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Share Market Today: सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, मेटल और रियल्टी शेयरों पर दबाव; विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
 

 

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 8 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। सेंसेक्स करीब 200 अंक की गिरावट के साथ 72,450 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी भी 50 अंक से ज्यादा नीचे रहा और 22,550 के स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा था। बाजार में खासतौर पर मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली देखने को मिल रही है।
एशियाई बाजार भी दबाव में
भारतीय बाजार के साथ एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। जापान का निक्केई करीब 0.95% नीचे रहा, जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.81% की गिरावट दर्ज की गई। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग भी 0.39% कमजोर रहा।
इंडेक्स    लेवल    बदलाव    बदलाव (%)
कोस्पी    6751    -55    -0.81%
निक्केई    69373    -662    -0.95%
हैंगसेंग    24047    -84    -0.39%
अमेरिकी बाजार में भी कमजोरी
7 अक्टूबर को अमेरिकी शेयर बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई। डाउ जोन्स 341 अंक फिसलकर 51,180 पर बंद हुआ। नैस्डैक में 61 अंकों की गिरावट रही, जबकि S&P 500 भी 17 अंक नीचे बंद हुआ।
इंडेक्स    लेवल    बदलाव    बदलाव (%)
डाउ जोन्स    51180    -341    -0.66%
नैस्डैक    27539    -61    -0.22%
S&P 500    7802    -17    -0.22%
विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ी
बाजार पर विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का भी दबाव है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 7 दिनों में FII/FPI ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 13,782 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने इसी अवधि में 14,867 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की।
पिछले 30 दिनों के आंकड़ों में भी विदेशी निवेशकों की बिकवाली का रुझान बना हुआ है। इस दौरान FII/FPI ने करीब 69,810 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं, जबकि DII की नेट खरीदारी 80,455 करोड़ रुपए रही।
7 अक्टूबर को भी बाजार में आई थी गिरावट
इससे पहले मंगलवार, 7 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 429 अंक टूटकर 72,639 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी करीब 173 अंक गिरकर 22,603 के स्तर पर पहुंच गया था।
आज इन सेक्टर्स पर रहेगी नजर
8 अक्टूबर के कारोबार में निवेशकों की नजर मेटल और रियल्टी शेयरों पर बनी हुई है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की बिकवाली, एशियाई बाजारों का रुख और अमेरिकी बाजारों की कमजोरी भी घरेलू बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती है।
नोट: FII/FPI और DII की खरीदारी-बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं।