सेंसेक्स में 1200 अंकों की बड़ी गिरावट: मेटल शेयरों में बिकवाली से टूटा बाजार, जियो IPO आज बंद
शेयर बाजार में आज यानी 23 अक्टूबर को उतार-चढ़ाव के बीच जोरदार गिरावट देखने को मिल रही है। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 300 अंकों से ज्यादा चढ़कर 73,500 के पार पहुंच गया था, लेकिन बाद में बिकवाली का दबाव बढ़ने से यह करीब 700 अंक गिरकर 72,550 के स्तर पर आ गया। सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से लगभग 1,200 अंक नीचे फिसल चुका है।
IT शेयरों में खरीदारी, मेटल स्टॉक्स पर दबाव
बाजार में गिरावट के बावजूद IT शेयरों में खरीदारी देखने को मिल रही है, जबकि मेटल सेक्टर के शेयरों में बिकवाली हावी है। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और तकनीकी स्तरों पर कमजोरी ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है।
बाजार में गिरावट की 3 बड़ी वजहें
1. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 22 अक्टूबर को 3,459 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,891 करोड़ रुपये की खरीदारी की। घरेलू निवेशकों की खरीदारी के बावजूद विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव बाजार पर बना हुआ है।
2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
सऊदी अरब पर हूती हमलों के बाद ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत 113.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की खबर है। कच्चा तेल महंगा होने से कंपनियों की लागत बढ़ने और मुनाफे पर दबाव पड़ने की आशंका है, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।
3. तकनीकी स्तरों पर कमजोरी
तकनीकी संकेतक भी बाजार में कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं। निफ्टी अपने 20-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के बताए गए 22,860 के स्तर से नीचे आ गया है। 22,800 के ऊपर टिकने में नाकाम रहने और 22,550 के नीचे फिसलने से बिकवाली बढ़ने की आशंका है। कमजोरी जारी रहने पर 22,180 का स्तर अगला संभावित सपोर्ट हो सकता है।
जियो IPO में निवेश का आज आखिरी मौका
जियो के IPO में आज यानी 23 अक्टूबर को बोली लगाने का आखिरी दिन है। कंपनी इस इश्यू के जरिए 30,188 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसमें न्यूनतम निवेश 13,428 रुपये बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दूसरे दिन तक IPO को 5.39 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
एशियाई बाजारों में आज ज्यादातर प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.01% और जापान का निक्केई 1.72% गिरा, जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 0.49% की बढ़त में रहा।
| इंडेक्स | स्तर | बदलाव |
|---|---|---|
| कोस्पी | 5,422 | -2.01% |
| निक्केई | 61,825 | -1.72% |
| हैंगसेंग | 23,081 | +0.49% |
अमेरिकी बाजारों में भी दबाव
22 अक्टूबर को अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। नैस्डैक 2.60% और S&P 500 1.21% गिरकर बंद हुए, जबकि डाउ जोन्स लगभग स्थिर रहा और 0.02% की मामूली बढ़त दर्ज की।
| इंडेक्स | स्तर | बदलाव |
|---|---|---|
| डाउ जोन्स | 52,868 | +0.02% |
| नैस्डैक | 26,009 | -2.60% |
| S&P 500 | 7,663 | -1.21% |
7 दिनों में विदेशी निवेशकों ने की भारी बिकवाली
विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर भारतीय बाजार पर लगातार दिखाई दे रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले 7 दिनों में FII/FPI ने 3,585 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। वहीं, घरेलू निवेशकों ने इसी अवधि में 7,707 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।
| निवेशक श्रेणी | 22 अक्टूबर | पिछले 7 दिन | पिछले 30 दिन |
|---|---|---|---|
| DII | 2,891 करोड़ ₹ | 7,707 करोड़ ₹ | 86,428 करोड़ ₹ |
| FII/FPI | -3,459 करोड़ ₹ | -3,585 करोड़ ₹ | -86,557 करोड़ ₹ |
कुल मिलाकर, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और निफ्टी में तकनीकी कमजोरी बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं। आगे बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक संकेत, तेल की कीमतें और निवेशकों की खरीदारी अहम भूमिका निभा सकती हैं।