सोना 1.64 लाख के पार, चांदी ने भी लगाई जोरदार छलांग; जानिए आज के भाव और तेजी की वजह
देश के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिली है। 25 अगस्त 2026 को 24 कैरेट सोना 1,64 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया। वहीं चांदी भी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में महंगी हुई है। कीमती धातुओं में इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग और भू-राजनीतिक तनाव को अहम कारण माना जा रहा है।
24 कैरेट सोना 900 रुपये महंगा
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने की कीमत मंगलवार को 900 रुपये बढ़कर 1,64,400 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इससे पहले सोना 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था।
इस तेजी के साथ सोना पिछले करीब पांच महीनों के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले 9 मार्च के आसपास सोने की कीमत इस स्तर के करीब पहुंची थी।
चांदी में भी 3,500 रुपये का उछाल
सोने के साथ चांदी ने भी निवेशकों को चौंकाया है। मंगलवार को चांदी की कीमत में 3,500 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई और इसका भाव बढ़कर 2,53,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।
इससे पहले चांदी 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी। मौजूदा भाव पिछले करीब चार महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले 17 अप्रैल को चांदी 2,53,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंची थी।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
कीमती धातुओं में तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों को अहम माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे माहौल में निवेशक अक्सर सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करते हैं।
इसके अलावा डॉलर में कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से भी सोने की कीमतों को सहारा मिला है। चांदी में भी तेजी का असर घरेलू बाजार में देखने को मिल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना चमका
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मंगलवार को सोने की कीमत में तेजी दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सोना करीब 42.45 डॉलर यानी 1 प्रतिशत बढ़कर 4,646.54 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 69 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रही है।
आगे भी महंगे रह सकते हैं कीमती धातु
अगर वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बना रहता है और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग मजबूत रहती है, तो सोने-चांदी की कीमतों पर आगे भी असर पड़ सकता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों और निवेश मांग में बदलाव से कीमतों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।
नोट: सोने-चांदी के स्थानीय भाव शहर, शुद्धता, टैक्स और ज्वेलरी मेकिंग चार्ज के कारण अलग-अलग हो सकते हैं।