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RBI ने निवेशकों को दी बड़ी राहत! फ्लोटिंग रेट बॉन्ड पर ब्याज 6.45% से बढ़कर 7.26%, ₹5 लाख लगाने वालों को 6 महीने में मिलेगा इतना ब्याज

 

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सरकारी फ्लोटिंग रेट बॉन्ड में निवेश करने वाले लोगों के लिए ब्याज दर बढ़ा दी है। गवर्नमेंट ऑफ इंडिया फ्लोटिंग रेट बॉन्ड 2034 (FRB 2034) पर ब्याज दर 6.45 फीसदी से बढ़ाकर 7.26 फीसदी कर दी गई है। यानी ब्याज दर में 0.81 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है। इससे इस बॉन्ड में पैसा लगाने वाले निवेशकों को पहले की तुलना में ज्यादा ब्याज मिलेगा।

नई दर 30 अक्टूबर 2026 से 29 अप्रैल 2027 तक लागू रहेगी। ऐसे में जिन लोगों ने इस सरकारी बॉन्ड में निवेश किया है, उन्हें अगली ब्याज अवधि में बढ़ी हुई दर का लाभ मिल सकता है। अगर आपने इस बॉन्ड में 5 लाख रुपये निवेश किए हैं, तो नई दर के आधार पर छह महीने का अनुमानित ब्याज करीब 18,150 रुपये होगा। हालांकि, वास्तविक भुगतान बॉन्ड की शर्तों और ब्याज की गणना के अनुसार हो सकता है।

30 अक्टूबर से लागू हुई 7.26 फीसदी की नई ब्याज दर

RBI के अनुसार, फ्लोटिंग रेट बॉन्ड 2034 पर ब्याज दर को संशोधित करके 7.26 फीसदी सालाना कर दिया गया है। इससे पहले निवेशकों को इस बॉन्ड पर 6.45 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा था।

नई दर 30 अक्टूबर 2026 से 29 अप्रैल 2027 तक की छह महीने की अवधि के लिए लागू रहेगी। इसका मतलब है कि इस अवधि में बॉन्ड पर ब्याज की गणना नई वार्षिक दर के आधार पर की जाएगी।

यहां एक बात समझना जरूरी है कि ब्याज दर में 0.81 फीसदी की बढ़ोतरी का अर्थ 0.81 प्रतिशत अंक की वृद्धि है। नई दर पहले की तुलना में ज्यादा है, लेकिन यह भविष्य की सभी ब्याज अवधियों के लिए स्थायी रूप से तय नहीं हुई है।

₹5 लाख निवेश करने पर कितना मिलेगा ब्याज?

फ्लोटिंग रेट बॉन्ड में निवेश करने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि नई दर से उनकी कमाई कितनी बढ़ेगी। इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं।

अगर किसी निवेशक ने FRB 2034 में 5 लाख रुपये लगाए हैं, तो 6.45 फीसदी सालाना ब्याज दर के आधार पर छह महीने का अनुमानित ब्याज 16,125 रुपये बनता है। वहीं, 7.26 फीसदी की नई दर के हिसाब से छह महीने का अनुमानित ब्याज 18,150 रुपये होगा।

निवेश और ब्याज का विवरण रकम
कुल निवेश ₹5,00,000
पुरानी सालाना ब्याज दर 6.45%
पुरानी दर पर 6 महीने का ब्याज ₹16,125
नई सालाना ब्याज दर 7.26%
नई दर पर 6 महीने का ब्याज ₹18,150
हर 6 महीने में अतिरिक्त ब्याज ₹2,025

इस तरह 5 लाख रुपये के निवेश पर छह महीने में लगभग 2,025 रुपये अतिरिक्त ब्याज मिल सकता है। यह गणना सालाना ब्याज दर को छह महीने के लिए आधा मानकर की गई है और इसमें टैक्स या अन्य लागू प्रभाव शामिल नहीं हैं।

182 दिन के ट्रेजरी बिल की यील्ड से तय होती है ब्याज दर

RBI के फ्लोटिंग रेट बॉन्ड की ब्याज दर बाजार में ब्याज दरों की स्थिति के अनुसार बदल सकती है। FRB 2034 के मामले में इसकी गणना 182 दिन के ट्रेजरी बिल यानी T-Bill की वेटेड एवरेज यील्ड (WAY) के आधार पर की जाती है।

इस बॉन्ड की ब्याज दर तय करने के लिए पिछले तीन 182 दिन के T-Bill ऑक्शन की औसत यील्ड में 0.98 प्रतिशत अंक का फिक्स्ड स्प्रेड जोड़ा जाता है। इसी गणना के आधार पर अगली ब्याज अवधि के लिए दर निर्धारित होती है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 182 दिन के ट्रेजरी बिल की यील्ड में हाल के ऑक्शन के दौरान बढ़ोतरी देखी गई। 7 अक्टूबर को यील्ड 6.0645 फीसदी, 14 अक्टूबर को 6.2563 फीसदी और 28 अक्टूबर को 6.5140 फीसदी रही।

इन तीनों यील्ड का औसत करीब 6.28 फीसदी बैठता है। इसमें 0.98 प्रतिशत अंक का फिक्स्ड स्प्रेड जोड़ने पर ब्याज दर लगभग 7.26 फीसदी हो जाती है। इसी वजह से FRB 2034 की नई ब्याज दर पहले की तुलना में बढ़ गई है।

क्या होते हैं RBI के फ्लोटिंग रेट बॉन्ड?

फ्लोटिंग रेट बॉन्ड सरकार की ओर से जारी किए जाने वाले ऐसे निवेश साधन हैं, जिनकी ब्याज दर पूरी अवधि के दौरान एक जैसी नहीं रहती। इनकी ब्याज दर एक निर्धारित फॉर्मूले के अनुसार समय-समय पर संशोधित की जाती है।

फिक्स्ड रेट बॉन्ड में निवेशक को तय दर के आधार पर ब्याज मिलता है, जबकि फ्लोटिंग रेट बॉन्ड में ब्याज दर बदलने के कारण निवेश से होने वाली कमाई भी बढ़ या घट सकती है।

FRB 2034 की ब्याज दर में एक संदर्भ दर और फिक्स्ड स्प्रेड शामिल होता है। संदर्भ दर में बदलाव होने पर कुल ब्याज दर भी बदल सकती है, जबकि निर्धारित फिक्स्ड स्प्रेड बॉन्ड की शर्तों के अनुसार स्थिर रहता है।

क्या फ्लोटिंग रेट बॉन्ड में निवेश करना फायदेमंद है?

फ्लोटिंग रेट बॉन्ड उन निवेशकों के लिए एक विकल्प हो सकते हैं, जो सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करना चाहते हैं और जिनकी ब्याज दर समय के साथ बदल सकती है। जब संबंधित संदर्भ दर बढ़ती है, तो बॉन्ड की ब्याज दर में भी बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, संदर्भ दर घटने पर भविष्य में ब्याज दर कम भी हो सकती है।

इसलिए केवल मौजूदा 7.26 फीसदी ब्याज दर देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेश से पहले बॉन्ड की अवधि, ब्याज भुगतान की शर्तें, जरूरत पड़ने पर निवेश से बाहर निकलने के विकल्प और टैक्स के प्रभाव को समझना जरूरी है।

सरकारी बॉन्ड होने के बावजूद निवेश की अवधि और पैसे की उपलब्धता से जुड़ी शर्तें महत्वपूर्ण रहती हैं। निवेश करने से पहले RBI की आधिकारिक अधिसूचना और संबंधित बॉन्ड की शर्तें जरूर पढ़ें।

अप्रैल 2027 में फिर होगी ब्याज दर की समीक्षा

FRB 2034 की 7.26 फीसदी ब्याज दर 29 अप्रैल 2027 तक की अवधि के लिए लागू है। इसके बाद अगली ब्याज अवधि के लिए निर्धारित फॉर्मूले के अनुसार नई दर तय की जाएगी।

यदि उस समय 182 दिन के ट्रेजरी बिल की औसत यील्ड अधिक रहती है, तो बॉन्ड की ब्याज दर ऊंची रह सकती है। वहीं, यील्ड में गिरावट आने पर ब्याज दर घटने की संभावना भी होगी।