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Stock Market Closing : बाजार में नहीं दिखी स्पष्ट दिशा, मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ निफ्टी, सेंसेक्स 152 अंक चढ़ा 

 

बुधवार को बाज़ार बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ। निफ्टी 10 अंक बढ़कर 24,625 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 152 अंक बढ़कर 78,581 पर बंद हुआ। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान, निफ्टी ने 24,497 का निचला स्तर और 24,677 का ऊपरी स्तर छुआ। गौरतलब है कि मंगलवार को निफ्टी 159 अंक गिरकर 24,615 पर बंद हुआ था। आज RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक हुई, जिसमें रेपो रेट को लगातार चौथी बार 5.25% पर बरकरार रखा गया। महंगाई के अनुमान घटाए गए, जबकि ग्रोथ के अनुमान बढ़ाए गए। कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई और यह फिर से $81 के करीब पहुंच गया। इन वजहों से बाज़ार में कोई स्पष्ट ट्रेंड नहीं दिखा।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो, मेटल और PSU बैंकों में बढ़त दिखी, जबकि मीडिया, फार्मा, FMCG और IT सेक्टर में गिरावट रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 बढ़त के साथ और 12 गिरावट के साथ बंद हुए। आज अल्ट्राटेक सीमेंट, NTPC और SBI सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयर रहे, जबकि TCS, HCL टेक, रिलायंस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयर रहे।

इस साल अब तक तीन बैठकें; रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं
गौरतलब है कि रिज़र्व बैंक ने इस साल अब तक हुई तीनों MPC बैठकों में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। पिछली बार दिसंबर 2025 की बैठक में रेपो रेट को 5.50% से घटाकर 5.25% किया गया था। अभी यह रेट वैसा ही बना हुआ है। जानकारों का मानना ​​है कि जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच रिज़र्व बैंक डेटा पर आधारित फ़ैसले लेगा और इस बार भी रेपो रेट में बदलाव की उम्मीद कम है।

अगर अभी नहीं, तो कब? कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट
युद्ध खत्म होने के मजबूत संकेत
US और एशियाई बाजारों में अच्छी बढ़त
FII की खरीदारी लौटने के संकेत
कॉर्पोरेट नतीजों का मजबूत दौर
GST कलेक्शन और ऑटो बिक्री के आंकड़ों जैसे सकारात्मक आर्थिक आंकड़े
रुपये में लगातार सुधार के संकेत
तकनीकी रूप से मजबूत बाजार की स्थिति
कल की क्लोजिंग के मुकाबले PCR (पुट-कॉल रेश्यो) में काफी गिरावट आई है
LIC जैसे बड़े OFS इश्यू आसानी से पूरे हुए

ग्लोबल बाजारों में तेजी
ग्लोबल बाजारों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। US में, डॉव जोन्स पहली बार 54,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई का खतरा कम हुआ है। यह ट्रेंड एशियाई बाजारों में भी दिख रहा है; जापान का निक्केई 3% ऊपर है, जबकि कोरिया का KOSPI 3.5% से ज्यादा बढ़ा है।