शेयर बाजार में लौट आई रौनक: लगातार 9 सप्ताह की गिरावट पर ब्रेक, सेंसेक्स 72,550 के पार
शेयर बाजार में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 1,000 अंक उछलकर 72,550 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी में करीब 300 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,550 के पार पहुंच गया।लगातार 9 हफ्तों की गिरावट के बाद इस सप्ताह बाजार में तेजी देखने को मिली है। इससे एक दिन पहले गुरुवार को सेंसेक्स 1,000 अंकों से ज्यादा गिरकर बंद हुआ था। शुक्रवार को आईटी और FMCG सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली।सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 में तेजी, जबकि 4 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
शेयर बाजार में तेजी की 3 बड़ी वजहें
1. ईरान को लेकर ट्रम्प के बयान से बढ़ा भरोसा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान को लेकर दिए गए बयान से वैश्विक बाजारों में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करने की बात कही है।अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। मध्य पूर्व में तनाव कम होने की संभावना को शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।
2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भी भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत की खबर रही। रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल से नीचे और WTI क्रूड करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट से आयात बिल और महंगाई के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है। इससे रुपये और बाजार को भी सहारा मिलने की उम्मीद रहती है।
3. रुपये में सुधार से बाजार को सपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 23 पैसे मजबूत होकर 96.65 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप को रुपये में सुधार की वजह बताया गया है।हालांकि, रुपये और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर बाजार पर कितना टिकाऊ रहेगा, यह आने वाले कारोबारी सत्रों में स्पष्ट होगा।
TCS के शेयरों में 5% से ज्यादा की तेजी
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में शुक्रवार को 5% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, शेयर करीब 2,170 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था।कंपनी ने 12 रुपये प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। दूसरी तिमाही में TCS का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 15% बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 12,075 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
घरेलू बाजार में तेजी के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशक (FII/FPI) लगातार भारतीय शेयरों की बिकवाली कर रहे हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को विदेशी निवेशकों ने करीब 12,944 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
बीते 7 दिनों में विदेशी निवेशकों की नेट बिकवाली करीब 26,725 करोड़ रुपये और पिछले 30 दिनों में लगभग 82,170 करोड़ रुपये रही। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने खरीदारी जारी रखी।
| निवेशक वर्ग | गुरुवार की नेट खरीदारी/बिकवाली | बीते 7 दिन | बीते 30 दिन |
|---|---|---|---|
| DII | 10,703 करोड़ रुपये | 25,570 करोड़ रुपये | 89,649 करोड़ रुपये |
| FII/FPI | -12,944 करोड़ रुपये | -26,725 करोड़ रुपये | -82,170 करोड़ रुपये |
इन आंकड़ों के अनुसार, घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया, जबकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली दबाव बनाए हुए है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
शुक्रवार को एशियाई बाजारों में अलग-अलग रुख देखने को मिला। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 2.62% और जापान के निक्केई में 0.77% की गिरावट रही। वहीं, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 1.03% की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
अमेरिकी बाजार में भी मिला-जुला रुख
गुरुवार, 8 अक्टूबर को अमेरिकी शेयर बाजार में भी मिला-जुला कारोबार देखने को मिला।
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डाउ जोन्स: 52 अंक यानी 0.10% की बढ़त।
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नैस्डैक: 345 अंक यानी 1.25% की गिरावट।
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S&P 500: 36 अंक यानी 0.47% की गिरावट।
एक दिन पहले 1,000 अंक से ज्यादा गिरा था सेंसेक्स
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी और सेंसेक्स 1,000 अंकों से ज्यादा गिरकर बंद हुआ था। इसके बाद शुक्रवार को बाजार में आई तेजी से निवेशकों को कुछ राहत मिली।हालांकि, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात पर बाजार की नजर बनी रहेगी। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे केवल एक दिन की तेजी देखकर जल्दबाजी में फैसले न लें और निवेश से पहले अपने जोखिम का आकलन करें।