☰
×

एलआईसी 'जीवन उत्सव' योजना: सीमित प्रीमियम भुगतान के साथ आजीवन रिटर्न का मौका, जानें कौन और कैसे उठा सकता है इसका लाभ

 

रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी की चिंता दूर करने के लिए लोग अलग-अलग निवेश विकल्प तलाशते हैं। ऐसे में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की जीवन उत्सव पॉलिसी एक विकल्प हो सकती है। इस योजना में पॉलिसीधारक अपनी जरूरत के अनुसार प्रीमियम भुगतान की अवधि और इनकम का विकल्प चुन सकते हैं।

LIC Jeevan Utsav एक नॉन-लिंक्ड और नॉन-पार्टिसिपेटिंग व्यक्तिगत जीवन बीमा योजना है। इसका मतलब है कि इसके लाभ शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव या कंपनी के मुनाफे में हिस्सेदारी पर आधारित नहीं होते। हालांकि, पॉलिसी खरीदने से पहले इसके नियम, शर्तें और वास्तविक रिटर्न समझना जरूरी है।

5 से 16 साल तक प्रीमियम भरने का विकल्प

इस पॉलिसी में प्रीमियम भुगतान की अवधि 5 साल से लेकर 16 साल तक चुनी जा सकती है। दी गई जानकारी के अनुसार, न्यूनतम बेसिक सम एश्योर्ड 5 लाख रुपये है।

उदाहरण के तौर पर, यदि 30 साल का कोई व्यक्ति 5 लाख रुपये का बेसिक सम एश्योर्ड चुनता है, तो अलग-अलग प्रीमियम भुगतान अवधि में सालाना प्रीमियम इस प्रकार हो सकता है:

प्रीमियम भुगतान अवधि अनुमानित सालाना प्रीमियम
5 साल ₹1,10,150
8 साल ₹72,600
12 साल ₹44,275
16 साल ₹30,025

ये आंकड़े दिए गए उदाहरण पर आधारित हैं। वास्तविक प्रीमियम उम्र, चुने गए विकल्प और पॉलिसी की शर्तों के अनुसार अलग हो सकता है। पॉलिसी लेने से पहले LIC से आधिकारिक कोटेशन जरूर लें।

₹5 लाख के सम एश्योर्ड पर सालाना ₹50,000 की इनकम?

LIC जीवन उत्सव में रेगुलर इनकम बेनिफिट का विकल्प उपलब्ध है। दिए गए विवरण के अनुसार, इस विकल्प में सालाना इनकम बेसिक सम एश्योर्ड की 10 फीसदी होती है।उदाहरण के लिए, यदि बेसिक सम एश्योर्ड 5 लाख रुपये है, तो सालाना इनकम 50,000 रुपये बनती है। पांच साल की प्रीमियम भुगतान अवधि चुनने पर यह इनकम पॉलिसी के 11वें साल से शुरू हो सकती है और योजना की शर्तों के अनुसार जीवनभर मिल सकती है।

ध्यान रखें: सालाना 50,000 रुपये की इनकम का मतलब यह नहीं है कि निवेश पर हर साल 10 फीसदी रिटर्न मिल रहा है। वास्तविक रिटर्न का आकलन कुल जमा प्रीमियम, भुगतान की तारीखों और मिलने वाले सभी लाभों को ध्यान में रखकर करना चाहिए।

प्रीमियम भरने के दौरान गारंटीड एडिशंस

इस योजना में पॉलिसी की शर्तों के अनुसार, प्रीमियम भुगतान अवधि के दौरान गारंटीड एडिशंस भी जुड़ते हैं। दिए गए विवरण के मुताबिक, प्रत्येक पात्र वर्ष में हर 1,000 रुपये के बेसिक सम एश्योर्ड पर 40 रुपये का एडिशन मिलता है।

इस हिसाब से 5 लाख रुपये के बेसिक सम एश्योर्ड पर एक पात्र वर्ष के लिए गारंटीड एडिशन की गणना 20,000 रुपये होती है। हालांकि, यह राशि मिलने की पात्रता और कुल एडिशंस पॉलिसी की शर्तों तथा प्रीमियम भुगतान अवधि पर निर्भर करेंगे।

इनकम तुरंत नहीं चाहिए तो चुन सकते हैं फ्लेक्सी इनकम विकल्प

LIC जीवन उत्सव में फ्लेक्सी इनकम बेनिफिट का विकल्प भी बताया गया है। इसके तहत पॉलिसीधारक पात्र इनकम को तुरंत लेने के बजाय भविष्य के लिए टाल सकता है।

दिए गए विवरण के अनुसार, टाली गई इनकम पर सालाना 5.5 फीसदी की दर से ब्याज मिल सकता है। यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें शुरुआत में नियमित इनकम की जरूरत नहीं है और वे भविष्य के लिए राशि जमा रखना चाहते हैं।

इस ब्याज दर और सुविधा की वर्तमान उपलब्धता की पुष्टि पॉलिसी के नवीनतम नियमों से जरूर करें।

पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर नॉमिनी को क्या मिलेगा?

पॉलिसी चालू रहने के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर नॉमिनी को योजना की शर्तों के अनुसार डेथ बेनिफिट दिया जाता है। इसकी गणना लागू सम एश्योर्ड, गारंटीड एडिशंस और पॉलिसी में निर्धारित अन्य नियमों के आधार पर होती है।

डेथ बेनिफिट की वास्तविक राशि जानने के लिए पॉलिसी का आधिकारिक ब्रोशर और दस्तावेज देखना जरूरी है।

पॉलिसी पर लोन और टैक्स लाभ की सुविधा

इस योजना में पात्रता और निर्धारित शर्तों के अनुसार लोन की सुविधा भी मिल सकती है। लोन की राशि, ब्याज दर और भुगतान से जुड़े नियम पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करेंगे। इसके अलावा, अतिरिक्त बीमा सुरक्षा के लिए पात्र ऑप्शनल राइडर्स चुनने का विकल्प भी उपलब्ध हो सकता है।

टैक्स लाभ की बात करें तो प्रीमियम और मिलने वाले लाभों पर आयकर अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत छूट मिल सकती है। हालांकि, धारा 80C और 10(10D) के लाभ पॉलिसी जारी होने की तारीख, लागू टैक्स नियमों और पात्रता की शर्तों पर निर्भर करते हैं। इसलिए टैक्स लाभ को निश्चित मानकर निवेश करने से पहले किसी योग्य टैक्स विशेषज्ञ से सलाह लें।

LIC जीवन उत्सव पॉलिसी लेने से पहले इन बातों पर दें ध्यान

  • अपनी आमदनी और खर्च के अनुसार प्रीमियम भुगतान अवधि चुनें।

  • पॉलिसी की अवधि, इनकम शुरू होने का समय और गारंटीड लाभ लिखित दस्तावेज में जांचें।

  • केवल सालाना इनकम की रकम देखकर रिटर्न का फैसला न करें।

  • समय से पहले पॉलिसी बंद करने पर मिलने वाली राशि और संभावित नुकसान समझें।

  • जीवन बीमा और रिटायरमेंट निवेश की जरूरतों का अलग-अलग आकलन करें।