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Petrol Diesel Price Today : क्रूड महंगा होने के बाद भी नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें आज के रेट
 

 

Petrol Diesel Price: 22 सितंबर 2026 को देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद घरेलू स्तर पर सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रिटेल रेट स्थिर रखे हैं। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। PPAC के आंकड़ों में भी 21 सितंबर को दिल्ली के यही रेट दर्ज हैं।

चार महीने से ज्यादा समय से दिल्ली में पेट्रोल स्थिर
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 25 मई 2026 से 102.12 रुपये प्रति लीटर पर बनी हुई है। डीजल भी 95.20 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर स्थिर है। उपलब्ध दैनिक कीमत आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में अब तक दिल्ली में दोनों ईंधनों के रेट में बदलाव नहीं हुआ है।
शहरवार देखें पेट्रोल-डीजल के रेट
शहर    पेट्रोल (₹/लीटर)    डीजल (₹/लीटर)

दिल्ली    102.12    95.20
मुंबई    111.31    97.97
वडोदरा    101.46    97.50
चेन्नई    107.78    99.56
लुधियाना    105.60    94.80
पटना    113.35    99.36
नासिक    112.46    98.20
भोपाल    115.41    100.47
अमृतसर    105.56    96.20
महंगे क्रूड से OMCs पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी से सरकारी तेल विपणन कंपनियों के मार्केटिंग मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। आपके दिए आंकड़ों के अनुसार डीजल का अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क 167.08 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।
ऐसी स्थिति में घरेलू पंप कीमतों और अंतरराष्ट्रीय लागत के बीच अंतर बढ़ने पर कंपनियों की रिटेल बिक्री की कमाई प्रभावित हो सकती है। हालांकि पेट्रोल-डीजल की घरेलू कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय क्रूड के अलावा टैक्स, रिफाइनिंग लागत और कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति जैसे कई कारकों का भी असर पड़ता है।

क्या आगे बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो घरेलू ईंधन कीमतों और तेल कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि अभी यह कहना तय नहीं है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होगी।
RBI के 2019 के एक अध्ययन के मुताबिक, 10 डॉलर प्रति बैरल की कच्चे तेल की कीमत बढ़ने पर, कुछ परिस्थितियों में भारत की headline inflation पर करीब 49 बेसिस पॉइंट का असर पड़ सकता है।
वहीं RBI के 2025 के एक अध्ययन में वैश्विक क्रूड कीमतों में 10% वृद्धि से भारत की headline inflation पर करीब 20 बेसिस पॉइंट के तत्काल प्रभाव का अनुमान लगाया गया था। अध्ययन में यह भी कहा गया कि सरकारी हस्तक्षेप और घरेलू कीमतों में सीमित pass-through इस प्रभाव को कम कर सकते हैं।

महंगा ईंधन तो बढ़ सकती है ट्रांसपोर्ट लागत
अगर महंगे क्रूड का असर घरेलू ईंधन लागत पर पड़ता है, तो परिवहन और लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ सकते हैं। इसका अप्रत्यक्ष असर माल ढुलाई और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है। फिलहाल 22 सितंबर को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है।