फेस्टिव सीजन में रिकॉर्ड तोड़ ग्रोथ: GST कलेक्शन 23% चढ़ा, कार डिलीवरी और डिजिटल पेमेंट ने बनाया नया रिकॉर्ड
देश में महंगाई, ऊंची ब्याज दरों और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी तनाव के बावजूद अक्टूबर में लोगों ने जमकर खरीदारी की। त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों में रौनक देखने को मिली। इसका असर GST कलेक्शन, कारों की बिक्री, डिजिटल पेमेंट और बिजली की खपत के आंकड़ों में भी नजर आया। अक्टूबर में देश का GST कलेक्शन पिछले साल के मुकाबले 22.9% बढ़कर 2.31 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।पिछले साल अक्टूबर में GST कलेक्शन करीब 1.88 लाख करोड़ रुपये था। इस बार हुई बढ़ोतरी से संकेत मिलता है कि त्योहारी सीजन में बाजार में खरीदारी और कारोबार की गतिविधियां तेज रहीं।
कारों की बिक्री 5.30 लाख यूनिट तक पहुंची
अक्टूबर में देश में कारों की बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया। इस दौरान करीब 5.25 लाख से 5.30 लाख कारें बिकीं। यह किसी एक महीने में अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री है। पिछले साल अक्टूबर में करीब 4.65 लाख कारों की बिक्री हुई थी। इस बार इसमें 13 से 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी तेजी देखने को मिली। अक्टूबर में कुल 2.24 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके। वाहन पोर्टल (VAHAN) के आंकड़ों के मुताबिक, यह अब तक का सबसे बड़ा मासिक बिक्री आंकड़ा है।
UPI से रोजाना औसतन 1 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन
अक्टूबर में डिजिटल पेमेंट के मामले में भी नया रिकॉर्ड बना। UPI के जरिए पूरे महीने 25.47 अरब यानी 2,547 करोड़ ट्रांजैक्शन किए गए। यह पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 23% ज्यादा है।इन ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 31.53 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ, जो सालाना आधार पर 16% अधिक है। पहली बार UPI के जरिए रोजाना औसतन 1 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन दर्ज किया गया। इससे पता चलता है कि त्योहारी खरीदारी में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हुआ।
बिजली की खपत में 22% की बढ़ोतरी
अक्टूबर में देश की बिजली खपत भी पिछले साल के मुकाबले करीब 22% बढ़कर 160 अरब यूनिट पहुंच गई। वहीं, डीजल की बिक्री में भी 11.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।बिजली की खपत और डीजल की बिक्री में आई तेजी को कारोबार और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
त्योहारी सीजन में बाजारों में दिखी रौनक
GST कलेक्शन, कारों की बिक्री, UPI ट्रांजैक्शन और बिजली की खपत के आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर में देश में आर्थिक गतिविधियां तेज रहीं। महंगाई, ऊंची ब्याज दरों और वैश्विक तनाव जैसी चुनौतियों के बावजूद लोगों ने त्योहारी सीजन में खरीदारी की।कुल मिलाकर अक्टूबर के आंकड़ों में बाजार की मजबूत गतिविधियों और उपभोक्ताओं के खर्च में तेजी की तस्वीर सामने आई है।