शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट: सेंसेक्स 750 अंक टूटा, 7 दिनों में विदेशी निवेशकों ने बेचे ₹29,000 करोड़ के शेयर
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 1 अक्टूबर को भी सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में नजर आए और बाजार में लगातार चौथे दिन बिकवाली देखने को मिली। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल और रुपए की कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ऑटो, मेटल समेत कई सेक्टर्स में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
बाजार में गिरावट की 3 बड़ी वजहें
1. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
भारतीय शेयर बाजार पर सबसे बड़ा दबाव विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बना हुआ है। 30 सितंबर को ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने करीब ₹10,148 करोड़ की भारतीय इक्विटी बेची। सितंबर में विदेशी निवेशकों की कुल निकासी करीब ₹52 हजार करोड़ तक पहुंच गई। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार में खरीदारी के जरिए कुछ सहारा देते नजर आए।
2. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल
अमेरिका में 10 साल की ट्रेजरी यील्ड बढ़कर करीब 5.34% तक पहुंच गई, जो 2002 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है। अमेरिकी बॉन्ड से मिलने वाला ज्यादा रिटर्न विदेशी निवेशकों के लिए उभरते बाजारों की तुलना में अमेरिकी एसेट्स को आकर्षक बना सकता है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है।
3. रुपए पर भी दबाव
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है। 1 अक्टूबर को रुपया करीब ₹95.985 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया। रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी बैंकों की डॉलर बिक्री से रुपए को सहारा देने की कोशिश हुई, लेकिन मजबूत डॉलर और ऊंची अमेरिकी यील्ड के कारण करेंसी पर दबाव बना रहा।
Moneyview की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री
दूसरी तरफ डिजिटल फाइनेंस प्लेटफॉर्म Moneyview ने शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत की। कंपनी के शेयर NSE पर ₹55 के भाव पर लिस्ट हुए, जबकि IPO का इश्यू प्राइस ₹34 था। यानी लिस्टिंग करीब 61.76% प्रीमियम पर हुई। BSE पर शेयर ₹55.61 पर खुले।Moneyview का IPO 24 से 28 सितंबर के बीच खुला था। हालांकि, सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों में अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर देखने को मिला है, इसलिए अंतिम आंकड़े एक्सचेंज/कंपनी के आधिकारिक रिकॉर्ड से मिलाना उचित होगा।
अमेरिकी बाजार का भी असर
भारतीय बाजार पर ग्लोबल संकेतों का भी असर पड़ा। अमेरिकी बाजार में 30 सितंबर को डाउ जोन्स और S&P 500 में गिरावट रही, जबकि नैस्डैक मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में मजबूती ने एशियाई बाजारों के सेंटीमेंट पर दबाव बनाए रखा।
ऑटो और मेटल शेयरों में ज्यादा दबाव
आज की बिकवाली में ऑटो सेक्टर खास तौर पर दबाव में रहा। इसके अलावा मेटल, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टर्स में भी कमजोरी देखने को मिली। बाजार में बढ़ी हुई अस्थिरता से निवेशकों की चिंता और बढ़ी है।यानी कुल मिलाकर भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन भी उतार-चढ़ाव भरा रहा। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कमजोर रुपया और ग्लोबल मार्केट के संकेत फिलहाल बाजार की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं।