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25 और 26 मई को SBI में कामकाज ठप पड़ने के आसार! कर्मचारियों की हड़ताल से ग्राहकों की बढ़ेगी परेशानी, 23 से 27 मई तक सेवायें प्रभावित

 

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के कर्मचारी 25 और 26 मई को दो दिन की हड़ताल पर जा सकते हैं। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने अपनी 16 मांगों को मनवाने के लिए इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। यह हड़ताल कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने, काम करने की अच्छी स्थितियाँ सुनिश्चित करने और ग्राहकों के हितों की रक्षा करने के लिए बुलाई गई है।

SBI कर्मचारियों की 16 मुख्य मांगें:

**मैसेंजर की नई भर्ती:** बैंक में खाली पड़े क्लास IV (मैसेंजर) पदों को भरने के लिए तत्काल और स्थायी भर्ती की जानी चाहिए।
**सशस्त्र गार्डों की भर्ती:** बैंक की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उसकी शाखाओं की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त संख्या में सशस्त्र गार्डों की भर्ती की जानी चाहिए।
**NPS विकल्प:** नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को अपना "पेंशन फंड मैनेजर" चुनने की आज़ादी होनी चाहिए।
**इंटर-सर्कल ट्रांसफर (ICT):** 2019 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को दूसरे सर्कल में ट्रांसफर का अनुरोध करने का अवसर दिया जाना चाहिए।

**आउटसोर्सिंग पर रोक:** स्थायी प्रकृति के कामों को बाहरी एजेंसियों को आउटसोर्स करने की प्रथा को तत्काल रोका जाना चाहिए।
**पर्याप्त कर्मचारियों की भर्ती:** सभी शाखाओं में बढ़े हुए काम के बोझ को देखते हुए, पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की भर्ती की जानी चाहिए।
**समानता का मुद्दा:** स्टेट बैंक सिस्टम में कर्मचारियों के बीच वेतन और अन्य लाभों में असमानताओं को दूर किया जाना चाहिए।
**करियर प्रोग्रेशन स्कीम में संशोधन:** कर्मचारियों के प्रमोशन और पेशेवर विकास से संबंधित मौजूदा नीतियों में संशोधन किया जाना चाहिए।
**सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए लाभ:** 10वें द्विपक्षीय समझौते के तहत सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को "8वें स्थिरता वेतन वृद्धि" (8th Stability Increment) का लाभ मिलना चाहिए। **चिकित्सा परामर्श खर्च:** चिकित्सा परामर्श की दरों की समीक्षा की जानी चाहिए और उन्हें 15 जुलाई, 2024 से प्रभावी रूप से समायोजित किया जाना चाहिए।
**स्वास्थ्य योजना में सुधार:** चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रणाली को और अधिक व्यापक और सरल बनाया जाना चाहिए।
** **सेवानिवृत्ति लाभों में सभी भत्तों को शामिल करना:** 7वें द्विपक्षीय समझौते के तहत सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति लाभों की गणना में वेतन के सभी घटकों को शामिल किया जाना चाहिए। **HRMS समस्याओं का समाधान:** बैंक के HR सॉफ्टवेयर (HRMS) को प्रभावित करने वाली तकनीकी गड़बड़ियों को स्थायी रूप से हल किया जाना चाहिए। **कर्मचारी-प्रतिनिधि निदेशक की नियुक्ति:** बैंक के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स में "क्लर्कियल कैडर" से निदेशकों की नियुक्ति की पुरानी परंपरा को फिर से शुरू किया जाना चाहिए।
**प्रोविडेंट फंड के लिए ट्रस्टी की नियुक्ति:** प्रोविडेंट फंड (PF) के बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टीज़ में एक कर्मचारी प्रतिनिधि को नियुक्त किया जाना चाहिए।
**गलत बिक्री पर रोक:** "क्रॉस-सेलिंग" (यानी, बीमा, निवेश फंड आदि बेचना) की आड़ में कर्मचारियों पर दबाव डालकर ग्राहकों को अनुपयुक्त उत्पाद बेचने की गलत प्रथा को रोका जाना चाहिए।

हड़ताल का क्या असर होगा?

चूंकि इस हड़ताल में "क्लर्कियल कैडर" (क्लर्क और अन्य कर्मचारी) शामिल हैं, इसलिए चेक क्लियरिंग, टेलर सेवाएँ और बचत पासबुक अपडेट जैसी सेवाएँ बाधित हो सकती हैं।

SBI की सेवाएँ लगातार 5 दिनों तक बंद रह सकती हैं

इस दो-दिवसीय हड़ताल के कारण, SBI की शाखाएँ लगातार पाँच दिनों तक बंद रह सकती हैं। बैंक 23 मई को बंद रहेंगे, क्योंकि यह महीने का चौथा शनिवार है, और 24 मई को भी बंद रहेंगे, क्योंकि यह रविवार है। दो-दिवसीय हड़ताल 25 और 26 मई के लिए तय की गई है। इसके अलावा, 27 मई को, ईद-उल-अज़हा (बकरीद) / ईद-उज़-ज़ुहा के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में बैंक बंद रहेंगे।