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शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा टूटा; निफ्टी 24,200 के नीचे

 

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 200 अंकों से ज्यादा फिसलकर 77,200 के नीचे पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे कारोबार करता दिखाई दिया। निवेशकों के बीच कमजोर वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव को लेकर सतर्कता बनी हुई है।दोपहर के कारोबार तक बाजार में गिरावट कुछ कम हुई, लेकिन प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बने रहे। करीब 1 बजे सेंसेक्स 96 अंक की कमजोरी के साथ 77,272 के आसपास और निफ्टी 64 अंक गिरकर 24,154 के करीब कारोबार कर रहा था।

इन शेयरों पर दिखा दबाव

शुरुआती कारोबार में HCL टेक, टेक महिंद्रा, मारुति, NTPC, टाटा स्टील और पावर ग्रिड जैसे शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। बाजार में कई सेक्टरों पर बिकवाली का दबाव रहा। वहीं कुछ आईटी शेयरों में खरीदारी भी दिखाई दी, जिससे गिरावट कुछ सीमित हुई।

गिरावट की बड़ी वजह क्या है?

बाजार पर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का असर दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान को लेकर अमेरिका की सख्त पाबंदियों की खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इससे भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगाई और कंपनियों की लागत को लेकर चिंता बढ़ सकती है।इसके अलावा निफ्टी 50 डेरिवेटिव्स की मासिक एक्सपायरी भी नजदीक है। एक्सपायरी से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना रहती है। निवेशक वैश्विक बाजारों के संकेतों और आने वाले आर्थिक घटनाक्रमों पर भी नजर बनाए हुए हैं।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को जल्दबाजी में खरीद-बिक्री करने से बचना चाहिए। खासकर छोटी अवधि में ट्रेडिंग करने वालों के लिए बाजार की दिशा तेजी से बदल सकती है। तकनीकी स्तर पर 24,200 के आसपास का स्तर निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके नीचे कमजोरी बनी रहने पर बाजार में और दबाव देखने को मिल सकता है।

हालांकि, शेयर बाजार में गिरावट हमेशा नुकसान का संकेत नहीं होती। लंबी अवधि के निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन और अपने वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।फिलहाल बाजार की तस्वीर कमजोर बनी हुई है। सेंसेक्स में 200 अंकों से अधिक की शुरुआती गिरावट और निफ्टी के 24,200 से नीचे जाने ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। आने वाले कारोबार में वैश्विक बाजार, कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया से जुड़ी खबरें बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।