आज भी बाजार की सुस्त शुरूआत, जानें वो 4 वजह जिससे धराशायी हुआ शेयर बाजार
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को पूरे दिन गिरावट के साथ कारोबार हुआ। सेंसेक्स-निफ्टी ने लाल निशान पर कारोबार शुरू किया और लगातार गिरावट जारी रही। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (बीएसई सेंसेक्स) कारोबार के दौरान करीब 1,000 अंक टूट गया, लेकिन अंत में मामूली सुधार के बावजूद 644 अंक नीचे बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सूचकांक (एनएसई निफ्टी) 203 अंक गिरकर बंद हुआ। इसके चलते पिछले कारोबारी दिन बाजार में तूफानी तेजी देखने को मिली थी। आइए जानते हैं बाजार में आई इस गिरावट के पीछे के प्रमुख कारणों के बारे में...
दिनभर लाल निशान पर कारोबार सबसे पहले अगर हम गुरुवार को शेयर बाजार में हुए कारोबार पर नजर डालें तो बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 81,596.63 के मुकाबले 81,323.05 पर खुला और आखिरी कारोबारी घंटे में यह 1000 अंक फिसलकर 80,489.92 पर आ गया, लेकिन फिर अचानक इसमें रिकवरी देखने को मिली, फिर भी यह 644.64 अंक टूटकर 80951.99 पर बंद हुआ। निफ्टी (एनएसई निफ्टी) की बात करें तो सेंसेक्स की तरह यह भी 24,813.45 के पिछले बंद स्तर की तुलना में 24,733.95 पर खुला और फिर करीब 300 अंक फिसलकर 24,509 पर आ गया। लेकिन इसमें भी सुधार दिखा और अंत में निफ्टी 203.75 अंक फिसलकर 24,60970 पर बंद हुआ।
इससे पहले, बुधवार को सेंसेक्स 410.19 अंक या 0.51 प्रतिशत उछलकर 81,596.63 पर बंद हुआ था, जबकि 30 शेयरों वाला सूचकांक दिन में कारोबार के दौरान 835.2 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 82,021.64 पर पहुंच गया था।
बाजार में गिरावट के ये हैं 4 बड़े कारण! अब शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें तो अमेरिकी टैरिफ समाधान पर स्पष्टता के इंतजार में भारत समेत अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बढ़ती चिंता सबसे ऊपर है। इसके अलावा दूसरा कारण डोनाल्ड ट्रंप का कर और व्यय विधेयक है, जिससे यह आशंका बढ़ रही है कि इसके क्रियान्वयन से अमेरिकी कर्ज में बढ़ोतरी होगी और अमेरिकी आर्थिक विकास धीमा पड़ सकता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस सप्ताह कांग्रेस में इस पर मतदान होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे 36 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण में 3.8 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का इजाफा होगा।
तीसरा कारण इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है, जिसने दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। बिजनेस टुडे में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ने नई खुफिया जानकारी एकत्र की है, जिससे पता चलता है कि इजरायल ईरानी परमाणु प्रतिष्ठानों पर संभावित सैन्य हमले की तैयारी कर रहा है। चौथा और अंतिम कारण दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि को माना जा सकता है, जिसके डर से बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली है।
इस भूचाल के दौरान सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन शेयर बाजार में हाल ही में 10 प्रमुख कंपनियों के शेयर धड़ाम हुए। महिंद्रा एंड महिंद्रा एमएंडएम शेयर (2.59%), बजाज फिनसर्व शेयर (1.80%), टेक महिंद्रा शेयर (1.77%), पावरग्रिड शेयर (1.74%), आईटीसी शेयर (1.58%), एचयूएल शेयर (1.36%), रिलायंस शेयर (1.36%), एनटीपीसी शेयर (1.22%), टीसीएस शेयर (1.20%) और टाटा मोटर्स शेयर (1.24%) सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। वहीं मिडकैप में 147.60 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट रही।