केरल शराब बिक्री रिकॉर्ड: ओणम उत्सव के दौरान 770 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार, जानिए पूरा हिसाब-किताब
केरल में ओणम के त्योहार के दौरान शराब की बिक्री ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 10 दिनों तक चलने वाले इस प्रमुख त्योहार के दौरान राज्य में पहले 8 दिनों में ही 771 करोड़ रुपये से ज्यादा की शराब बिक चुकी है। केरल स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन (BEVCo) के आंकड़ों के मुताबिक, 25 अगस्त तक BEVCo के आउटलेट्स के जरिए कुल 771.29 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई।
पिछले साल का रिकॉर्ड भी टूटा
ओणम के दौरान शराब की बिक्री में इस साल जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। खास बात यह है कि 771 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री सिर्फ 8 दिनों की है, जबकि त्योहार के दो दिन के आंकड़े अभी जुड़ने बाकी हैं।
पिछले साल इसी अवधि में BEVCo के आउटलेट्स से 694.96 करोड़ रुपये की शराब बिकी थी। इस तरह इस साल अब तक की बिक्री पिछले साल के आंकड़े से काफी आगे निकल चुकी है।
वहीं, आबकारी विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि ओणम के पूरे 10 दिनों की बिक्री का आंकड़ा सामने आने के बाद यह पिछले साल के कुल बिक्री रिकॉर्ड को भी पार कर सकता है। साल 2025 में ओणम सीजन के दौरान BEVCo ने कुल 826.38 करोड़ रुपये की शराब बेची थी।
शराब पीने वालों पर औसतन 1,285 से 1,542 रुपये का खर्च
केरल की अनुमानित आबादी करीब 4.83 करोड़ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य में करीब 50 से 60 लाख लोग शराब का सेवन करते हैं।
अगर 771.29 करोड़ रुपये की बिक्री को शराब पीने वाले 50 लाख लोगों के बीच बांटा जाए, तो प्रति व्यक्ति खर्च करीब 1,542 रुपये बैठता है। वहीं, 60 लाख लोगों के हिसाब से यह राशि करीब 1,285 रुपये प्रति व्यक्ति आती है।
यानी शुरुआती 8 दिनों के आंकड़ों के आधार पर शराब का सेवन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर औसतन करीब 1,285 से 1,542 रुपये तक की शराब की बिक्री का अनुमान लगाया जा सकता है।
एक दिन में बिकी 126 करोड़ रुपये की शराब
25 अगस्त को मनाए गए 'उथरादम' के दिन भी शराब की बिक्री काफी ज्यादा रही। तिरुवोणम से पहले इस दिन को खरीदारी के सबसे व्यस्त दिनों में माना जाता है। BEVCo के आउटलेट्स पर इस दिन करीब 126.31 करोड़ रुपये की शराब बिकी।
हालांकि, यह आंकड़ा पिछले साल के उथरादम दिवस की बिक्री से कम रहा। पिछले साल इसी दिन करीब 137.64 करोड़ रुपये की शराब बेची गई थी।
BEVCo केरल सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी है, जो राज्य में इंडियन मेड फॉरेन लिकर, बीयर, वाइन और अन्य मादक पेय पदार्थों की खरीद, वितरण और बिक्री का काम करती है।