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Solar Panel: घर में सोलर लगवाने के बाद Inverter-Battery की जरूरत है या नहीं? जानिए पूरा सच
 

 


बिजली का बिल घटाने के लिए अब बड़ी संख्या में लोग घरों की छत पर Solar Panel लगवा रहे हैं। सोलर सिस्टम बिजली के खर्च को कम करने में मदद करता है, लेकिन इसे लेकर लोगों के मन में एक आम सवाल रहता है—अगर घर में सोलर पैनल लग गया तो क्या इन्वर्टर और बैटरी की जरूरत खत्म हो जाएगी?

इसका सीधा जवाब है कि हर सोलर सिस्टम में बैटरी जरूरी नहीं होती। बैटरी की जरूरत इस बात पर निर्भर करती है कि आपने कौन सा Solar System लगवाया है और आपके घर में बिजली कटौती कितनी होती है।

सोलर पैनल बिजली बनाता है, स्टोर नहीं करता
सोलर पैनल सूरज की रोशनी से बिजली पैदा करता है। इस बिजली को घर में इस्तेमाल करने योग्य बनाने और सिस्टम को नियंत्रित करने के लिए इन्वर्टर की जरूरत होती है।

दिन के समय जब धूप उपलब्ध होती है, तब सोलर पैनल से बनने वाली बिजली का इस्तेमाल घर के पंखे, लाइट, टीवी और अन्य उपकरण चलाने में किया जा सकता है।

लेकिन ध्यान रखें कि सोलर पैनल खुद बिजली को स्टोर नहीं करता। इसलिए रात में या धूप न होने की स्थिति में सोलर पैनल से सीधे बिजली नहीं मिलेगी। ऐसे समय में बैटरी या ग्रिड की जरूरत पड़ सकती है।

On-Grid Solar में बैटरी की जरूरत नहीं
अगर आपने On-Grid Solar System लगवाया है तो आमतौर पर इसमें अलग से बैटरी लगाने की जरूरत नहीं होती।
इस सिस्टम में सोलर पैनल, इन्वर्टर और बिजली के ग्रिड के बीच तालमेल रहता है। दिन में सोलर से बनने वाली बिजली पहले घर की जरूरत पूरी करती है। अगर बिजली जरूरत से ज्यादा बनती है तो अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है।
वहीं, जब सोलर से कम बिजली बनती है तो घर की जरूरत के मुताबिक ग्रिड से बिजली ली जाती है।
इसका एक बड़ा फायदा यह है कि बैटरी खरीदने और उसके रखरखाव का अतिरिक्त खर्च नहीं आता। हालांकि, सामान्य On-Grid सिस्टम बिजली कटने पर बैकअप नहीं देता। पावर कट होने पर यह सिस्टम भी बंद हो सकता है।

पावर कट से बचना है तो बैटरी जरूरी हो सकती है
अगर आपके इलाके में बार-बार बिजली कटती है और आप चाहते हैं कि बिजली जाने के बाद भी घर के जरूरी उपकरण चलते रहें, तो बैटरी वाला Solar System बेहतर विकल्प हो सकता है।

ऐसे सिस्टम में सोलर से मिलने वाली अतिरिक्त बिजली को बैटरी में स्टोर किया जा सकता है। बाद में रात के समय या बिजली कटने पर इसी स्टोर की गई बिजली का इस्तेमाल किया जाता है।
इससे पंखे, लाइट, टीवी जैसे जरूरी उपकरण कुछ समय तक चलते रह सकते हैं। हालांकि बैकअप कितनी देर मिलेगा, यह बैटरी की क्षमता और आपके घर के लोड पर निर्भर करता है।
Hybrid Solar System किसके लिए बेहतर?
अगर आपका मकसद बिजली का बिल कम करने के साथ-साथ पावर कट के दौरान बैकअप पाना भी है, तो Hybrid Solar System एक उपयोगी विकल्प हो सकता है।
इस सिस्टम में Solar Panel, Inverter, Battery और Grid को एक साथ जोड़ा जाता है। दिन में सोलर से बनने वाली बिजली घर में इस्तेमाल की जाती है और अतिरिक्त बिजली बैटरी में स्टोर की जा सकती है।
बिजली कटने या सोलर बिजली उपलब्ध न होने पर बैटरी बैकअप दे सकती है। जरूरत पड़ने पर ग्रिड से भी बिजली ली जा सकती है।
आपके लिए कौन सा Solar System सही?
•    सिर्फ बिजली का बिल कम करना है: On-Grid Solar आपके लिए पर्याप्त हो सकता है।
•    बिजली कटौती ज्यादा होती है: बैटरी बैकअप वाला सिस्टम बेहतर रहेगा।
•    बिल भी कम करना है और पावर कट से भी बचना है: Hybrid Solar System पर विचार किया जा सकता है।
•    रात में सोलर बिजली इस्तेमाल करनी है: बैटरी की जरूरत पड़ेगी।
यानी सोलर पैनल लगवाने के बाद इन्वर्टर और बैटरी की जरूरत पूरी तरह खत्म नहीं होती। बैटरी जरूरी है या नहीं, यह आपके Solar System के प्रकार, बिजली कटौती और घर के बिजली लोड पर निर्भर करता है। सिस्टम लगवाने से पहले अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से सही विकल्प चुनना सबसे जरूरी है।