अब सिम की तरह पोर्ट होगा FASTag! 'One Tag' से बिना स्टिकर बदले ऐसे बदलें अपना बैंक
FASTag इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब बैंक बदलने के लिए गाड़ी की विंडशील्ड पर लगा पुराना FASTag हटाने या नया फिजिकल टैग लगवाने की जरूरत नहीं होगी। FASTag अब मोबाइल SIM की तरह पोर्ट किया जा सकेगा।
इस नई सुविधा को ‘OneTag’ नाम दिया गया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को मुंबई में आयोजित Global Fintech Fest 2026 के दौरान इसे लॉन्च किया।
Global Fintech Fest का शुक्रवार को आखिरी दिन था। इसका उद्घाटन 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
OneTag से क्या बदलेगा?
अभी अगर कोई FASTag यूजर अपना बैंक बदलना चाहता है तो उसे पहले पुराने FASTag अकाउंट को बंद करना पड़ता है। इसके बाद नए बैंक के साथ दोबारा ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होती है और नया फिजिकल FASTag जारी कराया जाता है।
अब OneTag की सुविधा के बाद यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
पुरानी व्यवस्था:
- बैंक बदलने पर पुराना FASTag अकाउंट बंद करना पड़ता था।
- नए बैंक के साथ दोबारा प्रक्रिया पूरी करनी होती थी।
- नया फिजिकल FASTag बनवाना पड़ता था।
नई व्यवस्था:
- पुराना FASTag अकाउंट बंद करने की जरूरत नहीं होगी।
- वही FASTag स्टिकर दूसरे बैंक के साथ जोड़ा जा सकेगा।
- बार-बार नया फिजिकल टैग लगवाने की जरूरत नहीं होगी।
टोल प्लाजा पर नहीं बदलेगा कुछ
OneTag की वजह से FASTag से टोल भुगतान की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा। वाहन चालक पहले की तरह FASTag के जरिए टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे।
टोल प्लाजा पर गाड़ी रोकने या कोई अतिरिक्त प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत नहीं होगी। बैंक बदलने से जुड़ा पूरा बदलाव बैकएंड सिस्टम में किया जाएगा।
National Electronic Toll Collection (NETC) सिस्टम के जरिए नए बैंक की जानकारी अपडेट की जाएगी। यानी वाहन चालक के लिए टोल प्लाजा से गुजरने का अनुभव पहले जैसा ही रहेगा।
प्लास्टिक कचरा और री-इश्यू का खर्च होगा कम
FASTag को पोर्ट करने की सुविधा से बार-बार नए फिजिकल टैग जारी करने की जरूरत कम होगी। इससे टैग बनाने, डिस्पैच करने और दोबारा जारी करने पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है।
इसके साथ ही पुराने FASTag को बदलने के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक और अन्य संसाधनों की खपत घटने से प्लास्टिक कचरे को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
क्या होता है RFID?
RFID यानी Radio Frequency Identification एक वायरलेस तकनीक है। FASTag में लगी चिप को RFID के जरिए रेडियो तरंगों की मदद से पढ़ा जाता है। इसी तकनीक के कारण वाहन को टोल प्लाजा पर लंबे समय तक रोके बिना टोल शुल्क वसूला जा सकता है।
NETC क्या है?
NETC यानी National Electronic Toll Collection एक इंटरऑपरेबल डिजिटल सिस्टम है, जिसे NPCI ने विकसित किया है। यह देशभर के टोल प्लाजा, बैंकों और वाहन मालिकों को एक नेटवर्क से जोड़ता है।
OneTag के जरिए FASTag को बैंक के बीच पोर्ट करने की सुविधा इसी डिजिटल सिस्टम के बैकएंड इन्फ्रास्ट्रक्चर के जरिए संभव होगी।
कुल मिलाकर, OneTag से FASTag यूजर्स को बैंक बदलने के लिए नया स्टिकर लेने की झंझट से राहत मिल सकती है और एक ही FASTag को अलग-अलग बैंकों के साथ इस्तेमाल करना आसान हो जाएगा।