शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी: सेंसेक्स 125 अंक लुढ़ककर 73,123 पर बंद, सरकारी बैंक और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली
शेयर बाजार में 23 अक्टूबर को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा चढ़कर 73,700 के पार पहुंच गया था, लेकिन कुछ ही देर में बाजार की चाल बदल गई। सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से करीब 1,200 अंक फिसल गया और 72,600 के आसपास आ गया।बाजार में इस गिरावट के बीच आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि मेटल शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा। निवेशकों की नजर अब विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों और निफ्टी के अहम तकनीकी स्तरों पर है।
बाजार गिरने की 3 बड़ी वजहें
1. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने शेयर बाजार में बिकवाली जारी रखी। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने 3,459 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने 2,891 करोड़ रुपये की खरीदारी की। इसके बावजूद बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा।
2. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। सऊदी अरब पर हूती हमलों के बाद ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच ब्रेंट क्रूड 113.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की बात कही गई है। तेल महंगा होने से भारत के आयात बिल, कंपनियों की लागत और मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।
3. निफ्टी के तकनीकी स्तरों पर दबाव
तकनीकी संकेत भी बाजार के लिए चिंता बढ़ा रहे हैं। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, निफ्टी अपने 20-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA के नीचे कारोबार कर रहा था। 22,800 का स्तर अहम माना जा रहा है, जबकि 22,550 के नीचे कमजोरी बढ़ने की आशंका जताई गई है। हालांकि, ये तकनीकी स्तर संभावनाएं बताते हैं, बाजार की दिशा की गारंटी नहीं देते।
जियो IPO पर भी निवेशकों की नजर
जियो के IPO में बोली लगाने का 23 अक्टूबर को तीसरा और आखिरी दिन बताया गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब 30,188 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दूसरे दिन तक IPO को 5.39 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था। निवेश करने से पहले IPO के आधिकारिक दस्तावेज, कीमत और जोखिम जरूर जांचें।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी
23 अक्टूबर को एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.01% और जापान का निक्केई 1.72% नीचे था, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 0.49% ऊपर कारोबार कर रहा था।
अमेरिकी बाजार में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान नैस्डैक 2.60% और S&P 500 में 1.21% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि डाउ जोन्स लगभग स्थिर रहा।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ी चिंता
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले सात दिनों में FII/FPI ने 3,585 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। वहीं घरेलू निवेशकों ने इसी अवधि में 7,707 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। पिछले 30 दिनों में विदेशी निवेशकों की शुद्ध बिकवाली 86,557 करोड़ रुपये तक पहुंचने का आंकड़ा दिया गया है।