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LPG Rate Today: क्या आज फिर महंगा हो गया गैस सिलेंडर? जानिए आपके शहर में घरेलू और कमर्शियल LPG के ताजा रेट

 

महंगाई कम होने का कोई संकेत नहीं दिख रहा है। पेट्रोल-डीजल से लेकर सोना, चांदी और ज़रूरी राशन तक सब कुछ महंगा हो गया है। हाल ही में घरेलू गैस की कीमतें भी बढ़ी हैं; 7 जून से 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत ₹29 बढ़कर ₹942 हो गई। इससे पहले मार्च में इसकी कीमत ₹60 बढ़ाई गई थी। अब सवाल यह है कि क्या आज फिर से कीमत बढ़ाई गई है। आप अपने शहर में गैस सिलेंडर की मौजूदा कीमत यहाँ देख सकते हैं।

**पड़ोसी देशों के मुकाबले भारत में LPG सस्ती है**

भारत में घरेलू LPG की कीमत कई पड़ोसी देशों की तुलना में कम है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत ₹942 है, जबकि पाकिस्तान में इसकी कीमत ₹1,046, नेपाल में ₹1,207, बांग्लादेश में ₹1,225 और श्रीलंका में ₹1,241 है।

शहर घरेलू सिलेंडर नई कीमत कमर्शियल सिलेंडर कीमत
दिल्ली ₹942.0 ₹3071.5
मुंबई ₹941.5 ₹3024.0
कोलकाता ₹968.0 ₹3202.5
चेन्नई ₹957.5 ₹3237.0
बेंगलुरु ₹944.5 ₹3152.0
अमृतसर ₹983.0 ₹3178.0
चंडीगढ़ ₹951.5 ₹3092.5
भोपाल ₹947.5 ₹3077.0
भुवनेश्वर ₹968.0 ₹3238.5

**सस्ते सिलेंडर कैसे पाएं?**

सरकार के अनुसार, उज्ज्वला योजना के तहत 10.58 करोड़ से ज़्यादा लाभार्थी हैं, जिन्हें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए प्रति सिलेंडर ₹300 की सब्सिडी मिलती है। इसका मकसद गरीब और मध्यम आय वाले परिवारों पर बढ़ती महंगाई का बोझ कम करना है।

**सप्लाई कॉस्ट ₹1,600 से ज़्यादा**

सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की सप्लाई कॉस्ट अब ₹1,600 से ज़्यादा हो गई है। हालांकि, दिल्ली में आम उपभोक्ता यह सिलेंडर ₹942 में खरीद रहे हैं। इसका मतलब है कि उन्हें असल कीमत के मुकाबले लगभग ₹658 का फ़ायदा मिल रहा है। वहीं, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी के बाद यही सिलेंडर लगभग ₹642 में मिलता है, जिससे उन्हें सप्लाई कॉस्ट के मुकाबले लगभग ₹958 का फ़ायदा होता है।

**LPG की कीमत क्यों बढ़ रही है?**

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में LPG की कीमत में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। फरवरी 2026 में, सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस - जिसे ग्लोबल LPG कीमतों के लिए मुख्य बेंचमार्क माना जाता है - $542.5 प्रति टन था। जून तक यह बढ़कर $790 प्रति टन हो गया। यह सिर्फ़ चार महीनों में लगभग 46% की बढ़ोतरी को दर्शाता है।