अब प्लास्टिक के होंगे ₹10 और ₹20 के नोट, वीडियो में जाने RBI छापेगा 200 करोड़ पॉलिमर नोट, सरकार ने दी मंजूरी
देश में जल्द ही प्लास्टिक से बने ₹10 और ₹20 के नोट लोगों की जेब तक पहुंच सकते हैं। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को पॉलिमर (Polymer) बैंकनोट के ट्रायल की मंजूरी दे दी है। इसके तहत RBI ₹10 और ₹20 के 100-100 करोड़, यानी कुल 200 करोड़ पॉलिमर नोट छापेगा। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में इन नोटों को नियमित रूप से जारी किया जाएगा। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में दी। हालांकि, ट्रायल की शुरुआत कब होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
क्या हैं पॉलिमर नोट?
पॉलिमर नोट विशेष प्रकार के प्लास्टिक से बनाए जाते हैं। ये पारंपरिक कागज के नोटोंकी तुलना में अधिक मजबूत, टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाले होते हैं। साथ ही इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जोड़ना आसान होता है, जिससे नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद मिलती है।दुनिया के कई देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड में पहले से ही पॉलिमर नोटों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सफल ट्रायल के बाद नियमित होंगे जारी
सरकार के अनुसार, फिलहाल यह एक पायलट प्रोजेक्ट होगा। यदि ट्रायल सफल रहता है तो RBI भविष्य में ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों को नियमित रूप से जारी करेगा।हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि मौजूदा कागज के नोट बंद कर दिए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कागज के मौजूदा नोट भी वैध रहेंगे और पहले की तरह चलन में बने रहेंगे।
पहले भी सामने आई थीं तैयारी की खबरें
करीब 10 दिन पहले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि RBI देश में पहली बार पॉलिमर नोटों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी कर रहा है। अब लोकसभा में सरकार की ओर से इसकी पुष्टि होने के बाद यह साफ हो गया है कि देश नई पीढ़ी की करेंसी की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
क्या होंगे फायदे?
पॉलिमर नोटों के कई संभावित फायदे बताए जा रहे हैं—
- कागज के नोटों की तुलना में कई गुना अधिक टिकाऊ होंगे।
- जल्दी फटेंगे या खराब नहीं होंगे।
- पानी और नमी का असर कम होगा।
- नकली नोट तैयार करना अधिक कठिन होगा।
- लंबे समय तक चलने से नए नोट छापने की लागत में कमी आ सकती है।
तारीख का इंतजार
फिलहाल सरकार और RBI ने केवल पॉलिमर नोटों के ट्रायल को मंजूरी मिलने की जानकारी दी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि ट्रायल कब शुरू होगा और किन क्षेत्रों में सबसे पहले ये नए प्लास्टिक नोट जारी किए जाएंगे।यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में भारत की करेंसी प्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।