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Stock Market Update: शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स 879 अंक उछला, निफ्टी 22,500 के पार बंद

 

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को जोरदार तेजी देखने को मिली। पिछले कारोबारी सत्र में भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की, जिससे बाजार को मजबूती मिली। बीएसई सेंसेक्स 79.09 अंक यानी 1.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,472.33 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 288.65 अंकों यानी 1.30 प्रतिशत की तेजी रही और यह 22,520.45 अंक पर पहुंच गया। शनिवार, 10 अक्टूबर को सामान्य शेयर बाजार कारोबार नहीं होता है। इसलिए आज के अपडेट में शुक्रवार के बंद बाजार के आंकड़े अहम हैं।

आईटी शेयरों में तेजी, टीसीएस और आईटीसी ने बाजार को दिया सहारा

शुक्रवार की तेजी में आईटी सेक्टर की अहम भूमिका रही। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के तिमाही नतीजों के बाद आईटी शेयरों में खरीदारी बढ़ी। आईटीसी के शेयर में भी लगभग 5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में भी बढ़त देखने को मिली।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से मिली राहत

बाजार में तेजी का एक प्रमुख कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी भी रहा। इससे निवेशकों को राहत मिली, हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, इसलिए तेल महंगा होने से महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।

आठ सप्ताह की गिरावट के बाद बाजार में सुधार

शुक्रवार की तेजी के साथ सेंसेक्स और निफ्टी ने लगातार आठ सप्ताह से जारी साप्ताहिक गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। हालांकि, इससे बाजार की पूरी स्थिति सुधरने की पुष्टि नहीं होती। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और ब्याज दरों को लेकर चिंताएं अभी भी बाजार के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

अगले सप्ताह किन बातों पर रहेगी नजर?

सोमवार, 12 अक्टूबर को बाजार खुलने पर निवेशकों की नजर कई अहम संकेतों पर रहेगी। इनमें कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीद-बिक्री, रुपये की चाल, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और कंपनियों के तिमाही नतीजे शामिल हैं। आईटी शेयरों में तेजी जारी रहती है या नहीं, यह भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।

विशेषज्ञों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह रहेगा कि शुक्रवार की तेजी लंबी रिकवरी में बदलती है या बाजार में फिर से उतार-चढ़ाव बढ़ता है। ऐसे में निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर रखते हुए जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए।