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डार्क वेब पर लीक हुईं 2 लाख से ज्यादा गोपनीय फाइलें, वीडियो में देंखे Apple और Tesla के दस्तावेज भी शामिल

 

टाटा समूह की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एक बड़े साइबर सुरक्षा संकट का सामना कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइबर हमले के बाद कंपनी की 2 लाख से अधिक गोपनीय फाइलें डार्क वेब पर लीक कर दी गई हैं। लीक हुए डेटा में कंपनी के प्रमुख वैश्विक क्लाइंट्स से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज भी शामिल बताए जा रहे हैं।

2 लाख से ज्यादा सीक्रेट फाइलें हुईं लीक

जानकारी के अनुसार, हैकर्स ने साइबर अटैक के बाद टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सर्वर से बड़ी मात्रा में डेटा हासिल किया और उसे डार्क वेब पर सार्वजनिक कर दिया। लीक हुए डेटा में 2 लाख से अधिक फाइलें शामिल हैं, जिन्हें कंपनी की गोपनीय जानकारी माना जा रहा है।

Apple और Tesla से जुड़े दस्तावेज भी शामिल

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, लीक हुए डेटा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के दो बड़े क्लाइंट्स, Apple Inc. और Tesla, Inc. से जुड़े कंपोनेंट डिजाइन, तकनीकी स्पेसिफिकेशन पेपर्स और अन्य संवेदनशील दस्तावेज शामिल हैं। इससे वैश्विक सप्लाई चेन और डेटा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

कंपनी ने कहा- ऑपरेशन्स पर नहीं पड़ा असर

हालांकि, Tata Electronics ने स्पष्ट किया है कि इस साइबर घटना का उसके बिजनेस ऑपरेशन्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। कंपनी के अनुसार, सभी उत्पादन और व्यावसायिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं और ग्राहकों को सेवाएं देने में कोई बाधा नहीं आई है।

साइबर सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लीक हुए दस्तावेजों की पुष्टि होती है, तो यह हाल के वर्षों में भारतीय कॉर्पोरेट सेक्टर के सबसे बड़े डेटा लीक मामलों में से एक हो सकता है। खासकर तब, जब इसमें वैश्विक टेक कंपनियों से जुड़े तकनीकी दस्तावेज होने की बात कही जा रही है।

जांच और सुरक्षा उपायों पर फोकस

घटना के बाद कंपनी और संबंधित एजेंसियां डेटा लीक के स्रोत, हमले के तरीके और संभावित नुकसान का आकलन कर रही हैं। साथ ही साइबर सुरक्षा ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।

टेक इंडस्ट्री की नजर इस मामले पर

भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ा यह कथित डेटा लीक मामला पूरे उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि लीक हुए डेटा की वास्तविक प्रकृति क्या है और इससे कितना प्रभाव पड़ सकता है।