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लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार: सेंसेक्स 72,700 के करीब फिसला, ऑटो और फार्मा शेयरों में ताबड़तोड़ बिकवाली से हड़कंप

 

भारतीय शेयर बाजार में 14 अक्टूबर को गिरावट देखने को मिली। पिछले कारोबारी सत्र की शानदार तेजी के बाद बाजार पर फिर बिकवाली का दबाव रहा। सेंसेक्स 252 अंक गिरकर 72,782 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 99 अंक टूटकर 22,623 के स्तर पर आ गया। ऑटो, फार्मा और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली।हालांकि, बाजार के सभी हिस्सों में गिरावट नहीं रही। मिडकैप 50 इंडेक्स 23 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप 50 में 53 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स और निफ्टी का हाल

कारोबार के अंत में सेंसेक्स में 0.34% और निफ्टी में 0.44% की गिरावट रही। बाजार में इस कमजोरी के बीच निवेशकों की नजर शेयरों के प्रदर्शन, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी हुई है।

Nestlé और Tata Consumer के शेयरों में तेजी

गिरावट वाले बाजार में भी कुछ शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, निफ्टी के टॉप गेनर्स में Nestlé India का शेयर 3.69% चढ़ा। Tata Consumer Products में 2.91% और Infosys में 2.44% की तेजी दर्ज की गई।दूसरी ओर, Shriram Finance में 3.85%, HDFC Life में 2.85% और Bajaj Finance में 2.62% की गिरावट रही। इन शेयरों में बिकवाली ने बाजार के प्रदर्शन पर दबाव बनाया।

BHEL का मुनाफा बढ़कर ₹821 करोड़

सरकारी कंपनी BHEL ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 120% बढ़कर ₹821 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹375 करोड़ था।कंपनी की कंसोलिडेटेड आय भी ₹7,512 करोड़ से बढ़कर ₹9,300 करोड़ पहुंच गई। मुनाफे और आय में बढ़ोतरी के कारण BHEL के नतीजे बाजार की प्रमुख कॉरपोरेट खबरों में शामिल रहे।

Fusion CX का IPO खुला

Fusion CX का IPO 14 अक्टूबर से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। निवेशक इसमें 16 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी ने प्रति शेयर प्राइस बैंड ₹275 से ₹289 तय किया है और लॉट साइज 51 शेयरों का है।कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब ₹702 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO में निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी के वित्तीय नतीजों, इश्यू की शर्तों और जोखिमों का अध्ययन करना चाहिए।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी

भारतीय बाजार के साथ एशियाई बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण कोरिया का Kospi 0.44%, जापान का Nikkei 0.05% और हांगकांग का Hang Seng 0.13% नीचे रहा।इससे पहले 13 अक्टूबर को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। Dow Jones में 0.35%, Nasdaq में 0.15% और S&P 500 में 0.02% की कमजोरी दर्ज की गई।

विदेशी निवेशकों ने सात दिनों में ₹19,526 करोड़ के शेयर बेचे

विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII/FPI की बिकवाली भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने बीते सात दिनों में करीब ₹19,526 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने इसी अवधि में करीब ₹20,931 करोड़ की नेट खरीदारी की।पिछले 30 दिनों के आंकड़ों में भी विदेशी निवेशकों की नेट बिकवाली और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है।

एक दिन पहले बाजार में आई थी जोरदार तेजी

इससे पहले 13 अक्टूबर को शेयर बाजार में शानदार तेजी रही थी। सेंसेक्स 1,109 अंक उछलकर 73,034 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 359 अंक चढ़कर 22,722 पर पहुंच गया था।लेकिन 14 अक्टूबर को बाजार में फिर गिरावट आ गई। ऐसे में निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे केवल एक दिन की तेजी या गिरावट के आधार पर फैसला न लें और निवेश से पहले बाजार की स्थिति, कंपनी के प्रदर्शन तथा अपनी जोखिम क्षमता का ध्यान रखें।