Share Market : कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर: सेंसेक्स 74,315 पर बंद, IT और ऑटो सेक्टर बने रॉकेट
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 15 अक्टूबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,533.72 अंक यानी 2.11% चढ़कर 74,315.61 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 374.65 अंक यानी 1.66% की बढ़त के साथ 22,997.35 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में IT और ऑटो कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से तेजी को सहारा मिला, जबकि कुछ सरकारी बैंकिंग शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।दिलचस्प बात यह रही कि भारतीय बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई, जब एशियाई बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 7.57% और जापान का निक्केई 4.90% टूट गया। ऐसे में निवेशकों के बीच सवाल है कि आखिर वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार क्यों चढ़ा?
शेयर बाजार में तेजी आने की 4 बड़ी वजहें
1. IT शेयरों में लगातार खरीदारी
TCS, इंफोसिस और HCL टेक्नोलॉजीज जैसी बड़ी IT कंपनियों के शेयरों में मजबूती से बाजार को समर्थन मिला। निवेशक कंपनियों के नतीजों और भविष्य की कमाई की संभावनाओं पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, किसी शेयर में तेजी की वजह केवल अच्छे नतीजे ही हों, यह जरूरी नहीं है।
2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ती है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। तेल सस्ता रहने पर आयात बिल और महंगाई के दबाव में कमी आ सकती है, जिससे बाजार की धारणा बेहतर हो सकती है।
3. रुपये और घरेलू बाजार को लेकर उम्मीदें
बाजार में रुपये की मजबूती और घरेलू निवेशकों की खरीदारी भी निवेशकों के भरोसे को सहारा दे सकती है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। इसलिए एक दिन की तेजी को विदेशी निवेशकों की वापसी का पक्का संकेत नहीं माना जा सकता।
4. LTCG टैक्स में राहत की उम्मीद
निवेशकों के बीच शेयरों पर लगने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स में संभावित राहत को लेकर चर्चाएं हो सकती हैं। लेकिन जब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, इसे केवल उम्मीद या अटकल के तौर पर ही देखना चाहिए।
कोरिया का बाजार 7.57% टूटा, जापान में भी बड़ी गिरावट
जहां भारतीय बाजार में तेजी रही, वहीं एशिया के कई प्रमुख बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिकी महंगाई बढ़ने की चिंता और AI तथा सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में गिरावट ने निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला।
| प्रमुख इंडेक्स | बंद स्तर | अंक में बदलाव | प्रतिशत बदलाव |
|---|---|---|---|
| कोस्पी (दक्षिण कोरिया) | 5,554.22 | -454.59 | -7.57% |
| निक्केई (जापान) | 64,426 | -3,318 | -4.90% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 24,063 | -251 | -1.03% |
नोट: एशियाई बाजारों के स्तर और बदलाव के आंकड़े उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार दिए गए हैं।
अमेरिकी बाजार में भी रही कमजोरी
14 अक्टूबर को अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। खासकर टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली का असर नैस्डैक पर ज्यादा दिखाई दिया। अमेरिकी महंगाई के अनुमान से अधिक रहने और ब्याज दरों को लेकर चिंता ने निवेशकों को सतर्क किया।
| अमेरिकी इंडेक्स | बंद स्तर | अंक में बदलाव | प्रतिशत बदलाव |
|---|---|---|---|
| डाउ जोन्स | 51,621 | -49 | -0.09% |
| नैस्डैक | 26,693 | -512 | -1.88% |
| S&P 500 | 7,719 | -87 | -1.11% |
विदेशी निवेशकों ने 7 दिनों में ₹8,440 करोड़ के शेयर बेचे
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) की बिकवाली बाजार के लिए चिंता बनी हुई है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने बीते सात दिनों में भारतीय शेयर बाजार से शुद्ध रूप से ₹8,440 करोड़ निकाले। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इसी अवधि में ₹12,898 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।
| निवेशक श्रेणी | नवीनतम आंकड़ा | बीते 7 दिन | बीते 30 दिन |
|---|---|---|---|
| DII | ₹2,671 करोड़ | ₹12,898 करोड़ | ₹96,867 करोड़ |
| FII/FPI | -₹1,858 करोड़ | -₹8,440 करोड़ | -₹86,263 करोड़ |
नोट: सभी आंकड़े करोड़ रुपये में हैं। नकारात्मक आंकड़ा शुद्ध बिकवाली को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
15 अक्टूबर की तेजी से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है, लेकिन वैश्विक बाजारों की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। निवेशकों को किसी एक दिन की तेजी देखकर जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचना चाहिए। निवेश से पहले कंपनी के नतीजों, शेयर के मूल्यांकन और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना जरूरी है।