त्योहारी सीजन से पहले झटका: BIS ने 67% बढ़ा दी गोल्ड हॉलमार्किंग फीस, समझें गहने खरीदने का पूरा नया गणित
देश में फेस्टिव सीजन शुरू होने वाला है और इसके बाद शादियों का सीजन भी दस्तक देने वाला है। दुर्गा पूजा के बाद धनतेरस, दिवाली और फिर शादी-ब्याह का दौर शुरू होगा। ऐसे में सोने और चांदी की ज्वेलरी की खरीदारी बढ़ने की उम्मीद रहती है।इसी बीच सोने की ज्वेलरी की हॉलमार्किंग को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। भारतीय मानक ब्यूरो यानी BIS ने सोने के आर्टिकल की हॉलमार्किंग फीस बढ़ा दी है। यह बढ़ोतरी करीब 67 फीसदी है।अब एक गोल्ड आर्टिकल की हॉलमार्किंग के लिए 75 रुपये की फीस देनी होगी। पहले यह शुल्क 45 रुपये था। यानी प्रति गोल्ड आर्टिकल हॉलमार्किंग फीस में 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।नई फीस 14 सितंबर 2026 से लागू हो गई है। हालांकि, इसका सीधा मतलब यह नहीं है कि ग्राहक को हर सोने के गहने पर 30 रुपये अतिरिक्त देना ही होगा।
सोने की हॉलमार्किंग फीस कितनी बढ़ी?
नई व्यवस्था के तहत ज्वेलर्स को हर गोल्ड आर्टिकल की हॉलमार्किंग के लिए अब 75 रुपये देने होंगे। पहले यह शुल्क 45 रुपये था।
इस तरह प्रति आर्टिकल फीस में 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो हॉलमार्किंग फीस में करीब 66.7 फीसदी का इजाफा हुआ है।
वहीं, चांदी के आर्टिकल की हॉलमार्किंग फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके लिए पहले की तरह 35 रुपये प्रति आर्टिकल शुल्क देना होगा।
नई और पुरानी फीस
| हॉलमार्किंग शुल्क | पहले | अब |
|---|---|---|
| गोल्ड आर्टिकल | ₹45 | ₹75 |
| सिल्वर आर्टिकल | ₹35 | ₹35 |
| न्यूनतम गोल्ड कंसाइनमेंट | ₹200 | ₹200 |
| न्यूनतम सिल्वर कंसाइनमेंट | ₹150 | ₹150 |
गोल्ड के लिए न्यूनतम कंसाइनमेंट चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह पहले की तरह 200 रुपये रहेगा। वहीं सिल्वर के लिए न्यूनतम कंसाइनमेंट चार्ज 150 रुपये ही रहेगा।
क्या हर गहने पर 30 रुपये ज्यादा देने होंगे?
यह समझना सबसे जरूरी है कि हॉलमार्किंग फीस बढ़ने का मतलब सीधे तौर पर यह नहीं है कि ग्राहक को हर गहने पर 30 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
75 रुपये की हॉलमार्किंग फीस ज्वेलर की ओर से मान्यता प्राप्त Assaying and Hallmarking Centre को दी जाने वाली फीस है। यह ऐसा अनिवार्य अलग शुल्क नहीं है जिसे BIS ने ग्राहक से हर गहने पर 75 रुपये के रूप में वसूलने को कहा हो।
इसलिए ग्राहक के लिए अंतिम बिल में कितना बदलाव होगा, यह ज्वेलर की pricing पर निर्भर करेगा।
अगर कोई ज्वेलर बढ़ी हुई हॉलमार्किंग लागत को अपनी ज्वेलरी की कीमत या दूसरे चार्ज में शामिल करता है, तो इसका असर ग्राहक की जेब पर पड़ सकता है। लेकिन BIS की नई फीस का सीधा मतलब यह नहीं है कि हर ग्राहक से हर गोल्ड आर्टिकल पर अलग से 30 रुपये वसूलना जरूरी है।
ज्वेलरी खरीदते समय बिल जरूर चेक करें
अगर आप आने वाले फेस्टिव या वेडिंग सीजन में सोने की ज्वेलरी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो बिल को ध्यान से देखना जरूरी है।
इनवॉयस में ज्वेलरी की कीमत के साथ मेकिंग चार्ज, टैक्स और लगाए गए दूसरे शुल्क की जानकारी जरूर देखें। अगर हॉलमार्किंग या किसी अन्य नाम से कोई अतिरिक्त चार्ज लगाया गया है, तो उसके बारे में ज्वेलर से जानकारी लेना बेहतर रहेगा।
खास बात यह है कि BIS की हॉलमार्किंग फीस में 30 रुपये की बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि ग्राहक को हर गहने पर 30 रुपये अतिरिक्त देना अनिवार्य हो गया है।
चांदी की ज्वेलरी पर क्या हुआ बदलाव?
चांदी के आर्टिकल की हॉलमार्किंग फीस में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसकी फीस पहले की तरह 35 रुपये प्रति आर्टिकल है।
इसके अलावा सिल्वर के लिए न्यूनतम कंसाइनमेंट चार्ज भी 150 रुपये ही रहेगा।
फेस्टिव सीजन से पहले बढ़ी फीस
हॉलमार्किंग फीस में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब देश में त्योहारों और शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। इस दौरान सोने की ज्वेलरी की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है।
ऐसे में गोल्ड खरीदने की तैयारी कर रहे ग्राहकों के लिए नई फीस को समझना जरूरी है। हॉलमार्किंग की लागत बढ़ने से ज्वेलर्स का खर्च बढ़ सकता है, लेकिन यह पूरी लागत ग्राहक के बिल में सीधे जुड़ना जरूरी नहीं है।
इसलिए सोना खरीदते समय सिर्फ ज्वेलरी की कीमत ही नहीं, बल्कि पूरा बिल और उसमें लगाए गए सभी चार्ज ध्यान से चेक करें।