Stock Market Update: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 765 अंक टूटा; निफ्टी 23,000 के नीचे, बैंकिंग शेयरों में बिकवाली
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी पर बिकवाली का दबाव रहा। निजी बैंकों के कमजोर तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। दो कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद बाजार में फिर कमजोरी देखने को मिली।
सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट?
19 अक्टूबर को दोपहर करीब 12:45 बजे उपलब्ध बाजार अपडेट के अनुसार, बीएसई सेंसेक्स 765 अंक यानी 1.02 प्रतिशत गिरकर 73,964 के स्तर पर आ गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 224 अंकों यानी 0.97 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,923 के आसपास कारोबार करता दिखा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी रही।
बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव
बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह निजी बैंकिंग शेयरों में बिकवाली रही। एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक के तिमाही नतीजों से निवेशकों की उम्मीदों को झटका लगा। शुरुआती कारोबार में एचडीएफसी बैंक के शेयर करीब 2 प्रतिशत और एक्सिस बैंक के शेयर लगभग 4.1 प्रतिशत तक गिर गए थे। बाद के कारोबार में भी निजी बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना रहा।
इसके विपरीत, कुछ सरकारी बैंकों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में पंजाब नेशनल बैंक के शेयर में करीब 5.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इससे पता चलता है कि निवेशक बैंकिंग सेक्टर में चुनिंदा शेयरों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतें बनीं चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड करीब 107 से 109 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने से भारतीय बाजार पर दबाव पड़ा। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की महंगाई से आयात बिल, महंगाई और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है।
इसके अलावा, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
आने वाले कारोबारी सत्रों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच किसी भी स्तर को निश्चित समर्थन या तेजी की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदारी या बिकवाली करने के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना चाहिए। यह खबर केवल बाजार की जानकारी के उद्देश्य से है, निवेश की सलाह नहीं।