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PM Kisan Yojana: बिहार के किसानों के लिए बदला आवेदन का तरीका, फॉर्म भरने से पहले बनवानी होगी Farmer ID
 

 


देश के करोड़ों किसानों को आर्थिक मदद देने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) में नए आवेदकों के लिए प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा डिजिटल और सख्त हो गई है. बिहार में पहली बार पीएम किसान योजना के लिए आवेदन करने वाले किसानों को अब रजिस्ट्रेशन से पहले Farmer ID यानी किसान रजिस्ट्री तैयार करानी होगी. बिना Farmer ID के नए आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाना मुश्किल होगा.

सरकार की ओर से यह बदलाव योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और अपात्र लोगों को लाभ लेने से रोकने के लिए किया जा रहा है. ऐसे में अगर आप बिहार के किसान हैं और पहली बार पीएम किसान योजना से जुड़ने की तैयारी कर रहे हैं, तो आवेदन करने से पहले जरूरी दस्तावेज और पात्रता की जांच कर लेना बेहद जरूरी है.

नए किसानों के लिए Farmer ID क्यों जरूरी?

पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये की किस्त मिलती है. यानी सालभर में कुल 6,000 रुपये सीधे बैंक खाते में भेजे जाते हैं.

अब नए आवेदकों के लिए Farmer ID को महत्वपूर्ण बनाया गया है. इस डिजिटल पहचान में किसान से जुड़ी जानकारी के साथ उसकी कृषि भूमि का विवरण भी दर्ज किया जाता है. इसका उद्देश्य किसान की पहचान और जमीन से जुड़ी जानकारी को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ना है.

बिहार में नया रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को पहले Farmer ID बनवाने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके लिए किसान नजदीकी CSC सेंटर या संबंधित कृषि विभाग के ऑनलाइन माध्यम का सहारा ले सकते हैं.

सिर्फ Farmer ID से नहीं मिलेगा योजना का पैसा

Farmer ID बन जाने का मतलब यह नहीं है कि किसान अपने आप पीएम किसान योजना का लाभ पाने का हकदार हो जाएगा. योजना के लिए निर्धारित दूसरी पात्रता शर्तों को भी पूरा करना जरूरी है.

सबसे अहम बात यह है कि जिस जमीन के आधार पर किसान योजना का लाभ लेना चाहता है, वह जमीन उसके नाम पर दर्ज होनी चाहिए. अगर जमीन अभी भी परिवार के किसी पुराने सदस्य के नाम पर है और कोई अन्य व्यक्ति उस पर खेती कर रहा है, तो आवेदन के समय परेशानी हो सकती है.

इसके अलावा आयकर दाता और कुछ सरकारी नौकरी या पेंशन से जुड़े लोग योजना की पात्रता से बाहर हो सकते हैं. इसलिए आवेदन से पहले अपनी पात्रता की जांच करना जरूरी है.

बटाई पर खेती करने वालों के लिए क्या है नियम?

कई किसान खुद की जमीन के बजाय दूसरे व्यक्ति की जमीन पर बटाई या पट्टे के आधार पर खेती करते हैं. ऐसे किसानों को कृषि से जुड़ी डिजिटल सेवाओं से जोड़ने के लिए अलग व्यवस्था विकसित किए जाने पर काम किया जा रहा है.

हालांकि, पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए जमीन के मालिकाना हक से जुड़ी मौजूदा पात्रता शर्तें महत्वपूर्ण हैं. इसलिए केवल किसी जमीन पर खेती करने के आधार पर पीएम किसान की किस्त मिलने की गारंटी नहीं है.

बैंक खाता और e-KYC भी रखें अपडेट

नए आवेदकों को Farmer ID के साथ अपने बैंक खाते से जुड़ी जानकारी भी सही रखनी चाहिए. बैंक अकाउंट का आधार से लिंक होना और e-KYC की प्रक्रिया पूरी होना योजना के भुगतान के लिए महत्वपूर्ण है.

e-KYC को OTP या उपलब्ध अन्य निर्धारित माध्यम से पूरा किया जा सकता है. आवेदन में आधार, मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट और जमीन से जुड़ी जानकारी में किसी तरह की गलती होने पर आगे सत्यापन के दौरान समस्या आ सकती है.

आवेदन से पहले इन बातों की कर लें जांच

अगर आप पहली बार पीएम किसान योजना में आवेदन करने जा रहे हैं, तो सबसे पहले अपनी Farmer ID बनवाएं. इसके बाद जमीन के रिकॉर्ड में अपना नाम और अन्य विवरण जांच लें. बैंक खाते की जानकारी सही रखें और e-KYC समय पर पूरा करें.

सरकार की योजनाओं को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ने का काम लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में किसानों के लिए अपनी जमीन, बैंक खाते, आधार और अन्य जरूरी जानकारी को अपडेट रखना आगे भी फायदेमंद रहेगा.