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RBI Repo Rate: आज तय होगा ब्याज दरों का रुख, बढ़ोतरी हुई तो होम लोन से लेकर FD तक पड़ेगा असर
 

 

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) आज यानी 7 अक्टूबर को ब्याज दरों को लेकर अहम फैसला सुनाने वाली है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा सुबह 10 बजे MPC के फैसले की घोषणा करेंगे। बाजार की नजर खास तौर पर रेपो रेट पर है। अगर केंद्रीय बैंक इसमें 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करता है, तो रेपो रेट 5.25 फीसदी से बढ़कर 5.50 फीसदी हो जाएगा।
यह बढ़ोतरी फरवरी 2023 के बाद रेपो रेट में पहली वृद्धि हो सकती है। ऐसे में RBI के फैसले का असर आम लोगों की EMI, होम लोन, ऑटो लोन और बैंक FD की ब्याज दरों पर भी देखने को मिल सकता है।
RBI के सामने क्या हैं विकल्प?
मौद्रिक नीति को लेकर विशेषज्ञों की नजर दो संभावनाओं पर है। RBI अक्टूबर की बैठक में ही 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है या फिर दिसंबर तक इंतजार करने का फैसला ले सकता है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी, रुपये पर दबाव और भारत-अमेरिका के बीच ब्याज दरों का अंतर कम होना ऐसे कारक हैं, जो RBI के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं। यदि इन मोर्चों पर दबाव बना रहता है तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला जल्द लिया जा सकता है।
होम लोन और EMI पर क्या असर पड़ेगा?
अगर रेपो रेट बढ़कर 5.50 फीसदी होता है तो बैंकिंग सिस्टम में कर्ज की लागत बढ़ सकती है। इसका असर होम लोन सहित दूसरे फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज पर पड़ने की संभावना रहती है।
हालांकि 25 बेसिस पॉइंट की मामूली बढ़ोतरी से हर ग्राहक की EMI में बड़ा बदलाव जरूरी नहीं है। इसका वास्तविक असर बैंक की ब्याज दर, लोन की अवधि और ग्राहक के लोन की शर्तों पर निर्भर करेगा।
FD वालों को मिल सकता है फायदा
रेपो रेट में बढ़ोतरी का एक संभावित फायदा बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट कराने वाले ग्राहकों को मिल सकता है। ब्याज दरें ऊंची रहने पर कुछ बैंक FD की ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
हालांकि सभी बैंकों में FD दरों में बदलाव एक जैसा नहीं होता। बैंक अपनी फंडिंग जरूरत और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार जमा दरों में बदलाव करते हैं।
घर, कार और महंगे सामान की खरीद पर असर
ब्याज दर बढ़ने से कर्ज महंगा होने की स्थिति में घर, कार और दूसरे बड़े उपभोक्ता सामान खरीदने वाले ग्राहकों पर असर पड़ सकता है। खासकर वे ग्राहक जो खरीदारी के लिए लोन पर निर्भर हैं, उनके लिए EMI का बोझ बढ़ सकता है।
वहीं, ऊंची ब्याज दरों से बचत और FD जैसे विकल्पों में पैसा रखने की आकर्षकता बढ़ सकती है।
अब 10 बजे RBI के फैसले पर नजर
RBI का MPC फैसला आने के बाद सबसे ज्यादा ध्यान रेपो रेट, आगे की मौद्रिक नीति के संकेत और गवर्नर संजय मल्होत्रा के भाषण पर रहेगा। केंद्रीय बैंक महंगाई, आर्थिक विकास, रुपये और वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आगे की दिशा स्पष्ट कर सकता है।
आज का फैसला सिर्फ ब्याज दरों के लिए ही नहीं, बल्कि कर्ज लेने वालों, बचत करने वालों और बाजार के लिए भी अहम माना जा रहा है।