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Share Market Today: सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा चढ़ा, निफ्टी में भी तेजी; जियो IPO आज से खुलने की तैयारी

 

भारतीय शेयर बाजार में 21 अक्टूबर को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा चढ़कर 74,400 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी करीब 150 अंक की बढ़त के साथ 23,050 के आसपास है। बैंकिंग, एनर्जी और आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिल रहा है।

इससे पहले 19 अक्टूबर को बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन सेंसेक्स 876 अंक टूटकर 73,853 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 257 अंक गिरकर 22,889 पर आ गया था। 20 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहा था।

जियो IPO पर निवेशकों की नजर

रिलायंस समूह की जियो से जुड़ी कंपनी का IPO आज से खुलने की जानकारी दी गई है। निवेशक इसमें 23 अक्टूबर तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी इस इश्यू के जरिए 30,188 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। दिए गए विवरण के मुताबिक, न्यूनतम निवेश की राशि 13,428 रुपये है।

IPO में निवेश करने से पहले निवेशकों को इश्यू का आधिकारिक प्राइस बैंड, लॉट साइज, आवेदन की शर्तें और जोखिम संबंधी जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

बुधवार को एशियाई बाजारों में अलग-अलग रुझान देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.74% और जापान का निक्केई 1.17% की बढ़त पर रहा। वहीं, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 0.20% गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा।

अमेरिकी बाजार में भी मिला-जुला कारोबार

20 अक्टूबर को अमेरिकी बाजारों में भी अलग-अलग प्रदर्शन रहा। डाउ जोन्स 1.02% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि S&P 500 में 0.28% की तेजी रही। दूसरी ओर, नैस्डैक में 0.02% की मामूली गिरावट दर्ज की गई।

विदेशी निवेशकों ने सात दिन में बेचे 5,268 करोड़ रुपये के शेयर

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) की बिकवाली बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने पिछले सात दिनों में 5,268 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इसी अवधि में 2,859 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।

पिछले 30 दिनों के आंकड़ों में भी विदेशी निवेशकों की शुद्ध बिकवाली और घरेलू निवेशकों की खरीदारी का अंतर दिखाई देता है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों को वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए। किसी एक दिन की तेजी को लगातार बढ़त का संकेत मानना उचित नहीं है। निवेश का फैसला अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर करना बेहतर रहता है।