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Stock Market Update: शेयर बाजार में दिनभर रही उतार-चढ़ाव की स्थिति, सेंसेक्स 700 अंक तक फिसला; कच्चे तेल और IT शेयरों ने बढ़ाई चिंता

 

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को कारोबार के दौरान भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 800 अंक तक गिर गया, जबकि निफ्टी 50 भी 22,600 के स्तर से नीचे फिसल गया। हालांकि, बाद में बाजार में कुछ सुधार देखने को मिला और निफ्टी लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ। बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और आईटी शेयरों में गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 800 अंक तक गिरा

बुधवार सुबह बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांकों पर दबाव देखने को मिला। सुबह करीब 10:50 बजे बीएसई सेंसेक्स 780.27 अंक यानी 1.06 प्रतिशत गिरकर 72,818.40 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 192.40 अंक यानी 0.85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,556.80 के स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स की गिरावट एक समय 826 अंक से भी अधिक हो गई थी।हालांकि, दिन के आगे बढ़ने के साथ बाजार ने कुछ नुकसान की भरपाई की। उपलब्ध बाजार रिपोर्ट के अनुसार, निफ्टी 50 कारोबार के अंत में 22,749.75 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 3.45 अंक की मामूली गिरावट थी।

IT शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव

बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स सुबह के कारोबार में 3 प्रतिशत से अधिक गिर गया। इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एमफैसिस और एचसीएल टेक जैसे शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले से पहले निवेशक सतर्क नजर आए। अमेरिकी अर्थव्यवस्था और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता का असर आईटी कंपनियों की भविष्य की कमाई को लेकर बनी उम्मीदों पर भी पड़ सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ा। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहने से देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है।इसके अलावा, मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं ने भी निवेशकों को सतर्क बनाए रखा। विदेशी निवेशकों की बिकवाली को भी बाजार की कमजोरी की एक वजह माना जा रहा है।

इन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर

बाजार में निवेशकों की नजर रिलायंस इंडस्ट्रीज, जियो प्लेटफॉर्म्स, इन्फोसिस, एलएंडटी, टाटा कैपिटल, मारुति सुजुकी और वेयर एनर्जीज जैसी कंपनियों पर बनी रह सकती है। कंपनियों से जुड़े कारोबारी अपडेट और तिमाही नतीजे अलग-अलग शेयरों में उतार-चढ़ाव ला सकते हैं।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

फिलहाल बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, वैश्विक घटनाक्रम और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों पर निर्भर रह सकती है। निवेशकों को बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन तथा जोखिमों का आकलन करना चाहिए।