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Jio Platforms Listing: आज शेयर बाजार में होगी एंट्री, GMP से 22% कमाई की उम्मीद; जानें निवेशकों को क्या करना चाहिए

 

जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग बुधवार, 28 अक्टूबर को होने जा रही है। IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों की नजर अब कंपनी की लिस्टिंग पर टिकी है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के संकेतों के मुताबिक, शेयर की मजबूत शुरुआत हो सकती है और निवेशकों को करीब 22 प्रतिशत तक का लिस्टिंग गेन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, ग्रे मार्केट के अनुमान की कोई गारंटी नहीं होती और वास्तविक लिस्टिंग कीमत इससे अलग हो सकती है।

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, IPO का अपर प्राइस बैंड 1,119 रुपये था, जबकि ग्रे मार्केट में शेयर करीब 1,363 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इस हिसाब से प्रति शेयर 244 रुपये का प्रीमियम बनता है। यदि किसी निवेशक को एक लॉट में 12 शेयर मिले हैं, तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत पर संभावित मुनाफा करीब 2,928 रुपये हो सकता है। यह केवल ग्रे मार्केट पर आधारित अनुमान है, इसमें टैक्स और अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं।

अलॉटमेंट के बाद निवेशकों के खाते में पहुंचे शेयर

IPO में शेयर आवंटित होने वाले निवेशकों के डीमैट खातों में 27 अक्टूबर को शेयर क्रेडिट किए जाने की जानकारी दी गई थी। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिले, उन्हें रिफंड की प्रक्रिया पूरी किए जाने की बात कही गई।

लिस्टिंग के बाद निवेशक बाजार में उपलब्ध कीमत पर शेयर खरीद या बेच सकेंगे। हालांकि, कारोबार शुरू होने के बाद शेयर का भाव मांग, आपूर्ति और बाजार के रुख के आधार पर तेजी से बदल सकता है।

20 से 25% प्रीमियम पर लिस्टिंग की उम्मीद

मीडिया रिपोर्ट्स में बाजार विशेषज्ञों के हवाले से जियो प्लेटफॉर्म्स की मजबूत लिस्टिंग की उम्मीद जताई गई है। कंपनी के IPO को मिले अच्छे सब्सक्रिप्शन और डिजिटल सेवाओं तथा 5G बाजार में उसकी मौजूदगी को इसके प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है।

हालांकि, लिस्टिंग से पहले लगाए गए अनुमान वास्तविक बाजार प्रदर्शन की गारंटी नहीं देते। शेयर की शुरुआत उम्मीद से कम कीमत पर भी हो सकती है और लिस्टिंग के बाद उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।

शेयर बेचें या लंबे समय तक रखें?

निवेशकों की रणनीति उनके निवेश के उद्देश्य और जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर करती है।

  • लिस्टिंग गेन के लिए निवेश करने वाले: लिस्टिंग के समय मिलने वाले वास्तविक भाव, संभावित मुनाफे और जोखिम का आकलन करके फैसला ले सकते हैं।
  • लंबी अवधि के निवेशक: कंपनी की कमाई, कारोबार की वृद्धि, प्रतिस्पर्धा और शेयर के मूल्यांकन को देखकर निवेश बनाए रखने पर विचार कर सकते हैं।
  • नए निवेशक: केवल GMP या बाजार की चर्चाओं के आधार पर जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचें। शेयर की कीमत और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन का आकलन करना जरूरी है।

कुछ बाजार अनुमानों में शेयर के भविष्य में 1,500 से 1,800 रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। लेकिन यह लक्ष्य सुनिश्चित नहीं है और इसे निवेश की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।

IPO को मिला 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन

दिए गए NSE आंकड़ों के अनुसार, 21 से 23 अक्टूबर के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ था। अलग-अलग निवेशक श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन इस प्रकार रहा:

निवेशक श्रेणी

सब्सक्रिप्शन

QIB यानी संस्थागत निवेशक

70.55 गुना

NII यानी गैर-संस्थागत निवेशक

14.00 गुना

रिटेल निवेशक

2.72 गुना

कुल सब्सक्रिप्शन

22.19 गुना

संस्थागत निवेशकों की ओर से मजबूत मांग IPO के प्रति बाजार की दिलचस्पी दिखाती है। हालांकि, ज्यादा सब्सक्रिप्शन होने का मतलब यह नहीं है कि लिस्टिंग के बाद शेयर का भाव निश्चित रूप से बढ़ेगा।

जियो बन सकती है देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी

ग्रे मार्केट में बताए गए 1,363 रुपये के भाव के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का अनुमानित बाजार पूंजीकरण करीब 12.61 लाख करोड़ रुपये बताया गया है। यदि लिस्टिंग के समय शेयर इसी स्तर के आसपास कारोबार करता है, तो कंपनी बाजार पूंजीकरण के मामले में भारती एयरटेल को पीछे छोड़ सकती है।

दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण करीब 12.35 लाख करोड़ रुपये था। जियो की अनुमानित वैल्यूएशन इससे लगभग 25,700 करोड़ रुपये अधिक बैठती है। हालांकि, वास्तविक रैंकिंग लिस्टिंग के भाव, शेयरों की संख्या और संबंधित कंपनियों के बाजार मूल्य में बदलाव पर निर्भर करेगी।

टॉप-5 कंपनियों की सूची में हो सकता है बदलाव

ग्रे मार्केट के अनुमान सही साबित होने पर देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में जियो प्लेटफॉर्म्स की एंट्री बड़ा बदलाव ला सकती है। उपलब्ध अनुमानों के आधार पर संभावित सूची इस प्रकार बताई गई है:

  1. रिलायंस इंडस्ट्रीज — लगभग 16.19 लाख करोड़ रुपये
  2. जियो प्लेटफॉर्म्स — लगभग 161 लाख करोड़ रुपये
  3. भारती एयरटेल — लगभग 12.35 लाख करोड़ रुपये
  4. HDFC बैंक — लगभग 10.49 लाख करोड़ रुपये
  5. ICICI बैंक — लगभग 9.96 लाख करोड़ रुपये

ये आंकड़े अनुमानित हैं और वास्तविक बाजार पूंजीकरण से अलग हो सकते हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग से निवेशकों को कंपनी के बाजार मूल्य का वास्तविक संकेत मिलेगा। ऐसे में निवेश का फैसला करते समय केवल संभावित लिस्टिंग गेन के बजाय कंपनी की वित्तीय स्थिति, मूल्यांकन और अपने जोखिम को भी ध्यान में रखना चाहिए।