Stock market Alert: शेयर बाजार में भारी गिरावट, लाल निशान में खुले सेंसेक्स के सभी 30 शेयर
भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार, 2 सितंबर 2026 को कमजोर शुरुआत की। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान में खुले, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। शुरुआती कारोबार में बाजार पर वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी का दबाव साफ दिखाई दिया।
सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार गिरावट
बुधवार के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,333.20 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 भी 0.89 प्रतिशत टूटकर 23,841.40 के आसपास कारोबार करता नजर आया। बाजार में बिकवाली का दबाव इतना व्यापक रहा कि 16 प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव रहा।
सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल
बाजार खुलते ही सेंसेक्स में शामिल सभी 30 कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। बैंकिंग, ऑटो, आईटी, मेटल, पेंट, टायर और तेल से जुड़े शेयरों पर खास दबाव रहा। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर उन कंपनियों पर भी दिखाई दिया, जिनकी लागत सीधे तौर पर ईंधन की कीमतों से प्रभावित होती है।
हालांकि व्यापक बाजार में कुछ शेयरों ने कमजोरी के बीच बेहतर प्रदर्शन किया। कोल इंडिया के शेयरों में तेजी देखने को मिली। कंपनी की अगस्त में कोयला आपूर्ति में 5.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी और उसकी महानदी कोलफील्ड्स इकाई के प्रस्तावित आईपीओ से जुड़ी खबरों का असर शेयर पर नजर आया। सन फार्मा भी करीब 0.5 प्रतिशत मजबूत रहा।
क्यों गिर रहा है शेयर बाजार?
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में से एक अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। अमेरिकी हमलों के बाद पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड करीब 95.4 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा तेल देश के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ा सकता है।
इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से भी निवेशकों की चिंता बढ़ी है। ऊंची यील्ड के कारण वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है और इसका असर उभरते बाजारों पर पड़ सकता है। रुपये में कमजोरी ने भी बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है।
निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी
बुधवार की शुरुआती बिकवाली के दौरान भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की संपत्ति में करीब 5 लाख करोड़ रुपये की कमी आने की खबर है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमत, पश्चिम एशिया का घटनाक्रम, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और रुपये की चाल बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
ऐसे में निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी लौटती है या बिकवाली का दबाव आगे भी जारी रहता है।