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पेट्रोल-डीजल की कीमतों के दबाव से शेयर बाजार में गिरावट, तेल और गैस कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली

 

घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच तेल और गैस सेक्टर के शेयरों में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की मुनाफावसूली और भविष्य की लागत-आय संरचना को लेकर चिंता के चलते HPCL, BPCL से लेकर IGL तक कई प्रमुख कंपनियों के शेयर दबाव में आ गए।

शेयर बाजार के जानकारों के अनुसार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता ने इस सेक्टर में निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। इसका सीधा असर सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और गैस वितरण कंपनियों के शेयरों पर पड़ा।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) जैसे प्रमुख शेयरों में शुरुआती कारोबार से ही कमजोरी देखी गई। वहीं, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) और अन्य सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर उपभोक्ता मांग और सरकारी नीतियों दोनों पर पड़ सकता है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता निवेशकों को सतर्क कर रही है, जिससे इस सेक्टर में बिकवाली का दबाव बढ़ा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, तेल विपणन कंपनियों का मुनाफा काफी हद तक क्रूड ऑयल की वैश्विक कीमतों और घरेलू खुदरा दरों के बीच संतुलन पर निर्भर करता है। यदि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं और खुदरा कीमतों में समान अनुपात में समायोजन नहीं होता, तो कंपनियों की मार्जिन पर असर पड़ सकता है।

हालांकि कुछ निवेश सलाहकारों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है और लंबे समय में ऊर्जा क्षेत्र में मांग स्थिर रहने की संभावना है। उनका कहना है कि भारत जैसे विकासशील देश में ऊर्जा की खपत लगातार बढ़ रही है, जिससे इस सेक्टर में दीर्घकालिक निवेश के अवसर बने रहेंगे।

फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है और निवेशक वैश्विक संकेतों के साथ-साथ घरेलू नीतिगत फैसलों पर भी नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में तेल कीमतों और सरकारी निर्णयों के आधार पर इस सेक्टर में आगे की दिशा तय होने की संभावना है।