्तों की जानकारी के लिए कंपनी की आधिकारिक घोषणा देखना जरूरी है।
आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी रहेगी नजर
27 अक्टूबर को कई अन्य कंपनियां सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित करने वाली हैं। इनमें Larsen & Toubro, Maruti Suzuki, SBI Life, Bajaj Auto, Cipla, ACC, Tata Capital, Mazagon Dock, Waaree Energies, JSW Cement, JSW Infrastructure और United Breweries शामिल हैं।
इन कंपनियों के मुनाफे, रेवेन्यू, मार्जिन और प्रबंधन की भविष्य की योजनाओं से शेयरों की चाल प्रभावित हो सकती है। निवेशकों के लिए नतीजों की तुलना पिछली तिमाही और पिछले साल की समान अवधि से करना महत्वपूर्ण रहेगा।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
तिमाही नतीजों, डिविडेंड, बायबैक और सरकारी नीतियों से जुड़ी खबरें शेयरों में उतार-चढ़ाव ला सकती हैं। लेकिन अच्छे नतीजे आने का मतलब यह नहीं कि शेयर की कीमत निश्चित रूप से बढ़ेगी। निवेश से पहले कंपनी का मूल्यांकन, वित्तीय स्थिति, भविष्य की संभावनाएं और अपनी जोखिम क्षमता जरूर जांचें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है, निवेश की सलाह नहीं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का निर्णय लेने से पहले स्वतंत्र रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।