×

Onion Consumption: भारत नहीं, यह छोटा देश खाता है सबसे ज्यादा प्याज, आंकड़ा जानकर रह जाएंगे हैरान
 

 


नई दिल्ली: भारतीय खान-पान में प्याज की अहम भूमिका है। सब्जी हो, दाल हो, सलाद हो या फिर मांसाहारी व्यंजन, प्याज का इस्तेमाल स्वाद को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। यही वजह है कि जब प्याज के दाम बढ़ते हैं तो इसका सीधा असर आम परिवारों की रसोई के बजट पर पड़ता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां प्रति व्यक्ति प्याज की खपत भारत के मुकाबले कई गुना ज्यादा है?

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध वर्ष 2021 के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य एशिया का छोटा सा देश ताजिकिस्तान प्रति व्यक्ति प्याज की खपत के मामले में दुनिया में सबसे आगे है।

ताजिकिस्तान में हर व्यक्ति सालाना खाता है 56.8 किलो प्याज

हेल्गी लाइब्रेरी की ओर से वर्ष 2021 के आंकड़ों के आधार पर जारी जानकारी के मुताबिक, ताजिकिस्तान में प्रति व्यक्ति प्याज की औसत वार्षिक खपत 56.8 किलोग्राम है।

ताजिकिस्तान की आबादी करीब 1.1 करोड़ है, लेकिन प्याज की प्रति व्यक्ति खपत के मामले में यह देश दुनिया के बड़े देशों को भी पीछे छोड़ देता है।

भारत में प्याज का इस्तेमाल रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा होने के बावजूद प्रति व्यक्ति खपत ताजिकिस्तान के मुकाबले काफी कम है।

प्याज खाने में ये देश भी हैं सबसे आगे

प्रति व्यक्ति प्याज की सालाना खपत के मामले में कई मध्य एशियाई और अफ्रीकी देश शीर्ष पर हैं।

ताजिकिस्तान: 56.8 किलोग्राम
नाइजर: 49.5 किलोग्राम
कजाकिस्तान: 43.0 किलोग्राम
अल्बानिया: 39.3 किलोग्राम
अल्जीरिया: 36.0 किलोग्राम
सेनेगल: 31.1 किलोग्राम

इन आंकड़ों से पता चलता है कि इन देशों में प्याज केवल स्वाद बढ़ाने वाली सामग्री नहीं है, बल्कि रोजमर्रा के भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

भारत में प्रति व्यक्ति खपत कितनी है?

वर्ष 2021 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रति व्यक्ति प्याज की औसत वार्षिक खपत करीब 16.3 किलोग्राम रही।

इस आंकड़े के साथ भारत वैश्विक तुलनात्मक सूची में करीब 30वें स्थान पर रहा। यानी भारतीय भोजन में प्याज का व्यापक इस्तेमाल होने के बावजूद प्रति व्यक्ति खपत ताजिकिस्तान जैसे देशों से काफी कम है।

अगर दोनों देशों की तुलना करें तो ताजिकिस्तान में एक व्यक्ति भारत के मुकाबले करीब 3.7 गुना अधिक प्याज खाता है।

ताजिकिस्तान के खाने में प्याज की खास जगह

ताजिकिस्तान के पारंपरिक खान-पान में प्याज का इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है। वहां के प्रसिद्ध व्यंजन प्लोव में चावल, मांस और गाजर के साथ बड़ी मात्रा में प्याज का इस्तेमाल किया जाता है।

इसके अलावा सूप, स्टू, गाढ़े सॉस, रोटी और भुने हुए मांस के कई पारंपरिक व्यंजनों में भी प्याज महत्वपूर्ण सामग्री है।

कई व्यंजनों में प्याज भोजन की मात्रा बढ़ाने के साथ-साथ स्वाद को भी बेहतर बनाता है। इसी वजह से वहां रोजाना के भोजन में इसकी खपत काफी अधिक देखने को मिलती है।

आखिर ताजिकिस्तान में इतनी ज्यादा क्यों है प्याज की खपत?

ताजिकिस्तान की भौगोलिक परिस्थितियां और खान-पान की परंपराएं प्याज की अधिक खपत के प्रमुख कारणों में शामिल मानी जाती हैं। मध्य एशिया के इस क्षेत्र में प्याज लंबे समय से स्थानीय भोजन का हिस्सा रहा है।

प्याज को लंबे समय तक सुरक्षित रखना आसान होता है और इसे अलग-अलग तरह के व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। यही वजह है कि यह वहां के किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण फसल बनी हुई है।

हजारों साल पुराना है प्याज का इतिहास

प्याज को मानव सभ्यता द्वारा उगाई जाने वाली पुरानी फसलों में शामिल माना जाता है। इतिहास और कृषि संबंधी अध्ययनों के अनुसार, मध्य एशिया के जिस व्यापक क्षेत्र में आज ताजिकिस्तान स्थित है, वहां प्याज की खेती और इस्तेमाल की पुरानी परंपरा रही है।

इस क्षेत्र की जलवायु और कृषि परिस्थितियों में प्याज की खेती लंबे समय से होती रही है। कम समय में तैयार होने, आसानी से संग्रहित किए जाने और भोजन में कई तरह से इस्तेमाल होने के कारण इसकी उपयोगिता आज भी बनी हुई है।

बढ़ रहा है प्याज का उत्पादन

ताजिकिस्तान में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्याज की खेती का क्षेत्र भी बढ़ाया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, देश के जयहुन जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान 1,100 हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त भूमि पर प्याज की खेती बढ़ाई गई।

इसके साथ ही क्षेत्र का वार्षिक उत्पादन बढ़कर करीब 2.22 लाख टन तक पहुंच गया है।

इससे साफ है कि ताजिकिस्तान में प्याज केवल रसोई की जरूरत नहीं, बल्कि कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत में जहां प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी अक्सर चर्चा का विषय बनती है, वहीं ताजिकिस्तान में इसकी असाधारण प्रति व्यक्ति खपत इसे दुनिया के सबसे ज्यादा प्याज खाने वाले देशों में शीर्ष पर पहुंचाती है।